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बहजोई में रेलवे के आवासों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
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बहजोई। स्थानीय रेलवे के आवासों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। आवासों में रहने वाले रेलकर्मियों को शुद्ध पेयजल के लिए पाइप लाइन व ओवर हेड टैंक नहीं है। पुराने हैंडपंपों के सहारे ही रेलकर्मियों को पानी की उपलब्धता होती है।
बहजोई रेलवे स्टेशन परिसर में कुल 26 आवास हैं। इनमें 17 आवास रेलवे स्टेशन मास्टर व दूसरे ऑपरेटिंग डिपार्टमेंट के तथा 9 आवास इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के हैं। ऑपरेटिंग में टाइप वन के 12 आवास व टाइप टू के 5 आवास हैं। वहीं इंजीनियंरिंग में टाइप वन के 6 तथा टाइप टू 3 आवास बने हैं। अब खास बात यह है कि इन आवासों में निवास कर रहे रेलकर्मियों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए रेलवे की ओर से कोई खासी पहल नहीं की जा रही है। न तो पाइप लाइन ही है और न ही ओवर हेड टैंक बना है, जिससे कि रेलकर्मियों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो सके। वहीं पुराने हैंडपंप से रेलकर्मियों को पानी की आपूर्ति होती है। इसके अलावा दूसरी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। स्टेशन अधीक्षक प्रेमराज मीणा का कहना है कि आवासों में पानी की आपूर्ति को लेकर हैंडपंप लगे हैं। हैंडपंपों के पानी की नियमित जांच समेत पेयजल के लिए पाइप लाइन व ओवर हेड टैंक समेत दूसरी मूलभूत सुविधाओं को लेकर उच्चाधिकारियों का पत्र भेजा जाएगा।
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बहजोई रेलवे स्टेशन परिसर में कुल 26 आवास हैं। इनमें 17 आवास रेलवे स्टेशन मास्टर व दूसरे ऑपरेटिंग डिपार्टमेंट के तथा 9 आवास इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के हैं। ऑपरेटिंग में टाइप वन के 12 आवास व टाइप टू के 5 आवास हैं। वहीं इंजीनियंरिंग में टाइप वन के 6 तथा टाइप टू 3 आवास बने हैं। अब खास बात यह है कि इन आवासों में निवास कर रहे रेलकर्मियों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए रेलवे की ओर से कोई खासी पहल नहीं की जा रही है। न तो पाइप लाइन ही है और न ही ओवर हेड टैंक बना है, जिससे कि रेलकर्मियों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो सके। वहीं पुराने हैंडपंप से रेलकर्मियों को पानी की आपूर्ति होती है। इसके अलावा दूसरी मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। स्टेशन अधीक्षक प्रेमराज मीणा का कहना है कि आवासों में पानी की आपूर्ति को लेकर हैंडपंप लगे हैं। हैंडपंपों के पानी की नियमित जांच समेत पेयजल के लिए पाइप लाइन व ओवर हेड टैंक समेत दूसरी मूलभूत सुविधाओं को लेकर उच्चाधिकारियों का पत्र भेजा जाएगा।
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