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Sambhal: बस नाम के लिए हैं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, ग्रामीणों को नहीं मिल रहा लाभ, जरूरी दवाओं का टोटा

Fri, 21 Oct 2022 10:20 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला संवाद, संभल
अमर उजाला संवाद, संभल Published by: Digvijay Singh Updated Fri, 21 Oct 2022 10:20 PM IST
सार

अमर उजाला की टीम ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि करीब 20 प्रकार की दवाएं सेंटर पर मौजूद नहीं है। इसमें प्रमुख दवाएं खुजली और खांसी की हैं। बदलते मौसम में सबसे ज्यादा मरीज खुजली और खांसी के ही सामने आ रहे हैं।

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Health and wellness centers are just in name villagers are not getting benefits shortage of essential medicin
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (फाइल फोटो ) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

संभल में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का लाभ ग्रामीण स्तर पर पूरी तरह नहीं मिल रहा है। कहीं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जर्जर हो चुका है तो कहीं पीडब्ल्यूडी की ओर से हैंडओवर ही नहीं हुआ है। ग्रामीणों के कब्जे हैं। जहां यह सेंटर चल रहे हैं वहां खुजली और खांसी की दवाओं के टोटे हैं। जिस मकसद से यह सेंटर बनाए गए थे वह पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। दरअसल जिले में 142 सेंटर बनाए जाने हैं। इसमें 126 सेंटर संचालित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जो सेंटर संचालित हो रहे हैं इन पर सीएचओ की तैनाती है। जहां भी सेंटर बना है वहां के लोगों को इसका लाभ मिल रहा है। 

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अमर उजाला की टीम ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की पड़ताल की। इसमें सामने आया कि करीब 20 प्रकार की दवाएं सेंटर पर मौजूद नहीं है। इसमें प्रमुख दवाएं खुजली और खांसी की हैं। बदलते मौसम में सबसे ज्यादा मरीज खुजली और खांसी के ही सामने आ रहे हैं। इन्हीं दवाओं की कमी है। इससे ग्रामीण भी परेशान हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर 58 प्रकार की दवाएं उपलब्ध रहनी चाहिए।

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असमोली में छह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थाई हैं। अन्य 14 सेंटर अस्थाई तौर पर संचालित किए जा रहे हैं। जो सेंटर स्थाई हैं। वह सेवड़ा जसरथनगला, पाली, मदाला फत्तेहपुर, सतुपुरा, राया बुजुर्ग और सैदपुर जसकौली में हैं। इन सेंटर पर भी दवाओं की कमी है। मदाला फत्तेहपुर में स्थित सेंटर के सीएचओ अर्जुन ने बताया कि खांसी का सिरप और खुजली की दवा नहीं है। रायाबुजुर्ग के सीएचओ ने बताया कि गांव में खुजली के मरीज ज्यादा हैं। क्रीम की कमी है। मांग की गई है।

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क्या बोले ग्रामीण
हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को बने हुए करीब 3 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी स्वास्थ्य कर्मचारी की तैनाती नहीं हुई है। ग्रामीण भी अवैध कब्जा कर रहे हैं।

महेश यादव, गांव अतरासी।

विद्यालय परिसर में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बन गया है मगर अभी तक स्वास्थ्य विभाग को हैंड ओवर नहीं हुआ है। सीएचओ एक ग्रामीण के आवास पर स्वास्थ्य परीक्षण करती हैं।

बाबू सिंह कश्यप, ग्राम प्रधान रसूलपुर धतरा।
 

गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को बने हुए दो वर्षों से ज्यादा का समय हो गया। स्वास्थ्य कर्मी की तैनाती नहीं हुई है। जबकि इस समय सबसे ज्यादा लोग बीमार हो रहे हैं।

इंद्रपाल सिंह यादव, गांव किरारी
 

दवाओं की कमी होने की जानकारी मुझे एक सेंटर पर निरीक्षण के दौरान मिली थी। वहां 16 प्रकार की दवाएं नहीं थीं। अब खांसी के सिरप और खुजली की क्रीम नहीं होने की जानकारी करते हैं। जल्द दवाओं की पूर्ति कराई जाएगी। जहां बिल्डिंग हैंडओवर नहीं की गई हैं वहां जल्द हैंडओवर किया जाएगा।

डॉ. विश्वास अग्रवाल, नोडल हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, संभल
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