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Sambhal News: जीएसटी कम होने के बाद भी ग्राहकों को नहीं मिल रहा लाभ
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चंदौसी की एक दुकान में सजा रोजमर्रा की चीजों का सामान। संवाद
चंदौसी। जीएसटी की दरें कम होने के पांच दिन बाद भी ग्राहकों की जेब कट रही है। घरेलू उपयोग का सामान अभी भी पुरानी दर पर ही बेचा जा रहा है। वहीं दुकानदार पुराने स्टॉक का हवाला देते हुए ग्राहकों को घटी दर का लाभ देने से बच रहे हैं। देश भर में 22 सितंबर से जीएसटी की नई दरें लागू हो गई थीं। रोजाना घरों में उपयोग में आने वाले बिस्कुट, नमकीन, चिप्स, शैंपू, साबुन, टूथपेस्ट, तेल, दूध, पनीर, घी, टॉफी आदि वस्तुओं पर जीएसटी की दरों को बदला गया है। इसमें कुछ वस्तुओं पर जीएसटी दरें 28 प्रतिशत से घटा कर 18 प्रतिशत, कुछ पर 18 प्रतिशत से घटा कर 12 प्रतिशत के स्लैब में तो कुछ वस्तुओं को 12 प्रतिशत से घटा कर 5 प्रतिशत के स्लैब में रखा गया है। लेकिन आलम ये है कि जब ग्राहक दुकान पर सामान खरीदने जाता है तो उसे वहीं पुरानी दरों में ही सामान खरीदना पड़ता है। जिससे ग्राहक खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। वहीं दुकानदार अपनी मजबूरी बता रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि उनके पास पुराना स्टॉक मौजूद है। ऐसे में मनाफा काट कर भी सामान बेचने में नुकसान हो रहा हे। नया स्टॉक आने पर कीमतों में बदलाव किया जाएगा।
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बोले दुकानदार
मेरी कॉस्मेटिक की दुकान है। पुराना स्टॉक काफी पड़ा है। सामान पर करीब 10 प्रतिशत का मुनाफा है। ऐसे में नए दाम में सामान बेचने पर मुनाफा काट कर भी आठ प्रतिशत तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। एजेंसियों के माध्यम से अभी नई दरों का सामान उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे पुराने स्टॉक की पुरानी दरों पर बिक्री करना मजबूरी बन गई है।
-बलदेव मेहता, कॉस्मेटिक दुकानदार
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सरकार ने दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर जीएसटी कम कर दिया कुछ पर बिल्कुल समाप्त कर दी है। सरकार के आदेश के बाद भी दुकानदार परिवर्तन करने के मूड में नहीं है जो कि गलत है।
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-आशा गोस्वामी, शिक्षिका
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जीएसटी दरों के कम होने से बजट में राहत मिलने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन बाजार में अभी भी दुकानदार पुरानी कीमतों पर ही सामान दे रहे हैं।
-बीना वार्ष्णेय, गृहिणी
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केंद्र सरकार द्वारा देश में जीएसटी दरों में कमी करके गृहिणियों को राहत की सौगात दी है लेकिन अभी भी खानपान की चीजों पर दुकानदार पुराने रेटों पर ही सामान दे रहे हैं।
-मीनाक्षी शर्मा, गृहिणी
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ये है नई और पुरानी दरें
सामान पुरानी दरें नई दरें
हेयर ऑयल, शैंपू, टूथपेस्ट, टॉयलेट सोप, बाथ सोप 18 12
मक्खन, घी, चीज व डेयरी स्प्रेड्स 12 5
पैक नमकीन, भुजिया, मिक्सचर 12 5
बच्चों की फीडिंग बोतल, नैपीज, क्लीनिकल डायपर 12 5
पनीर, रोटी व पराठा 12 0
नूडल्स, पास्ता 12 5
टॉफी व कैंडी 12 5
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बोले दुकानदार
मेरी कॉस्मेटिक की दुकान है। पुराना स्टॉक काफी पड़ा है। सामान पर करीब 10 प्रतिशत का मुनाफा है। ऐसे में नए दाम में सामान बेचने पर मुनाफा काट कर भी आठ प्रतिशत तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। एजेंसियों के माध्यम से अभी नई दरों का सामान उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे पुराने स्टॉक की पुरानी दरों पर बिक्री करना मजबूरी बन गई है।
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-बलदेव मेहता, कॉस्मेटिक दुकानदार
सरकार ने दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं पर जीएसटी कम कर दिया कुछ पर बिल्कुल समाप्त कर दी है। सरकार के आदेश के बाद भी दुकानदार परिवर्तन करने के मूड में नहीं है जो कि गलत है।
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-आशा गोस्वामी, शिक्षिका
जीएसटी दरों के कम होने से बजट में राहत मिलने की उम्मीद बंधी थी, लेकिन बाजार में अभी भी दुकानदार पुरानी कीमतों पर ही सामान दे रहे हैं।
-बीना वार्ष्णेय, गृहिणी
केंद्र सरकार द्वारा देश में जीएसटी दरों में कमी करके गृहिणियों को राहत की सौगात दी है लेकिन अभी भी खानपान की चीजों पर दुकानदार पुराने रेटों पर ही सामान दे रहे हैं।
-मीनाक्षी शर्मा, गृहिणी
ये है नई और पुरानी दरें
सामान पुरानी दरें नई दरें
हेयर ऑयल, शैंपू, टूथपेस्ट, टॉयलेट सोप, बाथ सोप 18 12
मक्खन, घी, चीज व डेयरी स्प्रेड्स 12 5
पैक नमकीन, भुजिया, मिक्सचर 12 5
बच्चों की फीडिंग बोतल, नैपीज, क्लीनिकल डायपर 12 5
पनीर, रोटी व पराठा 12 0
नूडल्स, पास्ता 12 5
टॉफी व कैंडी 12 5