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फसलों की बर्बादी पर आंसू बहा रहे किसान
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चंदौसी/पवांसा। पिछले दिनों हुई बारिश से किसानों की फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। जिससे किसान भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
किसानों ने फसल बेचकर मिलने वाली रकम से कर्जा चुकाने, पुत्र-पुत्रियों के विवाह संपन्न करने जैसी उम्मीद कर रखी थी। मगर बारिश के प्रकोप ने किसानों के सपनों को तोड़ दिया है। जिससे खेतों पर बर्बाद हुई फसल को देखकर आंसू बहा रहा है। किसानों का कहना है कि अब सरकार ही उनकी मदद कर सकती हैं।
कैसे करेगी पुत्री के हाथ पीले
चंदौसी। गांव खिरनी निवासी छोटी देवी ने बताया कि उसने अपने पांच बीघा खेत में धान की फसल की थी। मगर बारिश से खेत में पानी भर जाने से सारी फसल बर्बाद हो गई। महिला ने बताया कि 55 से 60 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। 22 नवंबर को उसकी पुत्री की बरात आनी है। अब पीड़ित महिला कैसे अपनी पुत्री के हाथ पीले कर पाएगी, वह इसी बात को सोच-सोच कर परेशान है।
बारिश ने बर्बाद कर दी 16 बीघा आलू की फसल
चंदौसी। गांव खिरनी निवासी विजय सिंह ने अपने 16 बीघा खेत में आलू की फसल की बुवाई की थी। मगर बारिश होने से खेत में पानी भर गया और पूरी फसल नष्ट हो गई। जिससे उसे डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब दोबारा से खेत की जुताई कर फसल की बुवाई करनी पड़ेगी। किसान ने बताया कि उसने किश्तों पर ट्रैक्टर लिया था। जिसकी हर माह सात हजार रुपये किश्त जमा करनी पड़ती है। पहले से ही दो किश्त टूटी हुई चल रही है, अब तीसरी किश्त दस नवंबर को जमा करनी है। उसके पास पैसे का कोई इंतजाम न होने से परेशान है।
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बारिश ने किसान के परिवार की खुशियां पर फेरा पानी
चंदौसी। गांव धुरैटा निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसने दस बीघा जमीन ठेके पर ली थी। जिसमें उसने धान की फसल की थी। उसे खेत मालिक को प्रति बीघा के हिसाब से 6500 रुपये देने थे। मगर बारिश ने पूरी फसल बर्बाद कर दी। अब वह खेत मालिक को रुपये कहां से देगा। किसान ने बताया कि फसल बर्बाद होने से उसे सवा लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। घर में खाने-पीने की लाले पड़े है। बारिश ने उसके परिवार की खुशियों पर पानी फेर दिया।
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किसानों ने फसल बेचकर मिलने वाली रकम से कर्जा चुकाने, पुत्र-पुत्रियों के विवाह संपन्न करने जैसी उम्मीद कर रखी थी। मगर बारिश के प्रकोप ने किसानों के सपनों को तोड़ दिया है। जिससे खेतों पर बर्बाद हुई फसल को देखकर आंसू बहा रहा है। किसानों का कहना है कि अब सरकार ही उनकी मदद कर सकती हैं।
कैसे करेगी पुत्री के हाथ पीले
चंदौसी। गांव खिरनी निवासी छोटी देवी ने बताया कि उसने अपने पांच बीघा खेत में धान की फसल की थी। मगर बारिश से खेत में पानी भर जाने से सारी फसल बर्बाद हो गई। महिला ने बताया कि 55 से 60 हजार रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। 22 नवंबर को उसकी पुत्री की बरात आनी है। अब पीड़ित महिला कैसे अपनी पुत्री के हाथ पीले कर पाएगी, वह इसी बात को सोच-सोच कर परेशान है।
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बारिश ने बर्बाद कर दी 16 बीघा आलू की फसल
चंदौसी। गांव खिरनी निवासी विजय सिंह ने अपने 16 बीघा खेत में आलू की फसल की बुवाई की थी। मगर बारिश होने से खेत में पानी भर गया और पूरी फसल नष्ट हो गई। जिससे उसे डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अब दोबारा से खेत की जुताई कर फसल की बुवाई करनी पड़ेगी। किसान ने बताया कि उसने किश्तों पर ट्रैक्टर लिया था। जिसकी हर माह सात हजार रुपये किश्त जमा करनी पड़ती है। पहले से ही दो किश्त टूटी हुई चल रही है, अब तीसरी किश्त दस नवंबर को जमा करनी है। उसके पास पैसे का कोई इंतजाम न होने से परेशान है।
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बारिश ने किसान के परिवार की खुशियां पर फेरा पानी
चंदौसी। गांव धुरैटा निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसने दस बीघा जमीन ठेके पर ली थी। जिसमें उसने धान की फसल की थी। उसे खेत मालिक को प्रति बीघा के हिसाब से 6500 रुपये देने थे। मगर बारिश ने पूरी फसल बर्बाद कर दी। अब वह खेत मालिक को रुपये कहां से देगा। किसान ने बताया कि फसल बर्बाद होने से उसे सवा लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई है। घर में खाने-पीने की लाले पड़े है। बारिश ने उसके परिवार की खुशियों पर पानी फेर दिया।