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जमीन कब्जामुक्त कराने के विरोध में जेसीबी के आगे लेटा किसान
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बबराला/जुनावई। बबराला क्षेत्र में इंडस्ट्रीयल एरिया के लिए खरीदी गई एसआईडीसी (उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक निगम) की जमीन को कब्जामुक्त कराने पहुंचे एसडीएम के समक्ष किसानों ने विरोध किया। एक किसान जेसीबी के आगे लेट गया। एसडीएम ने पुलिस की मदद से किसानों को खदेड़ा। बाद में किसानों की मांग पर जमीन पर फसल खड़ी देकर एसडीएम ने उन्हें 15 दिन में जमीन खाली करने के आदेश दिए हैं।
गुन्नौर थाना क्षेत्र स्थित बबराला इंडस्ट्रियल एरिया के लिए वर्ष 1987 में यूपीएसाईडीसी के द्वारा 1503 एकड़ भूमि को किसानों से खरीदा गया था, जहां की 12 सो एकड़ में यारा फर्टिलाइजर केमिकल इंडस्ट्रियल एरिया के हेतु इस्तेमाल किया गया था। वहीं, यूपीएसईडीसी के द्वारा 303 एकड़ भूमि को अन्य इंडस्ट्रियल बनाए जाने के लिए छोड़ दिया गया था । खाली पड़ी 303 एकड़ भूमि पर किसानों ने 1987 से अपना कब्जा कर खेती उगाने का कार्य करते चले आ रहे थे। अब इस भूमि पर अन्य इंडस्ट्री को उद्योग लगाने की स्वीकृति दे दी गई है। यूपीएसआईडीसी के अधिकारी ने गुन्नौर उपजिलाधिकारी रामकेश धामा से इंडस्ट्रियल भूमि को खाली कराने की मांग की।
सोमवार को गुन्नौर उपॉजिला अधिकारी एवं गुन्नौर सीओ राकेश कुमार सहित भारी तादात में पुलिस बल के साथ इंडस्ट्रियल इलाके को कब्जा मुक्त कराने के लिए पहुंचे। भूमि को खाली कराने का गांव नूरपुर के एक किसान ने विरोध शुरू कर दिया। गुन्नौर एसडीएम के द्वारा किसान को समझाया, पर वह मानने को तैयार नहीं हुआ। इस दौरान किसान गड्ढे खोद रही जेसीबी के आगे जाकर लेट गया। एसडीएम ने जेसीबी को रुकवा कर किसानों को हटाने के आदेश दिए। किसानों की मांग पर एसडीएम ने उनकी फसल को देखकर 15 दिन की मोहलत दी। साथ ही जमीन को कब्जामुक्त कर स्वयं खाली करने के आदेश दिए हैं।
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यूपीएसआईडीसी के द्वारा 34 साल पहले किसानों को मुआवजा देकर 1503 एकड़ भूमि खरीदी थी। इसमें कुछ जमीन पर किसानों ने कब्जा कर रखा था। उसे कब्जा मुक्त कराने के लिए मैं स्वयं गया था। किसानों की फसल खड़ी हैं, उनकी मांग पर 15 दिन की मोहलत स्वयं जमीन खाली करने की दी गई है।
रामकेश धामा, एसडीएम गुन्नौर।
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गुन्नौर थाना क्षेत्र स्थित बबराला इंडस्ट्रियल एरिया के लिए वर्ष 1987 में यूपीएसाईडीसी के द्वारा 1503 एकड़ भूमि को किसानों से खरीदा गया था, जहां की 12 सो एकड़ में यारा फर्टिलाइजर केमिकल इंडस्ट्रियल एरिया के हेतु इस्तेमाल किया गया था। वहीं, यूपीएसईडीसी के द्वारा 303 एकड़ भूमि को अन्य इंडस्ट्रियल बनाए जाने के लिए छोड़ दिया गया था । खाली पड़ी 303 एकड़ भूमि पर किसानों ने 1987 से अपना कब्जा कर खेती उगाने का कार्य करते चले आ रहे थे। अब इस भूमि पर अन्य इंडस्ट्री को उद्योग लगाने की स्वीकृति दे दी गई है। यूपीएसआईडीसी के अधिकारी ने गुन्नौर उपजिलाधिकारी रामकेश धामा से इंडस्ट्रियल भूमि को खाली कराने की मांग की।
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सोमवार को गुन्नौर उपॉजिला अधिकारी एवं गुन्नौर सीओ राकेश कुमार सहित भारी तादात में पुलिस बल के साथ इंडस्ट्रियल इलाके को कब्जा मुक्त कराने के लिए पहुंचे। भूमि को खाली कराने का गांव नूरपुर के एक किसान ने विरोध शुरू कर दिया। गुन्नौर एसडीएम के द्वारा किसान को समझाया, पर वह मानने को तैयार नहीं हुआ। इस दौरान किसान गड्ढे खोद रही जेसीबी के आगे जाकर लेट गया। एसडीएम ने जेसीबी को रुकवा कर किसानों को हटाने के आदेश दिए। किसानों की मांग पर एसडीएम ने उनकी फसल को देखकर 15 दिन की मोहलत दी। साथ ही जमीन को कब्जामुक्त कर स्वयं खाली करने के आदेश दिए हैं।
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यूपीएसआईडीसी के द्वारा 34 साल पहले किसानों को मुआवजा देकर 1503 एकड़ भूमि खरीदी थी। इसमें कुछ जमीन पर किसानों ने कब्जा कर रखा था। उसे कब्जा मुक्त कराने के लिए मैं स्वयं गया था। किसानों की फसल खड़ी हैं, उनकी मांग पर 15 दिन की मोहलत स्वयं जमीन खाली करने की दी गई है।
रामकेश धामा, एसडीएम गुन्नौर।