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Sambhal News: दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को सात साल की सजा
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चंदौसी। दहेज हत्या के मामले में अपर जनपद न्यायाधीश ने आरोपी पति को सात साल के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने बताया कि जनपद बदायूं के थाना बजीरगंज के गांव अमोली निवासी सत्यपाल सिंह ने थाना बनियाठेर में तहरीर दी थी। बताया था कि उसने अपनी पुत्री रीना देवी की शादी थाना बनियाठेर के गांव चमरपुरा निवासी मुकेश से चार मई 2001 में की थी। शादी के दो महीने बाद से ही बेटी के ससुराल वाले एक बाइक, फ्रिज व 20 हजार रुपये की मांग करने लगे थे। मांग पूरी न होने पर ससुराल वालों ने उसकी पुत्री को मायके भेज दिया था।
कहा था कि जब तुम अपने मायके से मांगे गए सामान को ले आओगी तब ही ससुराल में घुसने दिया जाएगा। वर्ष 2002 की होली के बाद शिकायतकर्ता की पुत्री को विदा कराकर ससुराल पक्ष के लोग ले गए। जहां फिर से ससुराल वाले उससे दहेज की मांग करने लगे। पुत्री ने अपने पिता को बताया कि उसे ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए परेशान कर रहे हैं। 14 जून 2002 को ससुराल वालों ने मिलकर जबरदस्ती पुत्री रीना देवी को जहरीला पदार्थ दे दिया। जब पिता अपनी पुत्री की ससुराल पहुंचा तो उसकी पुत्री मर चुकी थी।
ससुराल वालों ने मृतका की लाश भी जलाने की कोशिश की। पिता व अन्य लोगों के पहुंचने पर ससुराल वाले दाह संस्कार नहीं कर सके। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेप केसेज एवं पॉक्सो एक्ट निर्भय नारायण राय की अदालत में हुई। जहां मृतका के पति मुकेश को दहेज हत्या में सात वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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कहा था कि जब तुम अपने मायके से मांगे गए सामान को ले आओगी तब ही ससुराल में घुसने दिया जाएगा। वर्ष 2002 की होली के बाद शिकायतकर्ता की पुत्री को विदा कराकर ससुराल पक्ष के लोग ले गए। जहां फिर से ससुराल वाले उससे दहेज की मांग करने लगे। पुत्री ने अपने पिता को बताया कि उसे ससुराल पक्ष के लोग दहेज के लिए परेशान कर रहे हैं। 14 जून 2002 को ससुराल वालों ने मिलकर जबरदस्ती पुत्री रीना देवी को जहरीला पदार्थ दे दिया। जब पिता अपनी पुत्री की ससुराल पहुंचा तो उसकी पुत्री मर चुकी थी।
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ससुराल वालों ने मृतका की लाश भी जलाने की कोशिश की। पिता व अन्य लोगों के पहुंचने पर ससुराल वाले दाह संस्कार नहीं कर सके। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रेप केसेज एवं पॉक्सो एक्ट निर्भय नारायण राय की अदालत में हुई। जहां मृतका के पति मुकेश को दहेज हत्या में सात वर्ष के कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
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