रावण और मेघनाद के पुतले जलाए
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संभल। कुरुक्षेत्र के मैदान में दहशरा मेला लगाया गया। महिलाओँ और बच्चों ने खरीदारी की। चाट पकौड़ी का आनंद लिया। रावण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया। इसके साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल, डा. अरविंद गुप्ता, अरविंद अरोरा, डा. यूसी सक्सेना, कमलकांत तिवारी, एडीएम लवकुश त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद मौजूद रहे। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष कपिल सिंघल, प्रबंधक विपुल गुप्ता अपने पदाधिकारियों सक्रिय थे। संचालन गगन वार्ष्णेय और वरिष्ठ अधिवक्ता उमेशचंद्र शर्मा ने किया। भीड़ को संभालने के लिए चौतरफा बेरिकेडिंग की गई। रावण दहन से पहले मैदान में ही रामलीलाका मंचन किया गया। रात्रि नौ बजे के करीब जैसे ही राम ने तीर छोड़ा आतिशबाजी के साथ रावण और कुंभकर्ण के पुतले धू-धू कर जलने लगे।
हजरतनगरगढ़ी में रामलीला मैदान के मंच पर चल रही श्रीराम लीला के मंचन में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह सैनी पहुंचे। फीता काटकर रामलीला और दशहरा मेला का शुभारंभ किया। रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। प्रभु श्री राम के बाण से पुतले धू-धू कर जल उठे। मेले में कई गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रबुद्घ प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय अध्यक्ष भीष्म शर्मा, प्रशासन की ओर से मेला प्रभारी एसओसी चकबंदी ओपी गुप्ता, रामलीला कमेटी की ओर से अध्यक्ष देवेंद्र सिंह सैनिक, महावीर सिंह, जगतदेव सिंह, होरी सिंह, पंकज गुप्ता, विजयपाल सिंह, अशोक कुमार, हरज्ञान सिंह, कुलदीप चौधरी, विजय सिंह, प्रधान गुड्डू, रामकुंवर सिंह, कूक्कू, सुखवीर सिंह, राजाराम आदि रहे। कुरुक्षेत्र मैदान में पुतला दहन के बाद रावण के पुतले की जली और अधजली खपच्चियां बटोरने की परंपरा को तमाम लोगों ने निभाया। जैसे ही पुतला दहन हुआ उसके बाद तमाम दर्शक खपच्चियां हासिल करने के लिए मैदान की ओर दौड़े। इन खपच्चियों को उठाकर घर ले जाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इनके घर में रखने से बाधाएं दूर होती हैं। रावण दहन में अजय शर्मा, प्रिंस शर्मा, प्रेम सिंह, मीनाक्षी पाल आदि ने भागीदारी की।