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Sambhal News: ससुराल वालों से प्रताड़ित होकर बैंक के कैश मैनेजर ने फंदे पर लटककर दी जान
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संभल के बहजोई में आत्महत्या करने वाले अंशुल का फाइल फोटो। संवाद
बहजोई(संभल)। पत्नी व ससुराल वालों की प्रताड़ना से होकर भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के जिला सह संयोजक अनिल कुमार वार्ष्णेय उर्फ अनिल नेता जी के बेटे व बैंक के कैश मैनेजर अंशुल वार्ष्णेय (34) ने फंदे पर लटककर जान दे दी। वह शनिवार सुबह छह बजे लखनऊ से लौटा था। करीब 10 बजे पिता घर के दूसरी मंजिल पर बने कमरे में गए तो पंखे में दुपट्टे से बने फंदे से अंशुल लटका मिला। सूचना पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सीओ समेत स्थानीय पुलिस व फील्ड यूनिट कर्मियों ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।पिता अनिल कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि करीब 11 वर्ष पहले बेटे की शहर में ही शादी हुई थी। शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच मनमुटाव हो गया था। इसके बाद दोनों अलग-अलग रहने लगे। बेटे पर करीब सात वर्षीय एक बेटी है। वह बेटे की पत्नी के पास रहती है। बेटे ने कोर्ट में तलाक के लिए वाद दायर कर रखा है।
वहीं, बेटे की पत्नी व ससुराल वालों ने भी दहेज व मारपीट का मुकदमा कर दिया था। बेटी की पढ़ाई के लिए बेटा अंशुल पांच हजार रुपये महीने अपनी पत्नी को देता था। आए दिन पत्नी व ससुराल वाले तरह-तरह के कमेंट करते थे। साथ ही लखनऊ में बना हुआ मकान व दो करोड़ रुपये की मांग करते थे। इससे परेशान होकर बेटे ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
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पिता को दशहरा की पूजा का सामान लाने को दिए थे रुपये
भाजपा नेता ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को अंशुल लखनऊ से बहजोई आता था। शनिवार को सुबह लखनऊ से बहजोई आ गया। घर आकर बेटे से कुछ देर बातचीत हुई। इस बीच बेटे ने नए घर में दशहरा की पूजा का सामान लाने के लिए अंशुल ने बीस हजार रुपये भी दिए थे। पता ही नहीं चल सका, वह इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठा लेगा।
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शादी के बाद से ही पति-पत्नी में शुरू हो गया था मनमुटाव
भाजपा नेता के मुताबिक करीब 11 वर्ष पहले हुई शादी के कुछ दिन बाद से ही अंशुल व उसकी पत्नी के बीच मनमुटाव हो गया था। भाजपा नेता ने बताया कि उनका एक मकान लखनऊ में है। शादी के करीब दो वर्ष बाद वह लखनऊ के घर में अलग-अलग रहने लगे। बाद में मामला कोर्ट-कचहरी तक चला गया। करीब दो वर्ष से बेटा अंशुल तो अलग किराये के मकान में रह रहा था। उसकी पत्नी बेटी के साथ उसी मकान में रह रही है।
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मानसिक रूप से बहुत परेशान रहता अंशुल
भाजपा नेता ने बताया कि एक तो पारिवारिक क्लेश के कारण बेटा परेशान रहता था। वहीं, पत्नी से तलाक आदि को लेकर कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने के कारण बेटे का बैंक का काम भी प्रभावित होता था। इससे बैंक से भी उसके संबंध खराब होने लगे। इससे बेटा बहुत परेशान रहता था और आए दिन फोन पर अपनी परेशानी की यह जानकारी देता रहता था।
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घर व दुकान पर ताला डालकर भाग गए ससुराल वाले
भाजपा नेता ने बताया कि शहर में ही नगर पालिका दफ्तर के निकट स्थित उनके घर से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर मोहल्ले में ही बेटे अंशुल की ससुराल है। घर में ही परचून की दुकान है। घटना होने के बाद जानकारी होने पर अंशुल के ससुराल वाले घर व दुकान पर ताला डालकर भाग गए।
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भाजपा नेता के घर पर रही ढांढस बंधाने वाली की भीड़
भाजपा नेता अनिल कुमार वार्ष्णेय के घर के बाहर ढांढस बंधाने आए लोगों की भीड़ लगी रही। घटना की जानकारी मिलने से ही देर रात तक भाजपाइयों समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता व नगर व आसपास के नगरों से आए रिश्तेदारों व लोगों की भीड़ रही। हर कोई भाजपा नेता समेत अन्य परिवार वालों को ढांढस बंधा रहा था।
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मामला गृह क्लेश का सामने आ रहा है। फिलहाल युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, सीओ, बहजोई
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वहीं, बेटे की पत्नी व ससुराल वालों ने भी दहेज व मारपीट का मुकदमा कर दिया था। बेटी की पढ़ाई के लिए बेटा अंशुल पांच हजार रुपये महीने अपनी पत्नी को देता था। आए दिन पत्नी व ससुराल वाले तरह-तरह के कमेंट करते थे। साथ ही लखनऊ में बना हुआ मकान व दो करोड़ रुपये की मांग करते थे। इससे परेशान होकर बेटे ने आत्मघाती कदम उठा लिया।
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पिता को दशहरा की पूजा का सामान लाने को दिए थे रुपये
भाजपा नेता ने बताया कि प्रत्येक शनिवार को अंशुल लखनऊ से बहजोई आता था। शनिवार को सुबह लखनऊ से बहजोई आ गया। घर आकर बेटे से कुछ देर बातचीत हुई। इस बीच बेटे ने नए घर में दशहरा की पूजा का सामान लाने के लिए अंशुल ने बीस हजार रुपये भी दिए थे। पता ही नहीं चल सका, वह इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठा लेगा।
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शादी के बाद से ही पति-पत्नी में शुरू हो गया था मनमुटाव
भाजपा नेता के मुताबिक करीब 11 वर्ष पहले हुई शादी के कुछ दिन बाद से ही अंशुल व उसकी पत्नी के बीच मनमुटाव हो गया था। भाजपा नेता ने बताया कि उनका एक मकान लखनऊ में है। शादी के करीब दो वर्ष बाद वह लखनऊ के घर में अलग-अलग रहने लगे। बाद में मामला कोर्ट-कचहरी तक चला गया। करीब दो वर्ष से बेटा अंशुल तो अलग किराये के मकान में रह रहा था। उसकी पत्नी बेटी के साथ उसी मकान में रह रही है।
मानसिक रूप से बहुत परेशान रहता अंशुल
भाजपा नेता ने बताया कि एक तो पारिवारिक क्लेश के कारण बेटा परेशान रहता था। वहीं, पत्नी से तलाक आदि को लेकर कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाने के कारण बेटे का बैंक का काम भी प्रभावित होता था। इससे बैंक से भी उसके संबंध खराब होने लगे। इससे बेटा बहुत परेशान रहता था और आए दिन फोन पर अपनी परेशानी की यह जानकारी देता रहता था।
घर व दुकान पर ताला डालकर भाग गए ससुराल वाले
भाजपा नेता ने बताया कि शहर में ही नगर पालिका दफ्तर के निकट स्थित उनके घर से करीब दो सौ मीटर की दूरी पर मोहल्ले में ही बेटे अंशुल की ससुराल है। घर में ही परचून की दुकान है। घटना होने के बाद जानकारी होने पर अंशुल के ससुराल वाले घर व दुकान पर ताला डालकर भाग गए।
भाजपा नेता के घर पर रही ढांढस बंधाने वाली की भीड़
भाजपा नेता अनिल कुमार वार्ष्णेय के घर के बाहर ढांढस बंधाने आए लोगों की भीड़ लगी रही। घटना की जानकारी मिलने से ही देर रात तक भाजपाइयों समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता व नगर व आसपास के नगरों से आए रिश्तेदारों व लोगों की भीड़ रही। हर कोई भाजपा नेता समेत अन्य परिवार वालों को ढांढस बंधा रहा था।
मामला गृह क्लेश का सामने आ रहा है। फिलहाल युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, सीओ, बहजोई