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Sambhal News: बबराला में कोर्ट के आदेश पर जर्जर इमारत को कराया ध्वस्त
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बबराला। नगर के मेन मार्केट में रेलवे स्टेशन के पास बनी दिल्ली वाली बिल्डिंग के नाम से मशहूर इमारत को जर्जर होने के कारण कोर्ट के आदेश के बाद नगर पंचायत के कर्मचारियों ने एक्सीलेटर मशीन और जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। बिल्डिंग को गिराने की कार्रवाई के चलते कई घंटे तक अनूपशहर की ओर जाने वाले वाहनों का अवागमन प्रभावित रहा। हालांकि ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस प्रशासन, मकान स्वामी व जिम्मेदार लोग मौजूद रहे।
नगर निवासी हेमंत व भूपेश के परिजनों ने सन् 1948 में इस मकान को निर्माण कराया था। जिसके बाद साल 2021 में इस मकान की जर्जर होने के चलते न्यायालय से ध्वस्त कराने के लिए पहल की गई, कई सालों तक मामला कोर्ट में विचाराधीन चलता रहा। 29 मई 2026 को उच्च न्यायालय द्वारा जर्जर बिल्डिंग को ध्वस्तीकरण के लिए नगर पंचायत को एक आदेश जारी हुआ था।
आदेश में स्पष्ट बताया गया कि इस मकान को तोड़ने में जो खर्चा होगा उसका भुगतान स्वयं मकान स्वामी को वहन करना होगा। इस पर मकान स्वामी ने सहमति दी। जिसके बाद बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे करीब नगर पंचायत की टीम द्वारा एक्सीलेटर मशीन और जेसीबी से मकान को ध्वस्त करा दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह बिल्डिंग दिल्ली वाली बिल्डिंग के नाम से मशहूर थी, जो काफी पुरानी होने के चलते पूर्ण तरह से जर्जर हालत में थी। जिससे अनूपशहर की ओर निकलने वाले वाहन व मार्केट में भीड़भाड़ के हादसे का खतरा बना रहता था।
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अधिशासी अधिकारी अमरेश तिवारी ने बताया कि जर्जर बिल्डिंग को तोड़ने के लिए उच्च न्यायालय द्वारा आदेश मिला था। बृहस्पतिवार की सुबह भवन को ध्वस्त करा दिया गया।
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नगर निवासी हेमंत व भूपेश के परिजनों ने सन् 1948 में इस मकान को निर्माण कराया था। जिसके बाद साल 2021 में इस मकान की जर्जर होने के चलते न्यायालय से ध्वस्त कराने के लिए पहल की गई, कई सालों तक मामला कोर्ट में विचाराधीन चलता रहा। 29 मई 2026 को उच्च न्यायालय द्वारा जर्जर बिल्डिंग को ध्वस्तीकरण के लिए नगर पंचायत को एक आदेश जारी हुआ था।
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आदेश में स्पष्ट बताया गया कि इस मकान को तोड़ने में जो खर्चा होगा उसका भुगतान स्वयं मकान स्वामी को वहन करना होगा। इस पर मकान स्वामी ने सहमति दी। जिसके बाद बृहस्पतिवार की सुबह 10 बजे करीब नगर पंचायत की टीम द्वारा एक्सीलेटर मशीन और जेसीबी से मकान को ध्वस्त करा दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह बिल्डिंग दिल्ली वाली बिल्डिंग के नाम से मशहूर थी, जो काफी पुरानी होने के चलते पूर्ण तरह से जर्जर हालत में थी। जिससे अनूपशहर की ओर निकलने वाले वाहन व मार्केट में भीड़भाड़ के हादसे का खतरा बना रहता था।
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अधिशासी अधिकारी अमरेश तिवारी ने बताया कि जर्जर बिल्डिंग को तोड़ने के लिए उच्च न्यायालय द्वारा आदेश मिला था। बृहस्पतिवार की सुबह भवन को ध्वस्त करा दिया गया।