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संभल: जिले की 172 ग्राम पंचायतों में 25 करोड़ के शासकीय धन के दुरुपयोग का अंदेशा, सचिवों का वेतन रोका
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संभल। जुनावई ब्लॉक क्षेत्र की 101 और असमोली की 71 ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2021-22 व 2022-23 में 14वें वित्त आयोग/केंद्रीय वित्त आयोग और राज्य वित्त आयोग के अंतर्गत अवमुक्त धनराशि से कराए गए कार्यों के कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र और उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया है।
संबंधित सचिवों का फरवरी माह का वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। लिखित स्पष्टीकरण के साथ एक सप्ताह में जवाब मांगा है। जवाब न देने पर इसे शासकीय धनराशि का दुरुपयोग मानते हुए कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। जुनावई ब्लॉक क्षेत्र की 101 ग्राम पंचायतों में 15 ग्राम विकास अधिकारियों की तैनाती है। इनके तैनाती वाले गांवों में दो वित्तीय वर्ष के भीतर कार्यों के लिए करीब पंद्रह करोड़ रुपये निकाले गए हैं। लेकिन इन कार्यों का कार्य पूर्ण प्रमाण पत्र और उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि इसके लिए कई बार निर्देश दिए गए, बावजूद इसके अभिलेख नहीं उपलब्ध कराए गए। इससे लगता है कि यह शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का मामला हो सकता है। लिहाजा इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। फरवरी माह का वेतन भी रोका गया है। इसी तरह असमोली ब्लॉक क्षेत्र की 71 ग्राम पंचायतों में तैनात नौ ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। इस ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में करीब दस करोड़ रुपये कार्य कराने के लिए निकाले गए लेकिन उपभोग प्रमाण पत्र नहीं दिए। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। साथ ही फरवरी माह का वेतन रोका गया है। सीडीओ कमलेश सचान ने बताया कि जवाब न देने पर माना जाएगा कि शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। ऐसी स्थिति में अगली कार्रवाई की जाएगी।
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संबंधित सचिवों का फरवरी माह का वेतन रोकते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। लिखित स्पष्टीकरण के साथ एक सप्ताह में जवाब मांगा है। जवाब न देने पर इसे शासकीय धनराशि का दुरुपयोग मानते हुए कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है। जुनावई ब्लॉक क्षेत्र की 101 ग्राम पंचायतों में 15 ग्राम विकास अधिकारियों की तैनाती है। इनके तैनाती वाले गांवों में दो वित्तीय वर्ष के भीतर कार्यों के लिए करीब पंद्रह करोड़ रुपये निकाले गए हैं। लेकिन इन कार्यों का कार्य पूर्ण प्रमाण पत्र और उपभोग प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराया है। जबकि इसके लिए कई बार निर्देश दिए गए, बावजूद इसके अभिलेख नहीं उपलब्ध कराए गए। इससे लगता है कि यह शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का मामला हो सकता है। लिहाजा इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। फरवरी माह का वेतन भी रोका गया है। इसी तरह असमोली ब्लॉक क्षेत्र की 71 ग्राम पंचायतों में तैनात नौ ग्राम विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस दिए गए हैं। इस ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में करीब दस करोड़ रुपये कार्य कराने के लिए निकाले गए लेकिन उपभोग प्रमाण पत्र नहीं दिए। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। साथ ही फरवरी माह का वेतन रोका गया है। सीडीओ कमलेश सचान ने बताया कि जवाब न देने पर माना जाएगा कि शासकीय धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। ऐसी स्थिति में अगली कार्रवाई की जाएगी।
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