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ट्रैक्टर-ट्राली से कुचलकर किसान की मौत
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Sat, 19 May 2018 01:04 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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मौसी के घर से लौट रहे बाइक सवार किसान को ट्रैक्टर-ट्राली ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को सीएचसी पर लावारिस हालत में छोड़ दिया। सुबह जब मृतक की जेब में रखा मोबाइल बजा तो अस्पताल में मौजूद किसी मरीज के तीमारदार ने फोन उठाकर दूसरी ओर से बात कर रहे व्यक्ति को मौत होने की बात बताई।
आनन-फानन में मौके पर परिजन पहुंच गए। गुस्साए परिजनों ने पुस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हसनपुर-बदायूं मार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर विधायक भी पहुंच गए। गुस्साए लोगों को शांत कराया। इंस्टपेक्टर को हटाए जाने की कार्रवाई के बाद जाम खोला गया। करीब तीन घंटे यातायात रुका रहा।
संभल जनपद के रजपुरा थाना क्षेत्र के सिगौला निवासी विजेंद्र पुत्र (32) पुत्र छिद्दा की शादी आदमपुर मजरा से हुई थी। गुरुवार को विजेंद्र अपनी पत्नी बाला और बच्चों के साथ साले के बेटे के नामकरण कार्यक्रम में शामिल होने आया था। शाम को क्षेत्र के गांव पीतमपुर निवासी अपनी मौसी के घर चला गया।
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रात में करीब पौने दस बजे वह बाइक से ससुराल आदमपुर मजरा लौट रहा था। वह आदमपुर रहरा के बीच स्थित कालू की समाधि के पास पहुंचा था कि तभी सामने से आ रहे ट्रैक्टर-ट्राली ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने हादसे की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बिना जांच पड़ताल किए लाश को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहरा में रखवा दिया। पूरी रातभर विजेंद्र की लाश लावारिस पड़ी रही।
शुक्रवार तड़के लाश की जेब में रखा मोबाइल बजा तो मरीज और तीमारदार दंग रह गए। जेब से मोबाइल निकालकर मृतक के मामा को दुर्घटना की जानकारी दी। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में हाहाकार मच गया। चींखते चिल्लाते सीएचसी पहुंचे परिजनों का गुस्सा भड़क गया। शव रहरा रिपोर्टिंग चौकी के सामने रखकर हसनपुर-बदायूं रोड जाम कर दिया। दोनों दिशाओं ने आने-जाने वाले वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
जाम की जानकारी मिलते ही सीओ अजय कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुुंच गए। परिजनों ने सीओ को बताया कि हादसा होने के बाद विजेंद्र की जेब में फोन होते हुए भी जानकारी क्यों नहीं दी गई। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
वहीं जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक महेंद्र खडगवंशी भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों से मामले की जानकारी की। पुलिस ने लापरवाही सामने आते ही विधायक का पारा चढ़ गया। तत्काल एसपी को फोन कर इंस्पेक्टर को हटाने की हिदायत दी और पीड़ित परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा। विधायक महेंद्र खडगवंशी ने दोपहर तक कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर परिजनों ने जाम खोला।
इसके बाद पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। बाद में एसपी ने इंस्पेक्टर अजीत रौरिया को थाने से हटा दिया। वहीं, सड़क दुर्घटना में काल के गाल में समाए विजेंद्र के एक बेटी और दो बेटे समेत तीन बच्चे है। पिता की मौत के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है। छोटी सी उम्र में ही तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
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आनन-फानन में मौके पर परिजन पहुंच गए। गुस्साए परिजनों ने पुस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हसनपुर-बदायूं मार्ग पर जाम लगा दिया। मौके पर विधायक भी पहुंच गए। गुस्साए लोगों को शांत कराया। इंस्टपेक्टर को हटाए जाने की कार्रवाई के बाद जाम खोला गया। करीब तीन घंटे यातायात रुका रहा।
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संभल जनपद के रजपुरा थाना क्षेत्र के सिगौला निवासी विजेंद्र पुत्र (32) पुत्र छिद्दा की शादी आदमपुर मजरा से हुई थी। गुरुवार को विजेंद्र अपनी पत्नी बाला और बच्चों के साथ साले के बेटे के नामकरण कार्यक्रम में शामिल होने आया था। शाम को क्षेत्र के गांव पीतमपुर निवासी अपनी मौसी के घर चला गया।
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रात में करीब पौने दस बजे वह बाइक से ससुराल आदमपुर मजरा लौट रहा था। वह आदमपुर रहरा के बीच स्थित कालू की समाधि के पास पहुंचा था कि तभी सामने से आ रहे ट्रैक्टर-ट्राली ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने हादसे की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बिना जांच पड़ताल किए लाश को उठाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहरा में रखवा दिया। पूरी रातभर विजेंद्र की लाश लावारिस पड़ी रही।
शुक्रवार तड़के लाश की जेब में रखा मोबाइल बजा तो मरीज और तीमारदार दंग रह गए। जेब से मोबाइल निकालकर मृतक के मामा को दुर्घटना की जानकारी दी। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में हाहाकार मच गया। चींखते चिल्लाते सीएचसी पहुंचे परिजनों का गुस्सा भड़क गया। शव रहरा रिपोर्टिंग चौकी के सामने रखकर हसनपुर-बदायूं रोड जाम कर दिया। दोनों दिशाओं ने आने-जाने वाले वाहनों की लंबी लाइन लग गई।
जाम की जानकारी मिलते ही सीओ अजय कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुुंच गए। परिजनों ने सीओ को बताया कि हादसा होने के बाद विजेंद्र की जेब में फोन होते हुए भी जानकारी क्यों नहीं दी गई। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया।
वहीं जानकारी मिलते ही क्षेत्रीय विधायक महेंद्र खडगवंशी भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों से मामले की जानकारी की। पुलिस ने लापरवाही सामने आते ही विधायक का पारा चढ़ गया। तत्काल एसपी को फोन कर इंस्पेक्टर को हटाने की हिदायत दी और पीड़ित परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई करने को कहा। विधायक महेंद्र खडगवंशी ने दोपहर तक कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर परिजनों ने जाम खोला।
इसके बाद पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा दिया। बाद में एसपी ने इंस्पेक्टर अजीत रौरिया को थाने से हटा दिया। वहीं, सड़क दुर्घटना में काल के गाल में समाए विजेंद्र के एक बेटी और दो बेटे समेत तीन बच्चे है। पिता की मौत के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है। छोटी सी उम्र में ही तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।