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गंगा लील गई 1200 बीघा गन्ना
राजीव कुमार/अमर उजाला, संभल
Updated Tue, 09 Aug 2016 01:43 AM IST
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गंगा का जलस्तर
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यह दीगर बात है कि पानी गांवों तक नहीं पहुंचा, आशियाने सुरक्षित रहे लेकिन एक अनुमान के मुताबिक करीब बारह सौ बीघा जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल कटकर लहरों में समा चुकी है। अब जिला प्रशासन नुकसान का सर्वे कराने की बात कह रहा है।
जिले की गुन्नौर तहसील से गुजर रही गंगा के बहाव में तेजी आए करीब डेढ़ महीना बीत चुका है। पिछले दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बरसात से जल स्तर बढ़ने के साथ बहाव भी तेज हो गया, जिससे गंगा की लहरें लगातार कटान कर रही हैं। इसकी भेंट क्षेत्रों में खड़ी फसलें चढ़ रही हैं।
इससे किसानों को करोड़ों का नुकसान पहुंचा है। हालांकि, प्रशासन यह नुकसान बाढ़ से होने से इन्कार कर रहा है। क्योंकि पानी गांवों तक पहुंचा है। ब्रजेश, भूदेव, बीरपाल, श्यौराज, विद्याराम, नत्थू सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि बड़ी मेहनत से ईंख की फसल उगाई थी। लेकिन नदी की लहरों के आगोश में समा गईं। किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
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साठ से अधिक किसानों की फसल हुई नष्ट
गुन्नौर(ब्यूरो)। गंगा की तेज से ईशमपुर सैलाब खाम क्षेत्र के करीब साठ किसानों की गन्ना की फसल बह गई है। गांव के बहादुर सिंह, राम कुमार, रजने, लाल सिंह, दिली पाल, ऋषिपाल, लखपत, ओमप्रकाश, किशन लाल, ब्रजेश, भूदेव, वीरपाल, श्योराज, विद्याराम, नत्थू आदि करीब साठ किसानों की दस से बीस बीघा तक गन्ने की फसल गंगा की तेज धार में कट चुकी है। अभी गंगा की धार की तेजी में कोई कमी नहीं आई हैं, अभी भी कटान जारी है।
हालांकि किसान पत्थर भरकर बोरी व लकड़ी आदि लगाकर किसी तरह धार को मार को रोकने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल रही है।
नरौरा में गंगा का जल स्तर बढ़ा
गुन्नौर/संभल। गुन्नौर तहसील के ईसमपुर सैलाबखाम गांव में बाढ़ के पानी से भारी तबाही हुई है। तमाम फसलें डूब गईं। खेतों की मिट्टी का कटान हुआ है। दूर-दूर तक खेत नजर नहीं आ रहे हैं। पानी ही पानी दिखाई पड़ रहा है।
बाढ़ से हुई तबाही के चलते किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अभी कोई आर्थिक मदद नहीं मिल सकी है। इस बीच नरौरा में गंगा नदी का पानी बढ़ गया है। नरौरा में गंगा नदी में रविवार को 78336 क्सूसेक पानी था। अब बढ़कर 91833 क्यूसेक पानी हो गया है। चौबीस घंटे में 13497 क्यूसेक पानी बढ़ गया है। खतरे का निशान 178.765 मीटर पर है जबकि सोमवार को पानी 177.90 मीटर पर है।
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जिले की गुन्नौर तहसील से गुजर रही गंगा के बहाव में तेजी आए करीब डेढ़ महीना बीत चुका है। पिछले दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बरसात से जल स्तर बढ़ने के साथ बहाव भी तेज हो गया, जिससे गंगा की लहरें लगातार कटान कर रही हैं। इसकी भेंट क्षेत्रों में खड़ी फसलें चढ़ रही हैं।
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इससे किसानों को करोड़ों का नुकसान पहुंचा है। हालांकि, प्रशासन यह नुकसान बाढ़ से होने से इन्कार कर रहा है। क्योंकि पानी गांवों तक पहुंचा है। ब्रजेश, भूदेव, बीरपाल, श्यौराज, विद्याराम, नत्थू सहित दर्जनों किसानों ने बताया कि बड़ी मेहनत से ईंख की फसल उगाई थी। लेकिन नदी की लहरों के आगोश में समा गईं। किसानों ने मुआवजे की मांग की है।
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साठ से अधिक किसानों की फसल हुई नष्ट
गुन्नौर(ब्यूरो)। गंगा की तेज से ईशमपुर सैलाब खाम क्षेत्र के करीब साठ किसानों की गन्ना की फसल बह गई है। गांव के बहादुर सिंह, राम कुमार, रजने, लाल सिंह, दिली पाल, ऋषिपाल, लखपत, ओमप्रकाश, किशन लाल, ब्रजेश, भूदेव, वीरपाल, श्योराज, विद्याराम, नत्थू आदि करीब साठ किसानों की दस से बीस बीघा तक गन्ने की फसल गंगा की तेज धार में कट चुकी है। अभी गंगा की धार की तेजी में कोई कमी नहीं आई हैं, अभी भी कटान जारी है।
हालांकि किसान पत्थर भरकर बोरी व लकड़ी आदि लगाकर किसी तरह धार को मार को रोकने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल रही है।
नरौरा में गंगा का जल स्तर बढ़ा
गुन्नौर/संभल। गुन्नौर तहसील के ईसमपुर सैलाबखाम गांव में बाढ़ के पानी से भारी तबाही हुई है। तमाम फसलें डूब गईं। खेतों की मिट्टी का कटान हुआ है। दूर-दूर तक खेत नजर नहीं आ रहे हैं। पानी ही पानी दिखाई पड़ रहा है।
बाढ़ से हुई तबाही के चलते किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अभी कोई आर्थिक मदद नहीं मिल सकी है। इस बीच नरौरा में गंगा नदी का पानी बढ़ गया है। नरौरा में गंगा नदी में रविवार को 78336 क्सूसेक पानी था। अब बढ़कर 91833 क्यूसेक पानी हो गया है। चौबीस घंटे में 13497 क्यूसेक पानी बढ़ गया है। खतरे का निशान 178.765 मीटर पर है जबकि सोमवार को पानी 177.90 मीटर पर है।