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जिला अस्पताल में चार घंटे बाद ओपीडी में पहुंचे डाक्टर, परेशान मरीज इधर-उधर भटके
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संभल। जिला अस्पताल में आए दिन अव्यवस्थाएं हावी रहती हैं। कभी डाक्टर नदारद रहते हैं तो कभी स्टॉफ नदारद हो जाता है। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। बुधवार को भी ऐसा ही हाल रहा। सुबह आठ बजे से ही मरीज जिला अस्पताल पहुंचने लगे थे, पर ओपीडी कक्ष से डाक्टर गैर हाजिर थे। दोपहर 12 बजे तक ओपीडी कक्ष में डाक्टर नहीं आए। इससे परेशान मरीज इधर-उधर भटकते रहे।
दरअसल, बदलते मौसम की वजह से वायरल बुखार परेशान कर रहा है। जिसके चलते हर रोज जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लग जाती है। सबसे ज्यादा वायरल बुखार से पीड़ित ही होते हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक सामान्य ओपीडी में डाक्टर नहीं पहुंचे। चार घंटे बाद दोपहर 12 बजे यहां डा.जेपीएस यादव पहुंचे तब जाकर मरीजों ने अपना उपचार कराया। जबकि चार घंटे तक वह परेशान होते रहे और इधर-उधर भटकते रहे। वहीं, नेत्र रोग की ओपीडी कक्ष खुला हुआ था पर डाक्टर नहीं थे। पता करने पर जानकारी मिली कि डाक्टर छुट्टी पर है। बुधवार को कुल 446 मरीजों ने पर्चा बनवाया। इसमें बुखार के 129 मरीज रहे। 26 बच्चे भी इसमें शामिल रहे। वहीं, सामान्य ओपीडी में चार घंटे बाद डा.जेपीएस यादव के आने से भीड़ भी बढ़ गई थी। जिसके चलते ओपीडी से लेकर दवा वितरण कक्ष तक मरीजों की कतार लग गई। जिला अस्पताल में टायफाइड की 16 जांच हुईं, इसमें एक मरीज टायफाइड पॉजिटिव पाया गया। मलेरिया की 16 जांचें हुईं। जबकि डेंगू की 7 जांचे हुईं। इसमें सभी निगेटिव आईं। मांडली समस्तीपुर निवासी रूकसाना ने बताया कि सुबह दस बजे से डाक्टरों के इंतजार में खड़े हैं लेकिन इंतजार करते-करतेे बारह बज गए हैं। रूकनुद्दीन सराय निवासी गुलशन जहां ने बताया कि आखों में दर्द हो रहा है। सुबह सवा दस बजेे से कक्ष के बाहर खड़े हैं। लेकिन डॉक्टर नहीं आए हैं।
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कोट
इमरजेंसी ड्यूटी की थी। इसलिए ओपीडी में देरी से पहुंचा था लेकिन सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दिया गया था। ऐसा कोई मरीज नहीं बचा जिसका स्वास्थ्य परीक्षण न किया गया हो।
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डा. जेपीएस यादव, चिकित्सक, जिला अस्पताल संभल।
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दरअसल, बदलते मौसम की वजह से वायरल बुखार परेशान कर रहा है। जिसके चलते हर रोज जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लग जाती है। सबसे ज्यादा वायरल बुखार से पीड़ित ही होते हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में दोपहर 12 बजे तक सामान्य ओपीडी में डाक्टर नहीं पहुंचे। चार घंटे बाद दोपहर 12 बजे यहां डा.जेपीएस यादव पहुंचे तब जाकर मरीजों ने अपना उपचार कराया। जबकि चार घंटे तक वह परेशान होते रहे और इधर-उधर भटकते रहे। वहीं, नेत्र रोग की ओपीडी कक्ष खुला हुआ था पर डाक्टर नहीं थे। पता करने पर जानकारी मिली कि डाक्टर छुट्टी पर है। बुधवार को कुल 446 मरीजों ने पर्चा बनवाया। इसमें बुखार के 129 मरीज रहे। 26 बच्चे भी इसमें शामिल रहे। वहीं, सामान्य ओपीडी में चार घंटे बाद डा.जेपीएस यादव के आने से भीड़ भी बढ़ गई थी। जिसके चलते ओपीडी से लेकर दवा वितरण कक्ष तक मरीजों की कतार लग गई। जिला अस्पताल में टायफाइड की 16 जांच हुईं, इसमें एक मरीज टायफाइड पॉजिटिव पाया गया। मलेरिया की 16 जांचें हुईं। जबकि डेंगू की 7 जांचे हुईं। इसमें सभी निगेटिव आईं। मांडली समस्तीपुर निवासी रूकसाना ने बताया कि सुबह दस बजे से डाक्टरों के इंतजार में खड़े हैं लेकिन इंतजार करते-करतेे बारह बज गए हैं। रूकनुद्दीन सराय निवासी गुलशन जहां ने बताया कि आखों में दर्द हो रहा है। सुबह सवा दस बजेे से कक्ष के बाहर खड़े हैं। लेकिन डॉक्टर नहीं आए हैं।
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इमरजेंसी ड्यूटी की थी। इसलिए ओपीडी में देरी से पहुंचा था लेकिन सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दिया गया था। ऐसा कोई मरीज नहीं बचा जिसका स्वास्थ्य परीक्षण न किया गया हो।
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डा. जेपीएस यादव, चिकित्सक, जिला अस्पताल संभल।