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हड़ताल करने पर लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष समेत नौ को निलंबित किया
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल/चंदौसी/गुन्नौर/बबराला।
Updated Thu, 12 Jul 2018 02:20 AM IST
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लेखपालों की हड़ताल
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हड़ताली लेेखपालों पर कार्रवाई की शुरूआत हो चुकी है। जिलाधिकारी के आदेश संभल में लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह राघव, तहसील अध्यक्ष बृजपाल सिंह मौर्य और तहसील सचिव रमेश चंद्र, चंदौसी में तहसील अध्यक्ष अनिल कुमार भदौरिया और लेखपाल सुनील सिंह वहीं, गुन्नौर में तहसील अध्यक्ष आबिद अली और लेखपाल कृष्णेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया।
उत्तर प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवाओं का अधिनियम के तहत लेखपालों की हड़ताल को अवैध करार दिया है। उप जिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि लेखपालों से काम पर लौटने का आग्रह किया गया था पर वे काम पर नहीं लौटे। इस दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने लेखपालों को हड़ताल के लिए उकसाया है। इसलिए प्रशासन ने लेखपाल संघ के पदाधिकारियों पर कार्रवाई की है। वहीं लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह राघव ने कहा कि वह निलंबन होने के बाद भी काम पर नहीं लौटेंगे। जब तक प्रांतीय नेतृत्व का कोई संदेश नहीं आता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं चंदौसी और गुन्नौर में 111 लेखपालों को नोटिस जारी किया गया। उधर बबराला में लेखपाल आबिद अली और शिवम माथुर को निलंबित किया गया है।
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बुधवार को लेखपालों ने साहस, संघर्ष व एकजुटता का परिचय देते हुए कड़ी धूप में शाम चार बजे तक धरना दिया। वक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक सरकार लेखपालों की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाती, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष नरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि पुलिस-प्रशासन की ओर से शामियाना उखाड़ने का जो कृत्य किया गया, उसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। चेतावनी देते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी में किसी भी लेखपाल का स्वास्थ्य बिगड़ता है, तो जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। संचालन लोकपाल शर्मा ने किया। जग्गन सिंह, जोंटी सिंघल, शिवम वार्ष्णेय, शमीम अहमद, सुधीर कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र गुप्ता, परवेज अहमद व देवेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने आवश्यक सेवाओं का अधिनियम के तहत लेखपालों की हड़ताल को अवैध करार दिया है। उप जिलाधिकारी अमित कुमार ने बताया कि लेखपालों से काम पर लौटने का आग्रह किया गया था पर वे काम पर नहीं लौटे। इस दौरान लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने लेखपालों को हड़ताल के लिए उकसाया है। इसलिए प्रशासन ने लेखपाल संघ के पदाधिकारियों पर कार्रवाई की है। वहीं लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष नरेंद्र पाल सिंह राघव ने कहा कि वह निलंबन होने के बाद भी काम पर नहीं लौटेंगे। जब तक प्रांतीय नेतृत्व का कोई संदेश नहीं आता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं चंदौसी और गुन्नौर में 111 लेखपालों को नोटिस जारी किया गया। उधर बबराला में लेखपाल आबिद अली और शिवम माथुर को निलंबित किया गया है।
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दिन भर सरकार के खिलाफ गरजे जिले भर के लेखपाल:
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले लेखपालों का अनिश्चितकालीन धरना एवं कार्य बहिष्कार नौवें दिन भी जारी रहा। इस बीच पुलिस प्रशासन ने लेखपालों के धरना स्थल पर पहुंचकर शामियाने उखाड़ दिए। इससे धरने पर बैठे लेखपालों में रोष है।
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बुधवार को लेखपालों ने साहस, संघर्ष व एकजुटता का परिचय देते हुए कड़ी धूप में शाम चार बजे तक धरना दिया। वक्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कहा कि जब तक सरकार लेखपालों की मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाती, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष नरेंद्रपाल सिंह ने कहा कि पुलिस-प्रशासन की ओर से शामियाना उखाड़ने का जो कृत्य किया गया, उसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। चेतावनी देते हुए कहा कि बढ़ती गर्मी में किसी भी लेखपाल का स्वास्थ्य बिगड़ता है, तो जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। संचालन लोकपाल शर्मा ने किया। जग्गन सिंह, जोंटी सिंघल, शिवम वार्ष्णेय, शमीम अहमद, सुधीर कुमार गुप्ता, धर्मेंद्र गुप्ता, परवेज अहमद व देवेंद्र शर्मा आदि मौजूद रहे।