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जरूरत सबको, इसलिए लिफाफे नहीं लेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Sat, 03 Dec 2016 05:29 PM IST
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4.7 करोड़ के 2000 रुपये के नोट बरामद
- फोटो : ANI
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इस सबके विपरीत चंदौसी में गुरुवार को अनोखी शादी हुई। शादी समारोह में नकदी की समस्या को दूर करने के लिए दुल्हन के पिता ने ऐसी सराहनीय पहल की जिसे सुनकर दिन भर चर्चा होती रही।
नगर के गोलागंज निवासी शिक्षक सूर्यकांत पाठक की बेटी ज्योति की गुरुवार को शादी थी। शादी समारोह का इंतजाम सीता रोड स्थित बैंकवेंट हॉल में हुआ था। सूर्यकांत पाठक ने नोटबंदी के बाद नकदी की समस्या को देखते हुए शादी समारोह में आए मेहमानों से उपहार में दिए जाने वाले लिफाफे लेने से इंकार कर दिया। सूर्यकांत पाठक के इस निर्णय पर रिश्तेदारों ने आपत्ति भी की। उन्होंने कहा कि बेटी की शादी में बिना दान किए भोजन करना अच्छा नहीं माना जाता है।
बड़ी मुश्किल से लड़की के पिता ने रिश्तेदारों को समझाया। उन्हें बताया कि आशीर्वाद ही काफी है। नोटबंदी के दौर में सभी को खुले पैसे की जरूरत है। कई लोग 500 और उससे अधिक रुपये खुले रूप में दे रहे हैं। बेटी की शादी की सभी व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। कोई समस्या नहीं है। ऐसे में लिफाफे देने की जरूरत नहीं है। बस आशीर्वाद ही दें। उनके इस निर्णय के आगे रिश्तेदारों को झुकना पड़ा। मेहमानों ने उनके इस निर्णय की काफी सराहना की।
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नगर के गोलागंज निवासी शिक्षक सूर्यकांत पाठक की बेटी ज्योति की गुरुवार को शादी थी। शादी समारोह का इंतजाम सीता रोड स्थित बैंकवेंट हॉल में हुआ था। सूर्यकांत पाठक ने नोटबंदी के बाद नकदी की समस्या को देखते हुए शादी समारोह में आए मेहमानों से उपहार में दिए जाने वाले लिफाफे लेने से इंकार कर दिया। सूर्यकांत पाठक के इस निर्णय पर रिश्तेदारों ने आपत्ति भी की। उन्होंने कहा कि बेटी की शादी में बिना दान किए भोजन करना अच्छा नहीं माना जाता है।
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बड़ी मुश्किल से लड़की के पिता ने रिश्तेदारों को समझाया। उन्हें बताया कि आशीर्वाद ही काफी है। नोटबंदी के दौर में सभी को खुले पैसे की जरूरत है। कई लोग 500 और उससे अधिक रुपये खुले रूप में दे रहे हैं। बेटी की शादी की सभी व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। कोई समस्या नहीं है। ऐसे में लिफाफे देने की जरूरत नहीं है। बस आशीर्वाद ही दें। उनके इस निर्णय के आगे रिश्तेदारों को झुकना पड़ा। मेहमानों ने उनके इस निर्णय की काफी सराहना की।
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