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मतदान बहिष्कार के एलान के साढ़े चार घंटे बाद लोगों ने डाले वोट
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चंदौसी(संभल)। चंदौसी विधानसभा क्षेत्र के गांव नसीरपुर नरौली में ग्रामीणों ने विकास कार्य न होने के विरोध में मतदान का बहिष्कार कर दिया है। सूचना पर भाजपा प्रत्याशी व ब्लॉक प्रमुख पहुंच गईं, पर ग्रामीण नहीं माने। बाद में पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर पदमेंद्र सिंह के आश्वासन पर ग्रामीण मान गए और करीब चार घंटे 25 मिनट की देरी से मतदान शुरू हुआ।
चंदौसी विधानसभा क्षेत्र के गांव नसीरपुर नरौली में ग्रामीणों ने सोमवार को मतदान का बहिष्कार कर दिया। सुबह सात बजे के दौरान मात्र दो लोगों ने वोट डाले थे। इसके बाद ग्रामीण अपने घरों पर ही रुक गए। सुबह के समय बूथ खाली रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव अकरौली और बनियाखेड़ा के प्रथमा बैंक के पास से गांव को जोड़ने वाले दो मुख्य मार्ग हैं। दोनों मार्गों की हालत खस्ता है। गांव के अंदर के रास्ते भी खराब हैं। विकास कार्य न होने पर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया है।
मतदान न होने की सूचना पर सुबह करीब 10.30 बजे भाजपा प्रत्याशी गुलाब देवी, ब्लॉक प्रमुख डॉ. सुगंधा सिंह मौके पर पहुंच गईं। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर पदमेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को उनकी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन पर ग्रामीण मान गए और इसके बाद सुबह करीब 11.25 बजे मतदान शुरू हुआ। इसके बाद बूथ पर मतदाताओं की लाइन लग गई।
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गांव मदारा में 10.10 बजे शुरू हुआ मतदान
बहजोई/चंदौसी। विधानसभा क्षेत्र के गांव मदारा में सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया था, लेकिन 9.10 बजे तक मात्र नौ वोट ही पड़े। गांव में विकास कार्य, सड़क व्यवस्था को लेेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। पीठासीन अधिकारी को इसकी भनक लगी तो उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद एसडीएम राजपाल सिंह, सीओ गोपाल सिंह, जोनल मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। जिसके बाद 10.10 बजे मतदान शुरू हो सका।
सड़क की दुर्दशा के विरोध में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया
संभल। संभल विधानसभा क्षेत्र के गांव खेमपुर के ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग की दुर्दशा के विरोध में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे बाद बूथ पर पहुंचकर पर मतदान किया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का तीन किलोमीटर लंबा मुख्य मार्ग कई वर्षों से खराब पड़ा है। चुनाव के समय जनप्रतिनिधि आते हैं और आश्वासन देकर लौट जाते हैं। आज तक मुख्य रास्ते का निर्माण नहीं कराए जाने से लोगों को आवागमन के दौरान काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। सोमवार की सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान के दौरान कोई भी ग्रामीण मतदान केंद्र नहीं पहुंचा, तो वहां मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में खलबली मच गई। मंदिर के लाउडस्पीकर से ग्रामीणों ने एलान किया कि कोई भी ग्रामीण मतदान करने नहीं जाएगा। इस जानकारी के बाद एसडीएम संभल रमेश बाबू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया कि वह मतदान करें, लेकिन ग्रामीण मतदान करने को तैयार नहीं हुए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के तीन किलोमीटर लंबे मुख्य रास्ते का निर्माण कराने का जिलाधिकारी की ओर से आश्वासन मिले, तभी वह मतदान करने के लिए जाएंगे। काफी प्रयास के बाद ग्रामीण मान गए और मतदान केंद्र पर जाना शुरू हुए। एसडीएम रमेश बाबू ने बताया कि ग्रामीणों को समझाया तो वह मान गए और दस बजे से मतदान शुरू हो गया था। करीब तीन घंटे मतदान बाधित रहा।
मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जिलेभर में हुआ है। कुछ जगह मतदान बहिष्कार की सूचना पर अधिकारी पहुंचे थे। लोगों की समस्या के समाधान का भरोसा दिलाते हुए मतदान कराया है।
संजीव रंजन, जिला निर्वाचन अधिकारी, संभल
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चंदौसी विधानसभा क्षेत्र के गांव नसीरपुर नरौली में ग्रामीणों ने सोमवार को मतदान का बहिष्कार कर दिया। सुबह सात बजे के दौरान मात्र दो लोगों ने वोट डाले थे। इसके बाद ग्रामीण अपने घरों पर ही रुक गए। सुबह के समय बूथ खाली रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव अकरौली और बनियाखेड़ा के प्रथमा बैंक के पास से गांव को जोड़ने वाले दो मुख्य मार्ग हैं। दोनों मार्गों की हालत खस्ता है। गांव के अंदर के रास्ते भी खराब हैं। विकास कार्य न होने पर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया है।
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मतदान न होने की सूचना पर सुबह करीब 10.30 बजे भाजपा प्रत्याशी गुलाब देवी, ब्लॉक प्रमुख डॉ. सुगंधा सिंह मौके पर पहुंच गईं। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। इसके बाद पूर्व ब्लॉक प्रमुख कुंवर पदमेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को उनकी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। उनके आश्वासन पर ग्रामीण मान गए और इसके बाद सुबह करीब 11.25 बजे मतदान शुरू हुआ। इसके बाद बूथ पर मतदाताओं की लाइन लग गई।
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गांव मदारा में 10.10 बजे शुरू हुआ मतदान
बहजोई/चंदौसी। विधानसभा क्षेत्र के गांव मदारा में सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया था, लेकिन 9.10 बजे तक मात्र नौ वोट ही पड़े। गांव में विकास कार्य, सड़क व्यवस्था को लेेकर ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। पीठासीन अधिकारी को इसकी भनक लगी तो उन्होंने उच्चाधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद एसडीएम राजपाल सिंह, सीओ गोपाल सिंह, जोनल मजिस्ट्रेट व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया। जिसके बाद 10.10 बजे मतदान शुरू हो सका।
सड़क की दुर्दशा के विरोध में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया
संभल। संभल विधानसभा क्षेत्र के गांव खेमपुर के ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग की दुर्दशा के विरोध में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे बाद बूथ पर पहुंचकर पर मतदान किया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव का तीन किलोमीटर लंबा मुख्य मार्ग कई वर्षों से खराब पड़ा है। चुनाव के समय जनप्रतिनिधि आते हैं और आश्वासन देकर लौट जाते हैं। आज तक मुख्य रास्ते का निर्माण नहीं कराए जाने से लोगों को आवागमन के दौरान काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। सोमवार की सुबह सात बजे से शुरू हुए मतदान के दौरान कोई भी ग्रामीण मतदान केंद्र नहीं पहुंचा, तो वहां मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में खलबली मच गई। मंदिर के लाउडस्पीकर से ग्रामीणों ने एलान किया कि कोई भी ग्रामीण मतदान करने नहीं जाएगा। इस जानकारी के बाद एसडीएम संभल रमेश बाबू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया कि वह मतदान करें, लेकिन ग्रामीण मतदान करने को तैयार नहीं हुए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव के तीन किलोमीटर लंबे मुख्य रास्ते का निर्माण कराने का जिलाधिकारी की ओर से आश्वासन मिले, तभी वह मतदान करने के लिए जाएंगे। काफी प्रयास के बाद ग्रामीण मान गए और मतदान केंद्र पर जाना शुरू हुए। एसडीएम रमेश बाबू ने बताया कि ग्रामीणों को समझाया तो वह मान गए और दस बजे से मतदान शुरू हो गया था। करीब तीन घंटे मतदान बाधित रहा।
मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जिलेभर में हुआ है। कुछ जगह मतदान बहिष्कार की सूचना पर अधिकारी पहुंचे थे। लोगों की समस्या के समाधान का भरोसा दिलाते हुए मतदान कराया है।
संजीव रंजन, जिला निर्वाचन अधिकारी, संभल