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Sambhal News: खेतों और गांवों में घुसा गंगा का पानी, बाढ़ चौकियां अलर्ट
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जुनावई। गंगा नदी के जलस्तर में अचानक हुई वृद्धि से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगा का पानी खेत-खलिहानों में पहुंचने के साथ ही बझांगी गांव के गलियारों तक पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है। जलस्तर बढ़ने से किसान और तटवर्ती क्षेत्र के ग्रामीण चिंतित हैं।
गंगा के उफान के चलते मेंगरा, रघुपुर पुख्ता, बझांगी, तोतापुर और उदिया नगला आदि क्षेत्रों में बाढ़ का पानी खेतों और खलिहानों तक पहुंच गया है। बझांगी गांव में नाले के माध्यम से पानी गलियों तक पहुंच गया है। ग्रामीणों को पानी बढ़ने की स्थिति में आवागमन को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
विभिन्न बाढ़ चौकियों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। कुल आठ बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बझांगी व सिघोंला पुख्ता चौकी पर लेखपाल आकाश कुमार, काशीपुर चौकी पर बृजेश कुमार, रघुपुर पुख्ता चौकी पर सोनू शर्मा, खिरकवारी टप्पा वैश चौकी पर पुनीत शुक्ला, चिरबारी चौकी पर आकाश कुमार, मणिकावली चौकी पर पुनीत शर्मा और मिठनपुर चौकी पर यतेंद्र कुमार को तैनात किया गया है।
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शुक्रवार को जब चौकियों का हाल जाना तो अधिकांश पर कर्मचारी तैनात मिले। हालांकि अभी बाढ़ का खतरा नही है। बझांगी और रसूलपुर पुख्ता बाढ़ को लेकर संवेदनशील गांव हैं। राजस्व निरीक्षक रनवीर सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। अधिकारियों द्वारा जलस्तर और तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जुनावई क्षेत्र में आठ बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। सभी पर कर्मचारियों की तैनाती है। हालांकि अभी बाढ़ का खतरा नहीं है। बारिश होने से बझांगी गांव के गलियारों और खेतों में कुछ पानी आ गया है। आपात स्थिति के लिए नाव के लिए संबंधित संस्था से बात हो गई है। बाढ़ की स्थिति में संस्था की ओर से तत्काल नाव उपलब्ध करा दी जाएंगी।
- अवधेश कुमार, एसडीएम गुन्नौर
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गंगा के उफान के चलते मेंगरा, रघुपुर पुख्ता, बझांगी, तोतापुर और उदिया नगला आदि क्षेत्रों में बाढ़ का पानी खेतों और खलिहानों तक पहुंच गया है। बझांगी गांव में नाले के माध्यम से पानी गलियों तक पहुंच गया है। ग्रामीणों को पानी बढ़ने की स्थिति में आवागमन को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।
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विभिन्न बाढ़ चौकियों पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती कर दी गई है। कुल आठ बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। बझांगी व सिघोंला पुख्ता चौकी पर लेखपाल आकाश कुमार, काशीपुर चौकी पर बृजेश कुमार, रघुपुर पुख्ता चौकी पर सोनू शर्मा, खिरकवारी टप्पा वैश चौकी पर पुनीत शुक्ला, चिरबारी चौकी पर आकाश कुमार, मणिकावली चौकी पर पुनीत शर्मा और मिठनपुर चौकी पर यतेंद्र कुमार को तैनात किया गया है।
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शुक्रवार को जब चौकियों का हाल जाना तो अधिकांश पर कर्मचारी तैनात मिले। हालांकि अभी बाढ़ का खतरा नही है। बझांगी और रसूलपुर पुख्ता बाढ़ को लेकर संवेदनशील गांव हैं। राजस्व निरीक्षक रनवीर सिंह ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और गंगा के जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। अधिकारियों द्वारा जलस्तर और तटीय क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जुनावई क्षेत्र में आठ बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। सभी पर कर्मचारियों की तैनाती है। हालांकि अभी बाढ़ का खतरा नहीं है। बारिश होने से बझांगी गांव के गलियारों और खेतों में कुछ पानी आ गया है। आपात स्थिति के लिए नाव के लिए संबंधित संस्था से बात हो गई है। बाढ़ की स्थिति में संस्था की ओर से तत्काल नाव उपलब्ध करा दी जाएंगी।
- अवधेश कुमार, एसडीएम गुन्नौर