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Sambhal News: अब तक 2194 श्रमिकों को मिला योजनाओं का लाभ
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बहजोई। शासन की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत जिले में अब तक 2194 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को लाभ दिया जा चुका है।
सहायक श्रम आयुक्त राम लखन पटेल ने बताया कि पंजीकृत पुरुष कामगारों को मातृत्व हित लाभ के रूप में 6 हजार रुपये एकमुश्त दिए जाते हैं। महिला कर्मकारों को संस्थागत प्रसव पर तीन माह के न्यूनतम वेतन के बराबर धनराशि और एक हजार रुपये चिकित्सा बोनस मिलता है। प्रसव के बाद बेटे के जन्म पर 26 हजार रुपये और बेटी के जन्म पर 31 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है। परिवार में पहली और दूसरी संतान बेटी होने पर 25 हजार रुपये सावधि जमा का प्रावधान है। जन्म से दिव्यांग बालिका को 50 हजार रुपये सावधि जमा दिए जाते हैं। यह राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने पर परिपक्वता पर मिलती है।
श्रमिकों को रोजगार और योजनाओं का प्रचार
सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विभिन्न निर्माण कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें भवन, सड़क, पुलिया, तालाब, पार्क और नाली निर्माण जैसे कार्य प्रमुख हैं। राजमिस्त्री, पेंटिंग, टाइल्स लगाने और खनन जैसे कार्य भी इसमें आते हैं। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने अधिकारियों को पात्र श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता सभी पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
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सहायक श्रम आयुक्त राम लखन पटेल ने बताया कि पंजीकृत पुरुष कामगारों को मातृत्व हित लाभ के रूप में 6 हजार रुपये एकमुश्त दिए जाते हैं। महिला कर्मकारों को संस्थागत प्रसव पर तीन माह के न्यूनतम वेतन के बराबर धनराशि और एक हजार रुपये चिकित्सा बोनस मिलता है। प्रसव के बाद बेटे के जन्म पर 26 हजार रुपये और बेटी के जन्म पर 31 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाती है। परिवार में पहली और दूसरी संतान बेटी होने पर 25 हजार रुपये सावधि जमा का प्रावधान है। जन्म से दिव्यांग बालिका को 50 हजार रुपये सावधि जमा दिए जाते हैं। यह राशि बालिका के 18 वर्ष की आयु तक अविवाहित रहने पर परिपक्वता पर मिलती है।
श्रमिकों को रोजगार और योजनाओं का प्रचार
सहायक श्रम आयुक्त ने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को रोजगार देने के लिए विभिन्न निर्माण कार्य शामिल किए गए हैं। इनमें भवन, सड़क, पुलिया, तालाब, पार्क और नाली निर्माण जैसे कार्य प्रमुख हैं। राजमिस्त्री, पेंटिंग, टाइल्स लगाने और खनन जैसे कार्य भी इसमें आते हैं। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने अधिकारियों को पात्र श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित करने और योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता सभी पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
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