{"_id":"591a06bd4f1c1be764f2292a","slug":"fraud-policeman-caught-in-chequing","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी पुलिसकर्मी बोला-मैं दीवान जी हूं, ये लो मेरा आई कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी पुलिसकर्मी बोला-मैं दीवान जी हूं, ये लो मेरा आई कार्ड
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Tue, 16 May 2017 01:21 AM IST
विज्ञापन
गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैं पुलिस वाला हूं. ये देखो मेरा आईकार्ड। मेरी पोस्टिंग बिलारी कोतवाली में हैं। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम से बच निकलने के लिए बाइक सवार बिलारी निवासी युवक ने यह कहते हुए रौब गांठा लेकिन शक होने पर पुलिसकर्मियों ने उसे और उसकी बाइक समेत रोक लिया। जब छानबीन की तो उसका आईकार्ड फर्जी निकला।
आईकार्ड बिलारी कोतवाली में तैनात सचिन मलिक के नाम का था। जब पुलिस ने सचिन मलिक से पूछा तो उसका और इस युवक कोई संबंध भी सामने नहीं आया। इस मामले में हजरतगढ़ी थाने की पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। क्योंकि यह फर्जी पुलिसवाला हजरतनगढ़ी थाना पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान ही पकड़ा गया है।
हजरतनगर गढ़ी थाने की सोमवार को वाहन चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान फर्जी पुलिसकर्मी को उस वक्त गिरफ्तार किया जब जिगनिया गेट पर चेकिंग कर रहे थे।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष प्रिंस शर्मा ने बताया कि जैसे ही सिपाहियों ने सिरसी से बिलारी की ओर जा रहे फर्जी पुलिसकर्मी की बाइक जैसे ही रोकी गई, वैसे ही उसने अपना आईकार्ड निकाला और सिपाही के हाथ में रख दिया, बोला मैं दीवान जी हूं और मेरी पोस्टिंग बिलारी में है।
उसके अंदाज से शक हुआ क्योंकि आमतौर पर पुलिसकर्मी यही कहते हैं मैं स्टाफ हूं। आईकार्ड का नंबर तो तब आता है जब कोई शक कर रहा हो। थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने फर्जी पुलिसवाला बनकर रौब गांठने वाले इस युवक के बारे में छानबीन की तो पता लगा कि युवक बिलारी का रहने वाला है और जनसेवा केंद्र चलाता है।
इसके पास जो आईकार्ड मिला है उस पर बिलारी कोतवाली में तैनात सचिन मलिक का नाम लिखा था। जब सचिन मलिक से पूछा गया तो उन्होंने इस युवक के बारे में जानकारी होनेसे इनकार किया। जबकि इस युवक ने उनके आईकार्ड को स्कैन करके अपना फोटो लगा रखा था। फोटो भी वर्दी में था।
जाहिर युवक ने वर्दी बनवाई होगी और उसे पहनकर फोटो खिंचवाया फिर उसे आईकार्ड पर लगवाया। युवक का नाम मुस्तकीम पुत्र इल्यास है। वह बिलारी के रहमतनगर का निवासी है।
उसे गिरफ्तार कर लिया गया और बाइक को सीज कर दिया गया है। युवक से फर्जी आईकार्ड मिला है। पुलिस ने बाइक को सीज कर युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
विज्ञापन
आईकार्ड बिलारी कोतवाली में तैनात सचिन मलिक के नाम का था। जब पुलिस ने सचिन मलिक से पूछा तो उसका और इस युवक कोई संबंध भी सामने नहीं आया। इस मामले में हजरतगढ़ी थाने की पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। क्योंकि यह फर्जी पुलिसवाला हजरतनगढ़ी थाना पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान ही पकड़ा गया है।
विज्ञापन
हजरतनगर गढ़ी थाने की सोमवार को वाहन चेकिंग कर रही थी। पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान फर्जी पुलिसकर्मी को उस वक्त गिरफ्तार किया जब जिगनिया गेट पर चेकिंग कर रहे थे।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष प्रिंस शर्मा ने बताया कि जैसे ही सिपाहियों ने सिरसी से बिलारी की ओर जा रहे फर्जी पुलिसकर्मी की बाइक जैसे ही रोकी गई, वैसे ही उसने अपना आईकार्ड निकाला और सिपाही के हाथ में रख दिया, बोला मैं दीवान जी हूं और मेरी पोस्टिंग बिलारी में है।
उसके अंदाज से शक हुआ क्योंकि आमतौर पर पुलिसकर्मी यही कहते हैं मैं स्टाफ हूं। आईकार्ड का नंबर तो तब आता है जब कोई शक कर रहा हो। थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने फर्जी पुलिसवाला बनकर रौब गांठने वाले इस युवक के बारे में छानबीन की तो पता लगा कि युवक बिलारी का रहने वाला है और जनसेवा केंद्र चलाता है।
इसके पास जो आईकार्ड मिला है उस पर बिलारी कोतवाली में तैनात सचिन मलिक का नाम लिखा था। जब सचिन मलिक से पूछा गया तो उन्होंने इस युवक के बारे में जानकारी होनेसे इनकार किया। जबकि इस युवक ने उनके आईकार्ड को स्कैन करके अपना फोटो लगा रखा था। फोटो भी वर्दी में था।
जाहिर युवक ने वर्दी बनवाई होगी और उसे पहनकर फोटो खिंचवाया फिर उसे आईकार्ड पर लगवाया। युवक का नाम मुस्तकीम पुत्र इल्यास है। वह बिलारी के रहमतनगर का निवासी है।
उसे गिरफ्तार कर लिया गया और बाइक को सीज कर दिया गया है। युवक से फर्जी आईकार्ड मिला है। पुलिस ने बाइक को सीज कर युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।