फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   in cheqing officers has not got any ncert book

एनसीईआरटी की किताबें मिलीं न फीस स्लैब

Fri, 14 Apr 2017 12:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
ब्यूरो/अमर उजाला संभल Updated Fri, 14 Apr 2017 12:48 AM IST
विज्ञापन
in cheqing officers has not got any ncert book
चंदौसी के आरआरके स्कूल में अभिलेखों की जांच करते बीएसए। अमर उजाला - फोटो : amar ujala
निजी स्कूलों की मनमानी के मुद्दे पर गुरुवार को कई स्कूलों में ताबड़तोड़ छापे मारे गए। बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में टीमों ने छह निजी विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। स्कूलों के अभिलेखों का निरीक्षण किया गया।
विज्ञापन


स्कूलों में न तो नियमानुसार एनसीईआरटी की पुस्तकें मिलीं और न ही फीस का स्ट्रक्चर मिल सका। निरीक्षण रिपोर्ट उप जिलाधिकारी को सौंपी गई है। प्रशासनिक सक्रियता के बाद निजी विद्यालयों में खलबली मची हुई है।       
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. सत्यनारायण ने मौलागढ़ स्थित एएम वर्ल्ड स्कूल और सीता रोड स्थित आरआरके स्कूल का औचक निरीक्षण किया। अभिलेखों का निरीक्षण किया। खंड शिक्षा अधिकारी डा. जगदीश कुमार ने अपनी टीम के साथ पंजाबी कालोनी स्थित प्ले वे पालना स्कूल का निरीक्षण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल संचालक मान्यता के प्रपत्र नहीं दिखा सके। श्रीरामबाग धाम रोड स्थित किड्जी स्कूल का निरीक्षण किया। गणेश मेला ग्राउंड स्थित जीके सिल्वर स्टोन और सिल्वर स्टोन का निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट उप जिलाधिकारी अमित कुमार को भेजी गई है। जांच रिपोर्ट के बाद उचित कार्रवाई किए जाने की तैयारी की जा रही है। 

जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी उचित कार्रवाई   
उप जिलाधिकारी अमित कुमार ने निजी स्कूलों की मनमानी के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को निजी विद्यालयों में औचक निरीक्षण के बाद मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।   


बीएसए डा. सत्यनारायण और खंड शिक्षा अधिकारी डा. जगदीश कुमार ने औचक निरीक्षण के बाद बताया है कि औचक निरीक्षण के दौरान निजी स्कूलों में फीस वसूली का स्ट्रक्चर नहीं मिला। फीस वसूली में विभागीय सहमति/अनुमति नहीं है। अपने मनमाने ढंग से निजी स्कूल संचालक फीस वसूली कर रहे हैं।  
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed