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जल जीवन मिशन को 256 करोड़ से मिलेगी गति, 104 ग्राम पंचायतों में होगी पेय जलापूर्ति
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संभल। केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत जिले की 104 ग्राम पंचायतों के लिए शासन से 256 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। हालांकि जल निगम ने काम पहले ही शुरू कर दिया था, अब तक सात गांवों में नलकूप हो चुके हैं। 256 करोड़ रुपये से घर-घर शुद्ध पानी पहुंचाने की मुहिम में तेजी आएगी। दो करोड़ रुपये ग्राम पंचायत में खर्च किए जाने हैं। यदि आबादी ज्यादा है तो पांच करोड़ तक खर्च किए जा सकेंगे।
बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ पानी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। हैंडपंप आदि भी लगाए गए हैं। संभल जिले के सिंहपुरसानी, असमोली, सुनवारी, लखौरी जलालपुर, शफातनगर समेत कई क्षेत्रों में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड की मात्रा पानी में बढ़ने से लोगों को तमाम तरह की बीमारियां भी होने लगी हैं। ऐसे में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरूआत की थी। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से पेयजल टंकियां स्थापित कर घर-घर पानी पहुंचाना है।
पहले चरण में संभल जिले के तीन सौ ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक का निर्माण और पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति का काम होना है। 300 ग्राम पंचायतों में से 260 ग्राम पंचायतों में जमीन का चयन हो चुका है। इसमें से 104 ग्राम पंचायतों में पेयजल योजना के तहत निर्माण के लिए 256 करोड़ स्वीकृत हो गए हैं। जल निगम की अधिशासी अभियंता आकांक्षा सिंह का कहना है कि जल जीवन मिशन पर काम चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की ओर से एक एजेंसी को दी गई है। जल निगम केवल मिशन के तहत चल रहे कार्यों की निगरानी करता है। संभल जिले में 104 प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल चुकी है। जिससे 157 गांव कवर होंगे।
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बिजली हो या न हो, सौर ऊर्जा से चलेगा नलकूप
संभल। बिजली न होने पर भी नलकूप चलेगा। क्योंकि यह सौर ऊर्जा आधारित होगा। बिजली की समस्या से निपटने के लिए सौर ऊर्जा आधारित नलकूप लगाए जा रहे हैं। अधिशासी अभियंता आकांक्षा सिंह बताती हैं कि बिजली हो या न हो, इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि नलकूप सौर ऊर्जा से चलेगा और पानी ओवरहेड टैंक में स्टोर होता रहेगा। जिसकी समय-समय पर लोगों को आपूर्ति होगी।
जल जीवन मिशन के तहत संभल जिले में पहले चरण में 25 ग्राम पंचायतों में काम होगा। अभी तक सात गांवों में नलकूप लग चुके हैं, सिर्फ पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति होनी बाकी है। दो करोड़ रुपये की लागत से एक ग्राम पंचायत में पेयजल योजना का निर्माण कार्य पूरा होगा। शासन ने हाल ही में 256 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। जिले की 300 ग्राम पंचायतों में पेयजल योजना के तहत निर्माण कार्य होंगे।
आकांक्षा सिंह, एक्सईएन, जल निगम, अमरोहा/संभल
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बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ पानी की समस्या भी बढ़ती जा रही है। हैंडपंप आदि भी लगाए गए हैं। संभल जिले के सिंहपुरसानी, असमोली, सुनवारी, लखौरी जलालपुर, शफातनगर समेत कई क्षेत्रों में आर्सेनिक, आयरन और फ्लोराइड की मात्रा पानी में बढ़ने से लोगों को तमाम तरह की बीमारियां भी होने लगी हैं। ऐसे में लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के लिए अगस्त 2019 में केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन की शुरूआत की थी। इसके तहत सभी ग्राम पंचायतों में आबादी के हिसाब से पेयजल टंकियां स्थापित कर घर-घर पानी पहुंचाना है।
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पहले चरण में संभल जिले के तीन सौ ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक का निर्माण और पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति का काम होना है। 300 ग्राम पंचायतों में से 260 ग्राम पंचायतों में जमीन का चयन हो चुका है। इसमें से 104 ग्राम पंचायतों में पेयजल योजना के तहत निर्माण के लिए 256 करोड़ स्वीकृत हो गए हैं। जल निगम की अधिशासी अभियंता आकांक्षा सिंह का कहना है कि जल जीवन मिशन पर काम चल रहा है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की ओर से एक एजेंसी को दी गई है। जल निगम केवल मिशन के तहत चल रहे कार्यों की निगरानी करता है। संभल जिले में 104 प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल चुकी है। जिससे 157 गांव कवर होंगे।
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बिजली हो या न हो, सौर ऊर्जा से चलेगा नलकूप
संभल। बिजली न होने पर भी नलकूप चलेगा। क्योंकि यह सौर ऊर्जा आधारित होगा। बिजली की समस्या से निपटने के लिए सौर ऊर्जा आधारित नलकूप लगाए जा रहे हैं। अधिशासी अभियंता आकांक्षा सिंह बताती हैं कि बिजली हो या न हो, इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि नलकूप सौर ऊर्जा से चलेगा और पानी ओवरहेड टैंक में स्टोर होता रहेगा। जिसकी समय-समय पर लोगों को आपूर्ति होगी।
जल जीवन मिशन के तहत संभल जिले में पहले चरण में 25 ग्राम पंचायतों में काम होगा। अभी तक सात गांवों में नलकूप लग चुके हैं, सिर्फ पाइपलाइन बिछाकर जलापूर्ति होनी बाकी है। दो करोड़ रुपये की लागत से एक ग्राम पंचायत में पेयजल योजना का निर्माण कार्य पूरा होगा। शासन ने हाल ही में 256 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। जिले की 300 ग्राम पंचायतों में पेयजल योजना के तहत निर्माण कार्य होंगे।
आकांक्षा सिंह, एक्सईएन, जल निगम, अमरोहा/संभल