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Sambhal News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
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चंदौसी। विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने शनिवार को विद्युत वितरण खंड कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। बिजली कर्मचारियों ने बताया कि निजीकरण की सारी प्रक्रिया भ्रष्टाचार से भरी हुई है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शनिवार को विद्युत कर्मचारियों ने विद्युत वितरण खंड कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। समिति के जिला संयोजक आशीष कठेरिया ने बताया कि प्रदेश सरकार ने निजीकरण से उपभोक्ताओं को होने वाले लाभ का अखबारों में विज्ञापन निकलवाया है। इसी के विरोध में यह धरना प्रदर्शन किया गया। साथ ही, इस विज्ञापन के विरोध में ही समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर विद्युत कर्मचारियों ने विरोध दिवस मनाया और स्वेच्छा से जेल जाने वाले बिजली कर्मियों ने अपना नाम सूची में लिखवाया।
जिला संयोजक ने बताया कि इस विज्ञापन से स्पष्ट हो गया कि ऊर्जा निगमों में विगत 22 वर्षों से चल रहा आईएएस प्रबंधन अविश्वसनीय है। निजीकरण की सारी प्रक्रिया भ्रष्टाचार से भरी हुई है। निजीकरण के दस्तावेज को अभी तक विद्युत नियामक आयोग ने अप्रूव नहीं किया है। इसके बावजूद भी पॉवर कारपोरेशन और शासन में बैठे उच्च अधिकारियों ने निजीकरण के विशेष लाभ बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार का विज्ञापन छपवा दिया। इस मौके पर अली सजज्जाद, मोहित शर्मा, अभिमन्यु कुमार, वरुण कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर शनिवार को विद्युत कर्मचारियों ने विद्युत वितरण खंड कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया। समिति के जिला संयोजक आशीष कठेरिया ने बताया कि प्रदेश सरकार ने निजीकरण से उपभोक्ताओं को होने वाले लाभ का अखबारों में विज्ञापन निकलवाया है। इसी के विरोध में यह धरना प्रदर्शन किया गया। साथ ही, इस विज्ञापन के विरोध में ही समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर विद्युत कर्मचारियों ने विरोध दिवस मनाया और स्वेच्छा से जेल जाने वाले बिजली कर्मियों ने अपना नाम सूची में लिखवाया।
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जिला संयोजक ने बताया कि इस विज्ञापन से स्पष्ट हो गया कि ऊर्जा निगमों में विगत 22 वर्षों से चल रहा आईएएस प्रबंधन अविश्वसनीय है। निजीकरण की सारी प्रक्रिया भ्रष्टाचार से भरी हुई है। निजीकरण के दस्तावेज को अभी तक विद्युत नियामक आयोग ने अप्रूव नहीं किया है। इसके बावजूद भी पॉवर कारपोरेशन और शासन में बैठे उच्च अधिकारियों ने निजीकरण के विशेष लाभ बताते हुए उत्तर प्रदेश सरकार का विज्ञापन छपवा दिया। इस मौके पर अली सजज्जाद, मोहित शर्मा, अभिमन्यु कुमार, वरुण कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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