फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Hindu-Muslim may be written on the forehead, there should be Hindustan in the chest.

Sambhal News: ...हिंदू-मुस्लिम चाहे लिखवा लो माथे पर, सीने में हिंदुस्तान होना चाहिए

Sat, 30 Dec 2023 02:05 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Sat, 30 Dec 2023 02:05 AM IST
विज्ञापन
Hindu-Muslim may be written on the forehead, there should be Hindustan in the chest.
चंदौसी (संभल)। शहर में कान्हा विहार स्थित राधा महल शुक्रवार की रात शायर और कवियों की महफिल से गुलजार हो गया। यहां अमर उजाला के तत्वावधान में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया था। जिसमें देश के नामचीन कवियों ने अपनी रचनाओं से सबको बांधे रखा। इस दौरान हास्य व्यंग्य की बौछार हुई तो सामाजिक कुरीतियों पर भी वार किया गया। देर रात तक श्रोता कवियों की महफिल में जमे रहे। तालियों की गड़गड़ाहट से माहौल गर्माता रहा।
विज्ञापन


मुख्य अतिथि मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने दीप जलाकर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। इसके बाद मथुरा से आईं कवयित्री पूनम वर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कवि सम्मेलन के मंच की जिम्मेदारी कवि प्रियांशु गजेंद्र को दी गई। इसके बाद देर रात गजेंद्र के संचालन में कवियों ने काव्य पाठ किया।
विज्ञापन


काव्य पाठ के क्रम में देश के मशहूर शायर डॉ. नवाज देवबंदी ने कहा कि रोशनी का कुछ न कुछ इमकान होना चाहिए, बंद कमरे में भी रोशनदान होना चाहिए, हिंदू-मुस्लिम चाहे जो लिखवा लो माथे पर, मगर आप के सीने में हिंदुस्तान होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


कवि डॉ. विष्णु सक्सेना ने पढ़ा कि रेत पर नाम लिखने से क्या फायदा, एक आई लहर कुछ बचेगा नहीं, तुमने पत्थर का दिल हमको कह तो दिया, पत्थरों पर लिखोगे मिटेगा नहीं। कवयित्री पूनम वर्मा ने पढ़ा कि किसी की याद की खुशबू में भीगे केश लाई हूं, दिलों को जोड़ने वाले अमिट उपदेश लाई हूं, कभी कान्हा के होठों पर सजी रहती थी गोकुल में, मैं ब्रज की बांसुरी हूं प्रेम का संदेश लाई हूं।

हास्य कवि प्रताप फौजदार ने अपने चुटीले व्यंग्य से यहां राजनीति पर कुठाराघात किया। उन्होंने कहा कि चोरी चौकीदार करेगा और बाबा व्यापार करेगा, हर चुनाव में जो करता है, वो सब कुछ इस बार करेगा, बादल फिर से गरज रहा है, जुमलों की बौछार करेगा।

प्रियांशु गजेंद्र ने सुनाया कि कल थे असफल मगर अब सफल हो गए, अपना दल दल बदल दलबदल हो गए, हो गई इस तरह मुझ पर भगवत कृपा, बेहया फूल थे अब कमल हो गए। कार्यक्रम में मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ अनामिका यादव, एडीएम प्रदीप वर्मा, एसडीएम संदीप कुमार वर्मा, नायब तहसीलदार रवि कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण, एआर कोऑपरेटिव बीपी उपाध्याय, नीलेश यादव, फूल प्रकाश वार्ष्णेय आदि रहे।



सोशल मीडिया और फिल्मों से चरित्रवान नहीं बना जा सकता : डॉ. नवाज

चंदौसी। डॉ.नवाज देवबंदी ने साहित्य को बढ़ावा देने की वकालत की। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और फिल्मों से चरित्रवान नहीं बना जा सकता। श्रवण कुमार बनने के लिए हमें पूर्वजों को पढ़ना होगा। कहा कि साहित्य विचारधारा के जो लोग होते हैं, वो इमोशनल होते हैं, भावुक होते हैं। समाजी रिश्तों को जोड़ने के लिए भावनाएं सबसे अहम हैं। नई पीढ़ी को साहित्य पढ़ना चाहिए। हमारा देश कृषि प्रधान देश है, लेकिन हम चाहते हैं कि देश साहित्य प्रधान देश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर साहित्य प्रधान देश होगा, तो पारिवारिक और समाज की बहुत सारी समस्याओं का समाधान निकल आएगा। नई पीढ़ी देश का भविष्य है, इसको उज्ज्वल होना चाहिए। अपनी शुरुआती शिक्षा का जिक्र करते हुए बोले कि पहले कक्षा छह में हमारे पूर्वज किताब होती थी। इसमें बच्चे महापुरुषों का चरित्र पढ़ते थे। वैसा ही चरित्र जीने की चाह होती थी। आज बदनसीबी यह है कि वैसी किताबें पढ़ाई नहीं जाती हैं। हमारी पीढ़ी जो कुछ सोशल मीडिया और फिल्मों में देखती है वही बनना चाहती है। सोशल मीडिया और फिल्मों से चरित्रवान नहीं बना जा सकता। इसके लिए हमें साहित्य पढ़ना होगा। संवाद



सफलता का साहित्य पढ़ना होगा : विष्णु

कवि डॉ. विष्णु सक्सेना ने युवाओं को संदेश दिया कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। सफलता हासिल करने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी, तब ही मंजिल मिल पाएगी। एक बातचीत में उन्होंने कहा की सोशल मीडिया की चमक कुछ ही समय रहती है, इसके बाद सब धुंधला हो जाता है। अपनी चमक बरकरार रखने के लिए साहित्य पढ़ना होगा। पश्चिमी सभ्यता को लेकर कहा कि पश्चिम की सभ्यता हम पर हावी नहीं हो रही, हमने अपने आप को बदल लिया है। अपनी संस्कृति को पहचानना चाहिए। वही हमारी पहचान है। पश्चिमी देश हमारी सभ्यता को ग्रहण कर रहे हैं।



साहित्य का लक्ष्य अनुभवों को साझा करना : मंडलायुक्त

चंदौसी। मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि साहित्य का लक्ष्य अनुभवों को साझा करना, जीवन मरण और प्रेम के प्रति मानव की समझ विकसित करना है।

उन्होंने कहा कि कविता पढ़ना एक चुनौती है, लेकिन अन्य चीजों की तरह इसके लिए भी थोड़े अभ्यास की जरूरत होती है। जैसे-जैसे आप इसमें प्रगति करते हैं, आपके कौशल और अंतदृर्षिट में सुधार होता जाता है। संवाद




ये रहे कवि सम्मेलन के सहयोगी

हिंदुस्तान मिंट एंड एग्रो प्रोडेक्टस चंदौसी, एएम वर्ल्ड स्कूल चंदौसी, कान्हा विहार चंदौसी, पूनिया डेंटल केयर एवं नर्सिंग संभल, सिल्वेंजा अस्पताल प्राइवेट लिमिटेड संभल, धन्वंतरि चिकित्सालय संभल, एमजी मोटर्स चंदौसी, एबीसी किड्स मॉन्टेसरी स्कूल चंदौसी, पार्थ मल्टी स्पेशिलिटी अस्पताल चंदौसी, एक्सीलेंट कोचिंग सेंटर चंदौसी, श्री धन्वंतरि फार्मेसी चंदौसी, नीलम अस्पताल एंड ब्लड बैंक चंदौसी, मैसर्स हन्नान ट्रैक्टर्स चंदौसी, ओएलएफ रेस्टोरेंट चंदौसी साहू खान चंद फूड चंदौसी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed