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जिले में बुखार का प्रकोप जारी, डेंगू से तीन और मौंतें
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संभल/ओबरी। जिले में बुखार का प्रकोप जारी है। डेंगू बुखार से गांव किसौली, मतावली पट्टी परशुराम और संभल के मोहल्ला बरेली सराय में एक-एक मौत हुई हैैैै। इससे दहशत का माहौल है। किसौली में गुस्साए ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर बुखार से निजात दिलाने की मांग उठाई है।
पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव किसौली में डेंगू बुखार का प्रकोप काफी दिनों से जारी है। गांव निवासी रनवीर सिंह के 18 वर्षीय बेटे रमन यादव की बुखार के चलते मौत हो गई है। परिजनों के अनुसार युवक को डेंगू बुखार ने अपनी चपेट में लिया था और निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। सोमवार की देर रात उपचार के दौरान ही मौत हुई। इस गांव मं काफी संख्या में बीमार लोग हैं। जो ज्यादातर बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में करीब 200 लोग बुखार से पीड़ित हैं। झोलाछाप चिकित्सकों से ही उपचार कराया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा यह भी है कि इस गांव में 20 दिनों के भीतर 11 लोगों की डेंगू बुखार से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 28 और 30 अक्तूबर को शिविर लगाया गया था। जिसमें पांच मरीज डेंगू बुखार के मिले थे। दो दिन के बाद शिविर ही नहीं लगाया गया। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनोटा के गांव मतावली पट्टी परशुराम उर्फ नया गांव निवासी राकेश कुमार उर्फ गुड्डू (32) को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। जिसके बाद निजी चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। हालत गंभीर होने पर दिल्ली रेफर किया गया। जहां उनकी मौत हो गई। राकेश की मौत से उसके तीन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। संभल के बरेली सराय निवासी सोनू की भी बुखार के चलते मौत हुई है। परिजनों का कहना है कि सोनू को डेंगू बुखार की पुष्टि हुई थी।
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जहां भी बुखार की जानकारी मिल रही है वहीं शिविर लगाया जा रहा है। गांव किसौली में दो बार शिविर लगाया जा चुका है अब फिर से लगाया जाएगा। जिससे बुखार से राहत मिल सके।
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डा. मनोज चौधरी, प्रभारी, सीएचसी पवांसा।
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पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव किसौली में डेंगू बुखार का प्रकोप काफी दिनों से जारी है। गांव निवासी रनवीर सिंह के 18 वर्षीय बेटे रमन यादव की बुखार के चलते मौत हो गई है। परिजनों के अनुसार युवक को डेंगू बुखार ने अपनी चपेट में लिया था और निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। सोमवार की देर रात उपचार के दौरान ही मौत हुई। इस गांव मं काफी संख्या में बीमार लोग हैं। जो ज्यादातर बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में करीब 200 लोग बुखार से पीड़ित हैं। झोलाछाप चिकित्सकों से ही उपचार कराया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा यह भी है कि इस गांव में 20 दिनों के भीतर 11 लोगों की डेंगू बुखार से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 28 और 30 अक्तूबर को शिविर लगाया गया था। जिसमें पांच मरीज डेंगू बुखार के मिले थे। दो दिन के बाद शिविर ही नहीं लगाया गया। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनोटा के गांव मतावली पट्टी परशुराम उर्फ नया गांव निवासी राकेश कुमार उर्फ गुड्डू (32) को एक सप्ताह पहले बुखार आया था। जिसके बाद निजी चिकित्सालय में भर्ती करा दिया। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। हालत गंभीर होने पर दिल्ली रेफर किया गया। जहां उनकी मौत हो गई। राकेश की मौत से उसके तीन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। संभल के बरेली सराय निवासी सोनू की भी बुखार के चलते मौत हुई है। परिजनों का कहना है कि सोनू को डेंगू बुखार की पुष्टि हुई थी।
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जहां भी बुखार की जानकारी मिल रही है वहीं शिविर लगाया जा रहा है। गांव किसौली में दो बार शिविर लगाया जा चुका है अब फिर से लगाया जाएगा। जिससे बुखार से राहत मिल सके।
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डा. मनोज चौधरी, प्रभारी, सीएचसी पवांसा।