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राजघाट में मंदिरों की दहलीज पर गंगा
ब्यूरो / अमर उजाला, संभ्ाल
Updated Wed, 08 Aug 2018 01:30 AM IST
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राजघाट में मंदिरों की दहलीज पर पहुंचा गंगा का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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उफान के बाद गंगा तट राजघाट पर गंगा का पानी मंदिरों की दहलीज पर पहुंच चुका है। जहां स्नान घाट जलमग्न पूरी तरह हो गया है। चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज नरौरा से डेढ़ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद गुन्नौर के जुनावई क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
पिछले सप्ताह गांव में आए पानी का असर अभी खत्म भी नहीं हुआ कि गांव में फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रघुपुर पुख्ता से गंगा का पानी अभी तीन सौ मीटर दूर है। प्रशासन ने बाढ़ के हालातों से निपटने के लिए बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है। पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
पहाड़ों पर लगातार भारी बारिश से उफान पर चल रही गंगा की सहयोगी नदियों का पानी अब हरिद्वार व बिजनौर के बाद नरौरा बांध पर पहुंच गया है। यहां जैसे ही पानी का दबाव बढ़ा तो पानी का बहाव बढ़ गया। सोमवार को नरौरा बांध से 99 हजार क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से और मंगलवार की शाम चार बजे 150797 क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा गया है। जिससे यहां का जलस्तर 178.21 मीटर हो गया है। जोकि खतरे के निशान(178.76 मीटर) से 55 सेमी नीचे है।
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एक सप्ताह पूर्व नरौरा से डेढ़ क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जुनावई क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता में बाढ़ के हालात पैदा हो गए थे। गांव के बाहर कुछ घरों तक पानी चला और स्कूल को भी अपनी चपेट में ले लिया। पानी को सूखने में अभी एक सप्ताह नहीं बीता कि अब पानी ने फिर से दस्तक देनी शुरू कर दी है, जिससे ग्रामीणों को बाढ़ का भय सताने लगा है।
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पिछले सप्ताह गांव में आए पानी का असर अभी खत्म भी नहीं हुआ कि गांव में फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। रघुपुर पुख्ता से गंगा का पानी अभी तीन सौ मीटर दूर है। प्रशासन ने बाढ़ के हालातों से निपटने के लिए बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया है। पल-पल की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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पहाड़ों पर लगातार भारी बारिश से उफान पर चल रही गंगा की सहयोगी नदियों का पानी अब हरिद्वार व बिजनौर के बाद नरौरा बांध पर पहुंच गया है। यहां जैसे ही पानी का दबाव बढ़ा तो पानी का बहाव बढ़ गया। सोमवार को नरौरा बांध से 99 हजार क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से और मंगलवार की शाम चार बजे 150797 क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी छोड़ा गया है। जिससे यहां का जलस्तर 178.21 मीटर हो गया है। जोकि खतरे के निशान(178.76 मीटर) से 55 सेमी नीचे है।
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एक सप्ताह पूर्व नरौरा से डेढ़ क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद जुनावई क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता में बाढ़ के हालात पैदा हो गए थे। गांव के बाहर कुछ घरों तक पानी चला और स्कूल को भी अपनी चपेट में ले लिया। पानी को सूखने में अभी एक सप्ताह नहीं बीता कि अब पानी ने फिर से दस्तक देनी शुरू कर दी है, जिससे ग्रामीणों को बाढ़ का भय सताने लगा है।