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कोहरे से आलू की फसल पर मंडराया झुलसा रोग का खतरा
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Wed, 20 Dec 2017 01:29 AM IST
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अालू
- फोटो : अमर उजाला
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मौसम ने करवट ली तो आलू किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंचने लगीं क्योंकि कोहरे ने दस्तक दी है। इससे आलू की फसल पर झुलसा रोग का खतरा मंडराने लगा है। अगर चार-पांच दिन लगातार कोहरा रहा और दिन में धूप नहीं निकली तो फसल को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए किसान परेशान हैं।
संभल जिले में इस बार 8 हजार हेक्टेयर भूमि पर आलू की फसल लगाई गई है। जबकि पिछले वर्ष इससे ज्यादा भूमि पर फसल की पैदावार हुई थी। बात फसल की सुरक्षा की करें तो इस समय खेतों में लगी फसल को लेकर किसान चिंतित हैं क्योंकि कोहरे के कारण आलू के पौधे की डंडी काली होने की आशंका है। ऐसा हुआ तो पैदावार कम होगी।
जानकार किसान बताते हैं कि अगर लगातार कोहरा रहा तो फसल को भारी नुकसान होगा। अनुमान के तहत एक बीघा में अधिकतम 25 क्विंटल आलू निकल आता है जबकि कोहरे के हालात के बीच एक बीघा में मुश्किल से 10 से 12 क्विंटल आलू निकलेंगे। इस बीच उद्यान विभाग भी फसल को बचाने के लिए दवा छिड़काव कराने की बात कह रहा है।
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लगभग 80 बीघा खेत में आलू की फसल लगाई है। कोहरे के चलते फसल को झुलसा रोग लग सकता है। अगर चार-पांच दिन तक लगातार कोहरा रहा तो फसल मुश्किल से आधी हो पाएगी।
शेर सिंह यादव, सौंधन।
इस मौसम में आलू की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। क्योंकि लगातार कोहरा पड़ा तो फसल झुलस जाएगी। प्रकृति से उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो जाए। जिसके बाद ही फसल अच्छी हो सकेगी।
धीरेंद्र सिंह यादव, खरसपा।
आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने का उपाय है। किसान मैनकोजेब दवा का छिड़काव करें। एक लीटर पानी में दो ग्राम दवा मिलाकर छिड़काव करने से फसल सुरक्षित रहेगी। छिड़काव का अंतर 15 दिन होना चाहिए।
डा. जगदीश प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी
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संभल जिले में इस बार 8 हजार हेक्टेयर भूमि पर आलू की फसल लगाई गई है। जबकि पिछले वर्ष इससे ज्यादा भूमि पर फसल की पैदावार हुई थी। बात फसल की सुरक्षा की करें तो इस समय खेतों में लगी फसल को लेकर किसान चिंतित हैं क्योंकि कोहरे के कारण आलू के पौधे की डंडी काली होने की आशंका है। ऐसा हुआ तो पैदावार कम होगी।
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जानकार किसान बताते हैं कि अगर लगातार कोहरा रहा तो फसल को भारी नुकसान होगा। अनुमान के तहत एक बीघा में अधिकतम 25 क्विंटल आलू निकल आता है जबकि कोहरे के हालात के बीच एक बीघा में मुश्किल से 10 से 12 क्विंटल आलू निकलेंगे। इस बीच उद्यान विभाग भी फसल को बचाने के लिए दवा छिड़काव कराने की बात कह रहा है।
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लगभग 80 बीघा खेत में आलू की फसल लगाई है। कोहरे के चलते फसल को झुलसा रोग लग सकता है। अगर चार-पांच दिन तक लगातार कोहरा रहा तो फसल मुश्किल से आधी हो पाएगी।
शेर सिंह यादव, सौंधन।
इस मौसम में आलू की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। क्योंकि लगातार कोहरा पड़ा तो फसल झुलस जाएगी। प्रकृति से उम्मीद कर रहे हैं कि मौसम साफ हो जाए। जिसके बाद ही फसल अच्छी हो सकेगी।
धीरेंद्र सिंह यादव, खरसपा।
आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने का उपाय है। किसान मैनकोजेब दवा का छिड़काव करें। एक लीटर पानी में दो ग्राम दवा मिलाकर छिड़काव करने से फसल सुरक्षित रहेगी। छिड़काव का अंतर 15 दिन होना चाहिए।
डा. जगदीश प्रसाद, जिला उद्यान अधिकारी