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Sambhal News: 1.28 करोड़ की लागत से बनेगी हाईटेक नर्सरी
Fri, 09 Aug 2024 05:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 09 Aug 2024 05:54 AM IST
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चंदौसी। मझावली स्थित राजकीय प्रक्षेत्र में 1.28 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी का निर्माण किया जाएगा। उद्यान विभाग के हाईटेक नर्सरी में अत्याधुनिक सब्जी के बीज उगाई जाएगी। ये बीज किसानों को मुहैया कराई जाएगी। जिले में यह पहली हाईटेक नर्सरी होगी। यहां हर साल में 15 लाख के करीब पौधे तैयार किए जाएंगे।
जिले में काफी किसान परंपरागत खेती को छोड़ कर तकनीकि खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। अमूमन सब्जी की खेती के लिए किसान खुद नर्सरी तैयार करते है। नर्सरी अच्छी न होने के कारण बीज के गुणवत्ता में कमी आ जाती है। इससे पैदावार पर असर पड़ता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, उन्हें नर्सरी से उत्तम क्वालिटी के शोधित बीज मिलेगा। उद्यान विभाग की पहल पर जनपद में हाईटेक नर्सरी बनाई जाएगी। 1.28 करोड़ की लागत से यह नर्सरी बनकर तैयार होगी। इसमें पौध उत्पाद का कार्य इजरायल तकनीक के आधार पर को -को पिट में किया जाएगा। को-को पिट में तैयार किए गए पौधे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने और रोपण करने में सुविधा होगी। बेमौसम में उगाई जाने वाली शाकभाजी सब्जियों की उच्च गुणवत्ता वाली जैसे संकर शाकभाजी प्रजातियों के बीजों की पौध कंट्रोल कंडीशन में तैयार किए जाएंगे। नर्सरी तैयार होने बाद किसानों को न्यूनतम मूल्य पर बीज उपलब्ध हो सकेगा। उन्हें बाहर से बीज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे फसल की पैदावार भी बेहतर होगी।
नर्सरी में बैंगन, टमाटर, मिर्च, कद्दू, शिमला मिर्च, गोभी (फूल, पत्ता), लौकी, करेला, भिंडी आदि सब्जियों की नर्सरी वैज्ञानिक विधि से तैयार की जाएगी। अमूमन किसान सब्जी के बीज की बुआई करते हैं, लेकिन बीज में क्वालिटी न होने के कारण वह ठीक से अंकुरित नहीं होता है। नई नर्सरी में पौध ट्रे में उगाए जाएंगे।
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जिले में काफी किसान परंपरागत खेती को छोड़ कर तकनीकि खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। अमूमन सब्जी की खेती के लिए किसान खुद नर्सरी तैयार करते है। नर्सरी अच्छी न होने के कारण बीज के गुणवत्ता में कमी आ जाती है। इससे पैदावार पर असर पड़ता है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, उन्हें नर्सरी से उत्तम क्वालिटी के शोधित बीज मिलेगा। उद्यान विभाग की पहल पर जनपद में हाईटेक नर्सरी बनाई जाएगी। 1.28 करोड़ की लागत से यह नर्सरी बनकर तैयार होगी। इसमें पौध उत्पाद का कार्य इजरायल तकनीक के आधार पर को -को पिट में किया जाएगा। को-को पिट में तैयार किए गए पौधे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने और रोपण करने में सुविधा होगी। बेमौसम में उगाई जाने वाली शाकभाजी सब्जियों की उच्च गुणवत्ता वाली जैसे संकर शाकभाजी प्रजातियों के बीजों की पौध कंट्रोल कंडीशन में तैयार किए जाएंगे। नर्सरी तैयार होने बाद किसानों को न्यूनतम मूल्य पर बीज उपलब्ध हो सकेगा। उन्हें बाहर से बीज लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे फसल की पैदावार भी बेहतर होगी।
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नर्सरी में बैंगन, टमाटर, मिर्च, कद्दू, शिमला मिर्च, गोभी (फूल, पत्ता), लौकी, करेला, भिंडी आदि सब्जियों की नर्सरी वैज्ञानिक विधि से तैयार की जाएगी। अमूमन किसान सब्जी के बीज की बुआई करते हैं, लेकिन बीज में क्वालिटी न होने के कारण वह ठीक से अंकुरित नहीं होता है। नई नर्सरी में पौध ट्रे में उगाए जाएंगे।
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