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अकरौली गांव में बुखार से बालिका और किशोरी की मौत
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अकरौली में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक।
- फोटो : CHANDAUSI
संभल। नरौली सीएचसी क्षेत्र के गांव अकरौली में बुखार से एक बालिका और एक किशोरी की मौत हो गई। वहीं, गांव में 200 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं। पिछले छह दिन में अकरौली पीएचसी पर 320 बुखार से पीड़ित मरीज पहुंचे। इसके अलावा निजी चिकित्सकों के यहां भीड़ लगी है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते निजी चिकित्सक टीनशेड के नीचे मरीजों को ड्रिप चढ़ा रहे हैं।
गांव अकरौली में बुखार का कहर है। गांव निवासी भूरे मौर्य की छह वर्षीय बेटी राधिका को करीब तीन दिन पहले बुखार आया था। उसका चंदौसी में निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। गुरुवार दोपहर के बाद बालिका ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा गांव निवासी यासीन की 15 वर्षीय बेटी परवीन को चार दिनों से बुखार आ रहा था। उसका भी चंदौसी में निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था, लेकिन किशोरी की प्लेटलेट्स गिरती चली गईं। हालत नाजुक होने पर उसे अलीगढ़ रेफर कर किया गया। गुरुवार सुबह अलीगढ़ ले जाते समय किशोरी ने दम तोड़ दिया। गांव में एक बालिका व एक किशोरी की बुखार से मौत से हड़कंप है।
पिछले छह दिन में बुखार से पीड़ित 320 मरीज पहुंचे
गांव अकरौली में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। वहां संविदा पर तैनात आयुर्वेद चिकित्सक की तैनाती है। हाल में एक अन्य एमबीबीएस चिकित्सक को भी संबद्ध किया गया है। पीएचसी पर पिछले छह दिनों में 450 मरीज पहुंचे हैं। इनमें से करीब 320 मरीज बुखार से पीड़ित थे।
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निजी चिकित्सक टीनशेड के नीचे लगा रहे ड्रिप
गांव अकरौली की आबादी साढ़े आठ हजार है। बुखार पीड़ित मरीज सरकारी अस्पताल में कम, अधिक प्राइवेट चिकित्सक के यहां उपचार करा रहे हैं। प्राइवेट चिकित्सक मरीजों के उपचार में लापरवाही बरत रहे हैं। एक प्राइवेट चिकित्सक टीनशेड के नीचे बेंच पर मरीज को ड्रिप लगाते दिखाई दिया।
गांव में बुखार पीड़ित बालिका और किशोरी की मौत की सूचना मिली है। टीम भेजकर जान गंवाने वाले मरीजों के कागजात की जांच कराई जाएगी। हाल ही में डॉ. विनीत कुमार ने कार्यभार संभाला है। मरीजों की जांच के लिए अलग से गांव में कैंप लगाया जाएगा।
डॉ. विश्वास अग्रवाल, एमओआईसी सीएचसी नरौली
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गांव अकरौली में बुखार का कहर है। गांव निवासी भूरे मौर्य की छह वर्षीय बेटी राधिका को करीब तीन दिन पहले बुखार आया था। उसका चंदौसी में निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था। गुरुवार दोपहर के बाद बालिका ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा गांव निवासी यासीन की 15 वर्षीय बेटी परवीन को चार दिनों से बुखार आ रहा था। उसका भी चंदौसी में निजी चिकित्सक के यहां उपचार चल रहा था, लेकिन किशोरी की प्लेटलेट्स गिरती चली गईं। हालत नाजुक होने पर उसे अलीगढ़ रेफर कर किया गया। गुरुवार सुबह अलीगढ़ ले जाते समय किशोरी ने दम तोड़ दिया। गांव में एक बालिका व एक किशोरी की बुखार से मौत से हड़कंप है।
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पिछले छह दिन में बुखार से पीड़ित 320 मरीज पहुंचे
गांव अकरौली में ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। वहां संविदा पर तैनात आयुर्वेद चिकित्सक की तैनाती है। हाल में एक अन्य एमबीबीएस चिकित्सक को भी संबद्ध किया गया है। पीएचसी पर पिछले छह दिनों में 450 मरीज पहुंचे हैं। इनमें से करीब 320 मरीज बुखार से पीड़ित थे।
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निजी चिकित्सक टीनशेड के नीचे लगा रहे ड्रिप
गांव अकरौली की आबादी साढ़े आठ हजार है। बुखार पीड़ित मरीज सरकारी अस्पताल में कम, अधिक प्राइवेट चिकित्सक के यहां उपचार करा रहे हैं। प्राइवेट चिकित्सक मरीजों के उपचार में लापरवाही बरत रहे हैं। एक प्राइवेट चिकित्सक टीनशेड के नीचे बेंच पर मरीज को ड्रिप लगाते दिखाई दिया।
गांव में बुखार पीड़ित बालिका और किशोरी की मौत की सूचना मिली है। टीम भेजकर जान गंवाने वाले मरीजों के कागजात की जांच कराई जाएगी। हाल ही में डॉ. विनीत कुमार ने कार्यभार संभाला है। मरीजों की जांच के लिए अलग से गांव में कैंप लगाया जाएगा।
डॉ. विश्वास अग्रवाल, एमओआईसी सीएचसी नरौली