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40 मिनट में मौत को हराकर मजदूरों ने पाई नई जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Mon, 01 Jan 2018 01:31 AM IST
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संभल के असमोली स्थित डीएसएम शुगर मिल में शनिवार रात बड़ा हादसा हुआ। यहां पर काम करने वाले तीन मजदूरों पर मिल के अंदर रखी गई चीनी की सैकड़ों बोरियों का चट्टा गिर गया, वह 40 मिनट तक बोरियों के नीचे दबे रहे। इस दौरान मिल बंद कर सभी कर्मचारियों ने मिलकर चीनी की बोरियों को मजदूरों के ऊपर से हटाया।
बोरियों के नीचे दबने के कारण मजदूर बेसुध हो गए, उनको उपचार के लिए मुरादाबाद स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, जबकि एक का अभी उपचार चल रहा है। उसकी हालत में सुधार है।
संभल के मवई ठाकरान निवासी सुनील सिंह (27) ने बताया कि वह असमोली शुगर मिल में नौकरी करते हैं। शनिवार रात को तीन बजे के करीब वह अपने साथी जगवीर व बशीर के साथ शुगर मिल में बैठेे थे। बगल में चीनी की बोरियों का चट्टा लगाया जा रहा था, मशीन के जरिए काम किया जा रहा था। इस दौरान बोरियों का बैलेंस बिगड़ गया।
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चीनी की बोरियां तीनों मजदूरों के ऊपर गिरने लगी। वह तीनों जब तक कुछ समझ पाते तब तक सैकड़ों बोरियां उनके ऊपर गिर गई थी। उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई, अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो तीनाें मजदूर बोरियों के नीचे दबे मिले। इस दौरान शुगर मिल बंद कर दी गई और सभी कर्र्मचारी चीनी की बोरियों को मजदूरों के ऊपर से हटाने में जुट गए। करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद बोरियों को हटाकर तीनों मजदूरों की जान बचाई जा सकी। इस दौरान तीनों मजदूर बेसुध हो गए थे। उनको उपचार के लिए मुरादाबाद के दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुनील ने बताया कि बोरियों के नीचे दबने पर उन्हें मौत का डर सताने लगा, हालांकि साथी कर्मचारियों ने उनकी हिम्मत नहीं टूटने दी। मिल के कर्मचारियों की मेहनत की वजह से ही सुनील, जगवीर सहित तीनों मजदूरों की जान बच सकी है। सुनील का अभी अस्पताल में उपचार चल रहा है, उनकी हालत में सुधार है। जगवीर और बशीर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
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बोरियों के नीचे दबने के कारण मजदूर बेसुध हो गए, उनको उपचार के लिए मुरादाबाद स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, जबकि एक का अभी उपचार चल रहा है। उसकी हालत में सुधार है।
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संभल के मवई ठाकरान निवासी सुनील सिंह (27) ने बताया कि वह असमोली शुगर मिल में नौकरी करते हैं। शनिवार रात को तीन बजे के करीब वह अपने साथी जगवीर व बशीर के साथ शुगर मिल में बैठेे थे। बगल में चीनी की बोरियों का चट्टा लगाया जा रहा था, मशीन के जरिए काम किया जा रहा था। इस दौरान बोरियों का बैलेंस बिगड़ गया।
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चीनी की बोरियां तीनों मजदूरों के ऊपर गिरने लगी। वह तीनों जब तक कुछ समझ पाते तब तक सैकड़ों बोरियां उनके ऊपर गिर गई थी। उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई, अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो तीनाें मजदूर बोरियों के नीचे दबे मिले। इस दौरान शुगर मिल बंद कर दी गई और सभी कर्र्मचारी चीनी की बोरियों को मजदूरों के ऊपर से हटाने में जुट गए। करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद बोरियों को हटाकर तीनों मजदूरों की जान बचाई जा सकी। इस दौरान तीनों मजदूर बेसुध हो गए थे। उनको उपचार के लिए मुरादाबाद के दिल्ली रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सुनील ने बताया कि बोरियों के नीचे दबने पर उन्हें मौत का डर सताने लगा, हालांकि साथी कर्मचारियों ने उनकी हिम्मत नहीं टूटने दी। मिल के कर्मचारियों की मेहनत की वजह से ही सुनील, जगवीर सहित तीनों मजदूरों की जान बच सकी है। सुनील का अभी अस्पताल में उपचार चल रहा है, उनकी हालत में सुधार है। जगवीर और बशीर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।