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पूर्व प्रधान ने निजी भूमि पर बनवाया पंचायतघर, वर्तमान ग्राम प्रधान ने भुगतान कराने से किया इनकार 18-04-49
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संभल। पूर्व प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने पंचायत घर निजी भूमि पर खड़ा करा दिया। इसकी जानकारी वर्तमान प्रधान को हुई तो उन्होंने भुगतान नहीं किया और अब पंचायत घर का कार्य अधूरा पड़ा है। पूर्व प्रधान ने ग्राम समाज की भूमि बताई थी लेकिन वर्तमान प्रधान का कहना है कि जिस स्थान पर पंचायतघर का निर्माण हो रहा है वह निजी भूमि है।
ऐसे में सवाल उठता है कि पूर्व प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने इस पंचायत घर का निर्माण कैसे करा दिया। दरअसल यह मामला पवांसा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर बाबई का है। इस ग्राम पंचायत में पंचायत चुनाव से पहले पंचायत घर का निर्माण कार्य किया शुरू हो गया था। जिसकी लागत भी करीब 17 लाख तय हुई थी। इसमें करीब छह लाख रुपये खर्च हो चुके लेकिन जब वर्तमान प्रधान ने जानकारी की तो पंचायत घर जिस भूमि पर बन रहा है वह भूमि तीन ग्रामीणों की निजी निकली। वर्तमान प्रधान ने भुगतान करने से इनकार कर दिया। अब पूर्व प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव भुगतान कराने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन वर्तमान प्रधान ने साफ इनकार कर दिया है।
लेखपाल से भूमि की जांच पड़ताल करने के लिए भी कहा गया है। जिससे स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। अब तक जो निर्माण कार्य हुआ उसकी जानकारी पूरी तरह पंचायती राज विभाग को भी नहीं है। एडीओ पंचायत शिकायती पत्र मिलने के बाद जांच पड़ताल करने की बात कह रहे हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि निजी भूमि पर बिल्डिंग खड़ी की गई है। जबकि पूर्व प्रधान का कहना है कि हल्का लेखपाल से जांच पड़ताल कराई थी। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव निजी भूमि होने की जानकारी से इनकार कर रहे हैं।
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ऐसे में सवाल उठता है कि पूर्व प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव ने इस पंचायत घर का निर्माण कैसे करा दिया। दरअसल यह मामला पवांसा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर बाबई का है। इस ग्राम पंचायत में पंचायत चुनाव से पहले पंचायत घर का निर्माण कार्य किया शुरू हो गया था। जिसकी लागत भी करीब 17 लाख तय हुई थी। इसमें करीब छह लाख रुपये खर्च हो चुके लेकिन जब वर्तमान प्रधान ने जानकारी की तो पंचायत घर जिस भूमि पर बन रहा है वह भूमि तीन ग्रामीणों की निजी निकली। वर्तमान प्रधान ने भुगतान करने से इनकार कर दिया। अब पूर्व प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव भुगतान कराने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन वर्तमान प्रधान ने साफ इनकार कर दिया है।
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लेखपाल से भूमि की जांच पड़ताल करने के लिए भी कहा गया है। जिससे स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। अब तक जो निर्माण कार्य हुआ उसकी जानकारी पूरी तरह पंचायती राज विभाग को भी नहीं है। एडीओ पंचायत शिकायती पत्र मिलने के बाद जांच पड़ताल करने की बात कह रहे हैं। ग्राम प्रधान का कहना है कि निजी भूमि पर बिल्डिंग खड़ी की गई है। जबकि पूर्व प्रधान का कहना है कि हल्का लेखपाल से जांच पड़ताल कराई थी। तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव निजी भूमि होने की जानकारी से इनकार कर रहे हैं।
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