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Sambhal News: मस्जिदों में उमड़े अकीदतमंद, नमाज अदा कर की अमन चैन की दुआ
Fri, 07 Mar 2025 11:49 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 07 Mar 2025 11:49 PM IST
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संभल। रमजान के पहले जुमे की नमाज शुक्रवार को संभल की जामा मस्जिद समेत प्रमुख मस्जिदों में अदा की गई। जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में अकीदतमंद नमाज के लिए उमड़े। नमाज अदा करके अमन चैन की दुआ की गई। इसके अलावा लोगों ने घरों में नमाज अदा की गई।
मालूम हो कि रमजान की पाक शुरुआत दो मार्च से हुई है और सात मार्च को छठा रोजा रखा गया है। इस साल रमजान में कुल चार जुमे आएंगे, जिनमें पहला जुमा आज था। मौलानाओं की मानें तो, इस्लाम में जुमे का दिन बेहद खास माना जाता है और रमजान के महीने में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। शुक्रवार को संभल में जामा मस्जिद समेत कई मस्जिदों में जुमे की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। सिरसी की शिया जामा मस्जिद, सुन्नी जामा मस्जिद, मोती मस्जिद, कुरैशियान मस्जिद, नासर शहीद मस्जिद, मस्जिद बुध बाजार आदि मस्जिदों में भी नमाज पढ़ी गई।
शिया जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना एहतेशाम अली ने नमाज से पहले खुतबा देते हुए रोजे की अहमियत बताते हुए कहा कि पूरे दिन सिर्फ भूखा प्यासा रहकर रोजा रखना ही काफी नहीं है। शरीर के हर अंग का रोजा होता है। किसी को बुरा मत कहो। यतीम गरीब बेसहारा लोगों की मदद करो। इस महीने कुरान पढ़ना सबसे अफजल है। नमाज के बाद मुल्क और कौम के लिए दुआ कराई गई।
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मालूम हो कि रमजान की पाक शुरुआत दो मार्च से हुई है और सात मार्च को छठा रोजा रखा गया है। इस साल रमजान में कुल चार जुमे आएंगे, जिनमें पहला जुमा आज था। मौलानाओं की मानें तो, इस्लाम में जुमे का दिन बेहद खास माना जाता है और रमजान के महीने में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। शुक्रवार को संभल में जामा मस्जिद समेत कई मस्जिदों में जुमे की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। सिरसी की शिया जामा मस्जिद, सुन्नी जामा मस्जिद, मोती मस्जिद, कुरैशियान मस्जिद, नासर शहीद मस्जिद, मस्जिद बुध बाजार आदि मस्जिदों में भी नमाज पढ़ी गई।
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शिया जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना एहतेशाम अली ने नमाज से पहले खुतबा देते हुए रोजे की अहमियत बताते हुए कहा कि पूरे दिन सिर्फ भूखा प्यासा रहकर रोजा रखना ही काफी नहीं है। शरीर के हर अंग का रोजा होता है। किसी को बुरा मत कहो। यतीम गरीब बेसहारा लोगों की मदद करो। इस महीने कुरान पढ़ना सबसे अफजल है। नमाज के बाद मुल्क और कौम के लिए दुआ कराई गई।
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