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Sambhal News: सांसद के मकान में अवैध निर्माण मामले की अंतिम सुनवाई 10 फरवरी को
Wed, 05 Feb 2025 01:43 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Wed, 05 Feb 2025 01:43 AM IST
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संभल। सांसद जियाउर्रहमान बर्क के मकान में अवैध निर्माण मामले में मंगलवार को एसडीएम वंदना मिश्रा ने सुनवाई की। सांसद के अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र देकर साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा है। एसडीएम ने अगली तिथि 10 फरवरी तय की है। एसडीएम का कहना है कि यह अंतिम समय दिया गया है। अब साक्ष्य नहीं दिए गए तो कार्रवाई की जाएगी।
सांसद के दीपासराय में स्थित मकान के निर्माण को प्रशासन ने अवैध माना था। नियत प्राधिकारी/उपजिलाधिकारी विनियमित क्षेत्र संभल की ओर से सांसद को बिना अनुमति निर्माण करने पर नोटिस जारी किया गया था। उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट 1958 का उल्लंघन बताया था। इस अवैध निर्माण मामले में चार बार समय बढ़ाया गया है। लेकिन 10 फरवरी अंतिम समय बढ़ाया गया है। एसडीएम का कहना है कि साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए चार बार नोटिस जारी किया जा चुका है। अब 10 फरवरी का अंतिम समय है। यदि इस अवधि में साक्ष्य नहीं दे पाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो सांसद के अधिवक्ता ने 23 जनवरी को प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि जो निर्माण अवैध बताया जा रहा है वह नवनिर्माण नहीं है। साथ ही जिस संपत्ति पर निर्माण हुआ है वह सांसद जियाउर्रहमान के पिता ममलुकुर्रहमान बर्क के नाम पालिका में दर्ज है। हालांकि पालिका के ईओ का कहना है कि वह संपत्ति सांसद के नाम से ही दर्ज है। इन सभी दावों के साक्ष्य एसडीएम द्वारा मांगे गए हैं।
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सांसद के दीपासराय में स्थित मकान के निर्माण को प्रशासन ने अवैध माना था। नियत प्राधिकारी/उपजिलाधिकारी विनियमित क्षेत्र संभल की ओर से सांसद को बिना अनुमति निर्माण करने पर नोटिस जारी किया गया था। उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ बिल्डिंग ऑपरेशन एक्ट 1958 का उल्लंघन बताया था। इस अवैध निर्माण मामले में चार बार समय बढ़ाया गया है। लेकिन 10 फरवरी अंतिम समय बढ़ाया गया है। एसडीएम का कहना है कि साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए चार बार नोटिस जारी किया जा चुका है। अब 10 फरवरी का अंतिम समय है। यदि इस अवधि में साक्ष्य नहीं दे पाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मालूम हो सांसद के अधिवक्ता ने 23 जनवरी को प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि जो निर्माण अवैध बताया जा रहा है वह नवनिर्माण नहीं है। साथ ही जिस संपत्ति पर निर्माण हुआ है वह सांसद जियाउर्रहमान के पिता ममलुकुर्रहमान बर्क के नाम पालिका में दर्ज है। हालांकि पालिका के ईओ का कहना है कि वह संपत्ति सांसद के नाम से ही दर्ज है। इन सभी दावों के साक्ष्य एसडीएम द्वारा मांगे गए हैं।
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