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श्रद्धालुओं ने गंगा में लगाई आस्था की डुबकी
ब्यूरो / अमर उजाला, संभ्ाल
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:37 AM IST
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राजघाट गंगा में स्नान करते श्रद्धालु ।
- फोटो : अमर उजाला
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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गंगा में स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर मन्नत मांगी और गुरु का आराधना कर प्रसाद का वितरण किया। इस मौके पर गंगा तट हर हर गंगे के जयकारों से गूंज उठा।
राजघाट गंगा घाट पर शुक्रवार को सुबह चार बजे से गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने शुरू हो गई। सुबह दस बजे तक भीड़ ने विकराल रुप ले लिया। गंगा तट से मीरमपुर चौकी तक पैदल चल रहे यात्रियों से मार्ग पूरी तरह खचाखच भरा रहा।
निजी वाहन, बस, रोडवेज व डग्गामार वाहनों में सवार होकर गंगा तक पहुंचे श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा में जल अधिक होने के कारण सावधानी बरतते हुए गंगा किनारे पर ही अधिकतर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। और गंगा के अंदर अधिक गहराई वाले स्थान पर स्नान से बचे।
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जहां श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कर मां गंगा की आराधना की और गुरु का ध्यान किया। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों के नाम की भगत बजवाई। तत्पश्चात प्रसाद का वितरण किया। गंगा में स्नान का क्रम शाम चार बजे तक जारी रहा, लेकिन अधिकतर श्रद्धालु दोपहर बाद से लौटने शुरू हो गए।
वहीं, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया।
गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ आहुतियां दी। कार्यक्रम का समापन गायत्री आरती से हुआ।
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राजघाट गंगा घाट पर शुक्रवार को सुबह चार बजे से गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने शुरू हो गई। सुबह दस बजे तक भीड़ ने विकराल रुप ले लिया। गंगा तट से मीरमपुर चौकी तक पैदल चल रहे यात्रियों से मार्ग पूरी तरह खचाखच भरा रहा।
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निजी वाहन, बस, रोडवेज व डग्गामार वाहनों में सवार होकर गंगा तक पहुंचे श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा में जल अधिक होने के कारण सावधानी बरतते हुए गंगा किनारे पर ही अधिकतर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। और गंगा के अंदर अधिक गहराई वाले स्थान पर स्नान से बचे।
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जहां श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन कर मां गंगा की आराधना की और गुरु का ध्यान किया। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों के नाम की भगत बजवाई। तत्पश्चात प्रसाद का वितरण किया। गंगा में स्नान का क्रम शाम चार बजे तक जारी रहा, लेकिन अधिकतर श्रद्धालु दोपहर बाद से लौटने शुरू हो गए।
वहीं, गुरु पूर्णिमा के अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया।
गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ आहुतियां दी। कार्यक्रम का समापन गायत्री आरती से हुआ।