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जगदगुरु राजराजेश्वराश्रम बोले: अल्पसंख्यकों के विशेषाधिकार हों समाप्त, सभी को मिले समान अधिकार

Sat, 29 Oct 2022 03:35 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, चंदौसी (संभल)
संवाद न्यूज एजेंसी, चंदौसी (संभल) Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 29 Oct 2022 03:35 PM IST
सार

चंदौसी के वीनस शुगर मिल मझावली के पेराई सत्र का शुभारंभ कराने के लिए जगदगुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि एक देश, एक कानून, एक संविधान, एक प्रधान, एक समान अधिकार होना चाहिए। इसमें विद्वेषता की कोई बात नहीं है।

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Jagadguru Rajarajeshwarashram Maharaj said that privileges of minorities should end
जगदगुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि समान नागरिक आचार संहिता बननी चाहिए। जब तक यह संहिता नहीं बनेगी, देश की मूलभूत समस्या किसी दल के सत्ता परिवर्तन से हल होने वाली नहीं है। देश की संवैधानिक स्थिति में अल्पसंख्यकों को विशेषाधिकार मिले हुए हैं। उनको समाप्त करके सबको बराबर के अधिकार मिलने चाहिए। अधिकारों की जो मर्यादा है, उन्हें एक ही स्तर पर आना चाहिए। 

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चंदौसी के वीनस शुगर मिल मझावली के पेराई सत्र का शुभारंभ कराने के दौरान जगदगुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम जी महाराज ने कहा कि एक देश, एक कानून, एक संविधान, एक प्रधान, एक समान अधिकार होना चाहिए। इसमें विद्वेषता की कोई बात नहीं है। जो इस देश में पैदा हुआ है, वह इस देश का नागरिक है। भले की उसकी उपासना का तरीका अलग-अलग हो। हमें उपासना पद्धति से कोई एतराज नहीं है। सब अपनी-अपनी पूजा करें, लेकिन अल्पसंख्यकों को जो विशेषाधिकार हैं, उसे समाप्त किया जाना चाहिए और समान अधिकार मिलने चाहिए।

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भगवान बुद्ध को लेकर भी चर्चा चल रह है कि लोग बौद्ध हो रहे हैं। हमने श्रीराम, श्रीकृष्ण सहित 24 अवतार मानें हैं, भगवान बुद्ध को भी हमने उन 24 में से ही एक अवतार माना है। इसलिए भगवान बुद्ध सनातन परंपरा से अलग नहीं हैं बुद्ध भी सनातन हिंदू शाश्वत परंपरा के ही अंग हैं। इसलिए उनको अलग करके देखना, इस देश की एकता को तोड़ने वाली बात है। देश में समान नागरिकता संहिता के साथ ही जनसंख्या नियंत्रण पर भी सख्त कानून बनाए जाने की आवश्यकता है। क्योंकि जिस तरह से जनसंख्या बढ़ रही है और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है, अब प्रकृति उसे वहन नहीं कर पा रही है। इस कारण समाज में विद्वेष की घटनाएं बढ़ रही हैं।

उत्तराखंड के सीएम पुष्कम धामी ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए मैं उनको विशेष आशीर्वाद दूंगा ये इस देश के लिए होना अति आवश्यक है। विकास कार्यो के सापेक्ष अयोध्या में तेजी से श्रीराम मंदिर निर्माण होने के सवाल पर जगदगुरु शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि सरकार के विकास कार्य तेजी से हो अथवा सरक-सरक के, हम तो संयासी बाबा हैं। हमें तो श्रीराम मंदिर का निर्माण जल्द-जल्द पूरा चाहिए। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी द्वारा पीएम मोदी को भगवान का अवतार बताने के सवाल पर महाराज ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विषय हैं। इस पर मैं कुछ नहीं कहूंगा।

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