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Sambhal News: आश्वासन के बाद गनेशपुर के मनोकामना मंदिर और कुंड का जीर्णोद्धार कराना भूला प्रशासन
Sat, 15 Nov 2025 01:26 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 15 Nov 2025 01:26 AM IST
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चंदौसी (संभल)। गांव गनेशपुर में 140 साल पुराने मनोकामना मंदिर और परिसर में बना विशाल कुंड जर्जर हो चुके हैं। कुछ माह पहले डीएम ने मंदिर और कुंड का निरीक्षण कर जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया था, लेकिन कई माह बीत चुके हैं और अभी तक जीर्णोधार का काम शुरू नहीं हो सका है। ग्रामीण कई बार मंदिर और कुंड के जीर्णोद्धार के लिए डीएम और एसडीएम को प्रार्थना पत्र सौंप चुके हैं।
चंदौसी से करीब चार किलोमीटर दूर ब्लॉक बनियाखेड़ा की ग्राम पंचायत मोहम्मदनगर कस्बा के मझरा गनेशपुर में 140 साल पुराना प्राचीन मनोकामना मंदिर है। यहां राधा-कृष्ण का मंदिर और शिवालय के अलावा मनोकामना कुंड है। कुंड में एक गंगा देवी मंदिर है। विशाल कुंड में चारों ओर सीढि़यां हैं। ऊपर बरामदा है।
बताया जाता है कि 150 वर्ष पहले मुरादाबाद के एक जमींदार ने मंदिर में विराजे ठाकुर जी (राधाकृष्ण) के नाम 100 बीघा जमीन नाम कर दी थी। 20 बीघा भूमि में प्राचीन मनोकामना मंदिर और कुंड बना है। बाकी 80 बीघा खेती की भूमि गांव के आसपास है। मंदिर परिसर में बना कुंड मंदिर से पहले का है। इस कुंड में 35 साल पहले तक पानी रहता था। कुंड में 32 गोले बने हैं, जिनसे पानी आता था। 1995 में जलस्तर गिरने से पानी आना बंद हो गया।
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पिछले कई माह पहले डीएम ने मंदिर व कुंड का निरीक्षण किया था और जीर्णोद्धार की बात कही थी। मामला एएसआई के संज्ञान भी पहुंच गया। मंदिर के नाम भूमि को लेकर जांच पड़ताल भी कराई गई थी। कई माह बीत गए अभी तक मंदिर व कुंड के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू नहीं हो सका है।
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कुंड में स्नान करने से चर्म रोग होते थे दूर, मनोकामना होती है पूरी
मनोकामना मंदिर परिसर में बने विशाल कुंड में वर्ष 1995 तक पानी था। मान्यता है कि यहां कुंड में स्नान के लिए दूर गांव से लोग आते थे। कुंड में स्नान करने से चर्म रोग दूर होते थे और अन्य मनोकामना पूरी होती थी।
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इनकी सुनो:
मनोकामना मंदिर परिसर में बना कुंड मंदिर की धरोहर है। यहां बचपन में 35 साल पहले कुंड में पानी देखा गया था और लोग स्नान करते थे। कुंड का जीर्णोद्धार हो जाए तो ये पर्यटन स्थल बन सकता है। - रामवीर सिंह, ग्रामीण गांव गनेशपुर
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यहां जन्माष्टमी पर 3 दिवसीय मेला लगता है। जिसमें मथुरा के कलाकार आते थे। मंदिर परिसर में बना कुंड ऐतिहासिक धरोहर की तरह है। इसे जीवंत किया जाना महत्वपूर्ण है। पिछले दिनों डीएम और एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर जीर्णोद्धार की मांग की गई है। - कृष्णा शंकर उपाध्याय, पुजारी, मनोकामना मंदिर गांव गनेशपुर।
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वर्जन:
गनेशपुर गांव स्थित मनोकामना मंदिर और कुंड का मामला मेरे संज्ञान नहीं आया और न ही इस संबंध में कोई प्रार्थना पत्र मिला है। एक-दो दिन में मौका मुआयना किया जाएगा। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। -आशुतोष तिवारी, एसडीएम चंदौसी
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चंदौसी से करीब चार किलोमीटर दूर ब्लॉक बनियाखेड़ा की ग्राम पंचायत मोहम्मदनगर कस्बा के मझरा गनेशपुर में 140 साल पुराना प्राचीन मनोकामना मंदिर है। यहां राधा-कृष्ण का मंदिर और शिवालय के अलावा मनोकामना कुंड है। कुंड में एक गंगा देवी मंदिर है। विशाल कुंड में चारों ओर सीढि़यां हैं। ऊपर बरामदा है।
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बताया जाता है कि 150 वर्ष पहले मुरादाबाद के एक जमींदार ने मंदिर में विराजे ठाकुर जी (राधाकृष्ण) के नाम 100 बीघा जमीन नाम कर दी थी। 20 बीघा भूमि में प्राचीन मनोकामना मंदिर और कुंड बना है। बाकी 80 बीघा खेती की भूमि गांव के आसपास है। मंदिर परिसर में बना कुंड मंदिर से पहले का है। इस कुंड में 35 साल पहले तक पानी रहता था। कुंड में 32 गोले बने हैं, जिनसे पानी आता था। 1995 में जलस्तर गिरने से पानी आना बंद हो गया।
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पिछले कई माह पहले डीएम ने मंदिर व कुंड का निरीक्षण किया था और जीर्णोद्धार की बात कही थी। मामला एएसआई के संज्ञान भी पहुंच गया। मंदिर के नाम भूमि को लेकर जांच पड़ताल भी कराई गई थी। कई माह बीत गए अभी तक मंदिर व कुंड के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू नहीं हो सका है।
कुंड में स्नान करने से चर्म रोग होते थे दूर, मनोकामना होती है पूरी
मनोकामना मंदिर परिसर में बने विशाल कुंड में वर्ष 1995 तक पानी था। मान्यता है कि यहां कुंड में स्नान के लिए दूर गांव से लोग आते थे। कुंड में स्नान करने से चर्म रोग दूर होते थे और अन्य मनोकामना पूरी होती थी।
इनकी सुनो:
मनोकामना मंदिर परिसर में बना कुंड मंदिर की धरोहर है। यहां बचपन में 35 साल पहले कुंड में पानी देखा गया था और लोग स्नान करते थे। कुंड का जीर्णोद्धार हो जाए तो ये पर्यटन स्थल बन सकता है। - रामवीर सिंह, ग्रामीण गांव गनेशपुर
यहां जन्माष्टमी पर 3 दिवसीय मेला लगता है। जिसमें मथुरा के कलाकार आते थे। मंदिर परिसर में बना कुंड ऐतिहासिक धरोहर की तरह है। इसे जीवंत किया जाना महत्वपूर्ण है। पिछले दिनों डीएम और एसडीएम को प्रार्थना पत्र देकर जीर्णोद्धार की मांग की गई है। - कृष्णा शंकर उपाध्याय, पुजारी, मनोकामना मंदिर गांव गनेशपुर।
वर्जन:
गनेशपुर गांव स्थित मनोकामना मंदिर और कुंड का मामला मेरे संज्ञान नहीं आया और न ही इस संबंध में कोई प्रार्थना पत्र मिला है। एक-दो दिन में मौका मुआयना किया जाएगा। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी। -आशुतोष तिवारी, एसडीएम चंदौसी