{"_id":"5efe29268ebc3e42c50a7b9a","slug":"fir-on-frod-teacher-in-sambhal-chandausi-news-mbd3545118136","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ वर्ष तक फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे शिक्षक से होगी 40 लाख रुपये की वसूली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ वर्ष तक फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे शिक्षक से होगी 40 लाख रुपये की वसूली
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहजोई। आठ वर्ष तक फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी कर रहे शिक्षक के खिलाफ नौ माह पहले हुई सेवा समाप्ति की कार्रवाई के बाद अब विभाग की ओर से वेतन वसूली की जाएगी। इसको लेकर बीएसए की ओर से विकासखंड के बीईओ को पत्र जारी किया है। साथ ही संबंधित थाना में एफआइआर दर्ज कराए जाने के निर्देश भी दिए हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में फर्जी और टैंपर्ड प्रमाणपत्र धारी अभ्यर्थियों में 2823 फेक अभ्यर्थियों की सूची में से चिह्नित जिले के विकासखंड गुन्नौर के उच्च प्राथमिक विद्यालय गुन्नौर में तैनात सहायक अध्यापक चेतन राज चौहान का नाम सामने आया था। बीते 21 सितंबर 2019 को फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई थी।
अब विकासखंड में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी को फर्जी डिग्रीधारक सहायक अध्यापक के खिलाफ संबंधित थाने में एफआइआर दर्ज कराए जाने तथा नियुक्ति से लेकर सेवा समाप्ति तक लिए गए वेतन की रिकवरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्राथमिकी और रिकवरी की पूरी प्रक्रिया कर जल्द से जल्द साक्ष्यों सहित बीएसए दफ्तर में उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विज्ञापन
साथ ही चेताया गया है कि पूरे मामले में ढिलाई सामने आने पर कार्रवाई तय है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी कमलराज ने बताया कि 17 जनवरी 2011 में शिक्षक की नियुक्ति जिला बदायूं के म्याऊं विकासखंड में हुई थी। अब शिक्षक के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई तक लिए गए वेतन करीब 40 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी।
शासन की ओर से की जाने वाली यह प्रक्रिया पूरी तरह से गलत है। इतने वर्ष से नौकरी कर रहे हैं। यदि डिग्री फर्जी होती तो इतने दिनों तक वेतन नहीं मिलता। वेतन भी तो इसी डिग्री पर नौकरी करते हुए मिला है। दूसरी ओर जिस विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री को फर्जी बताकर कार्रवाई कराई जा रही है। वह डिग्री भी तो उसी विश्वविद्यालय की ओर से दी गई है। ऐसे में किसी बड़ी एजेंसी से पूरे मामले की जांच कराई जाए।
चेतन राज चौहान, बर्खास्त शिक्षक।
विज्ञापन
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश में फर्जी और टैंपर्ड प्रमाणपत्र धारी अभ्यर्थियों में 2823 फेक अभ्यर्थियों की सूची में से चिह्नित जिले के विकासखंड गुन्नौर के उच्च प्राथमिक विद्यालय गुन्नौर में तैनात सहायक अध्यापक चेतन राज चौहान का नाम सामने आया था। बीते 21 सितंबर 2019 को फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे सहायक अध्यापक के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई की गई थी।
विज्ञापन
अब विकासखंड में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी को फर्जी डिग्रीधारक सहायक अध्यापक के खिलाफ संबंधित थाने में एफआइआर दर्ज कराए जाने तथा नियुक्ति से लेकर सेवा समाप्ति तक लिए गए वेतन की रिकवरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा प्राथमिकी और रिकवरी की पूरी प्रक्रिया कर जल्द से जल्द साक्ष्यों सहित बीएसए दफ्तर में उपलब्ध कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विज्ञापन
साथ ही चेताया गया है कि पूरे मामले में ढिलाई सामने आने पर कार्रवाई तय है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी कमलराज ने बताया कि 17 जनवरी 2011 में शिक्षक की नियुक्ति जिला बदायूं के म्याऊं विकासखंड में हुई थी। अब शिक्षक के खिलाफ सेवा समाप्ति की कार्रवाई तक लिए गए वेतन करीब 40 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी।
शासन की ओर से की जाने वाली यह प्रक्रिया पूरी तरह से गलत है। इतने वर्ष से नौकरी कर रहे हैं। यदि डिग्री फर्जी होती तो इतने दिनों तक वेतन नहीं मिलता। वेतन भी तो इसी डिग्री पर नौकरी करते हुए मिला है। दूसरी ओर जिस विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री को फर्जी बताकर कार्रवाई कराई जा रही है। वह डिग्री भी तो उसी विश्वविद्यालय की ओर से दी गई है। ऐसे में किसी बड़ी एजेंसी से पूरे मामले की जांच कराई जाए।
चेतन राज चौहान, बर्खास्त शिक्षक।