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नवरात्र के पांचवें दिन हुई देवी स्कंदमाता की पूजा
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संभल। नवरात्र के पांचवें दिन देवी स्कंदमाता की आराधना की गई। चामुंडा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की सुबह चार बजे से ही लाइन लगनी शुरू हो गई थी। श्रद्धालुओं ने सुबह सवेरे पहुंच कर मां की पूजा अर्चना की और मन्नत मांगी। श्रद्धालुओं ने उपवास रखे। शाम को मंदिर में आरती की गई।
रविवार को नवरात्रों के पांचवें दिन भी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जिसमें महिलाओं व बच्चों की संख्या अधिक रही। श्रद्धालुओं ने सवेरे ही मंदिर में पहुंचकर भारी संख्या में मां स्कंदमाता की पूजा व अर्चना की।
नगर के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री चामुंडा देवी मंदिर में भोर से ही श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंचे थे। मंदिर के मंहत मुरली सिंह ने बताया कि मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप को स्कंदमाता कहते हैं। नवरात्रों के पांचवें दिन माता की पूजा होती है। ये स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है।
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रविवार को नवरात्रों के पांचवें दिन भी मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। जिसमें महिलाओं व बच्चों की संख्या अधिक रही। श्रद्धालुओं ने सवेरे ही मंदिर में पहुंचकर भारी संख्या में मां स्कंदमाता की पूजा व अर्चना की।
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नगर के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री चामुंडा देवी मंदिर में भोर से ही श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंचे थे। मंदिर के मंहत मुरली सिंह ने बताया कि मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप को स्कंदमाता कहते हैं। नवरात्रों के पांचवें दिन माता की पूजा होती है। ये स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण इन्हें स्कंदमाता नाम से अभिहित किया गया है।
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