फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   eight monkey dies in suspectrd condition

आठ बंदरों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2020 12:32 AM IST
विज्ञापन
eight monkey dies in suspectrd condition
असमोली थाना क्षेत्र के गांव सैंधरी के जंगल में बंदरों के शवों को दफन कराते यूपी 112 के पुलिस कर्मी। - फोटो : SAMBHAL
संभल/मढ़न। असमोली थाना क्षेत्र के गांव सैंधरी के जंगल में आठ बंदरों के शव मिले हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची यूपी 112 पुलिस ने बंदरों के शव बिना पोस्टमार्टम के ही दफन कर दिए। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों ने जानकारी ली। साथ ही पशु चिकित्सक को सूचना दी।
विज्ञापन

बंदरों के शव फिर से निकाल कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जिससे मौत का कारण स्पष्ट हो सके। बंदरों के शव एक ही स्थान पर आसपास मिले हैं। ग्रामीणों को अंदेशा है कि बंदरों की मौत कहीं ओर हुई और शव गांव के जंगल में लाकर फेंके गए हैं। सोमवार को सुबह गांव सैंधरी के जंगल में ग्रामीणों ने सड़क किनारे बंदरों के शव पड़े देखे। इन शवों में छह शब एक मीटर के दायरे में पड़े हुए थे। जबकि दो शव इन छह शवों से करीब बीस मीटर दूरी पर पड़े थे।
विज्ञापन

किसी ग्रामीण ने यूपी112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बंदरों के शव मौके पर ही गड्ढा खोदकर दबा दिए। किसी ग्रामीण ने वन विभाग को सूचना दी। तो पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए पशु चिकित्सक को अवगत कराया। अब मंगलवार को बंदरों के शव बाहर निकाले जाएंगे और उनका पोस्टमार्टम किया जाएगा। जिससे उनकी मौत का कारण स्पष्ट हो सके। वन विभाग के दरोगा ख्यालीराम ने बताया कि बंदरों के शव मिलने की जानकारी सोमवार को शाम मिली है। पशु चिकित्सक को पोस्टमार्टम के लिए सूचना दे दी गई है। अब मंगलवार को बंदरों के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के शव आसपास पड़े होने से जाहिर है कि इन्हें कहीं और से लाकर डाला गया है। यदि बंदर यहां मरते तो दूरी अलग-अलग होती।
विज्ञापन
विज्ञापन

पवांसा में दूषित पानी पीने से हुई थी कई बंदरों की मौत
संभल। आठ महीने पहले बहजोई थाना क्षेत्र के गांव पवांसा में तालाब का दूषित पानी पीने से 28 बंदरों की मौत हो गई थी। वन विभाग ने बंदरों की मौत का सिलसिला रोकने के लिए कर्मचारियों की तालाब पर तैनाती की और बंदरों के खाने और पानी पीने की व्यवस्था की थी। इसके बाद बंदरों की मौत का सिलसिला थम गया था। कोरोना काल में अचानक मौत का शिकार हो रहे बंदरों को देखकर ग्रामीण भी भयभीत हो गए थे। जिन बंदरों की मौत हुई उनका पोस्टमार्टम कराया तो बुखार से मौत की बात सामने आती थी। बीमारी का मुख्य कारण गांव के तालाब का पानी बताया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed