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ग्राम पंचायतों पर लगे आरोपों की जांच कार्रवाई में आएगी तेजी
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संभल। जिलेभर की ग्राम पंचायतों की शिकायतों का निस्तारण अब होगा। इसके लिए जिलाधिकारी ने बैठक की है। सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया गया है। जो अधिकारी जांच नहीं कर पाएंगे उन पर कार्रवाई होगी। साथ ही जो ग्राम प्रधान जांच में दोषी होगा उस पर भी कानून का शिकंजा कसेगा। इसी क्रम में सभी ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया गया है।
दरअसल जिलेभर की 65 ग्राम पंचायतों पर धांधली और विकास कार्य न कराने के आरोप हैं। ग्रामीणों ने जो शपथ पत्र पर शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसका संज्ञान अब जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने लिया है। उन्होंने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि जो शिकायतें आई हैं। उन सभी ग्राम पंचायतों की जांच की जाए।
इसके लिए सभी अधिकारियों को 30 सितंबर तक का समय दिया जाता है। यदि किसी अधिकारी ने समय से जांच कार्य पूरा नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिस ग्राम पंचायत पर शिकायत सही पाई जाएगी उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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धांधली का प्रमाण मिलने पर प्रधान और सचिव पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। इस बैठक में अधिकारियों ने कहा कि कुछ ग्राम सचिव अभिलेख नहीं दे रहे हैं। इससे जांच कार्य में दिक्कत आ रही है। जिलाधिकारी ने सभी विकास खंड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी ग्राम सचिव जांच अधिकारियों को अभिलेख दें। यदि ऐसा नहीं किया तो कार्रवाई होगी।
राज्यमंत्री की शिकायत वाली ग्राम पंचायतों की जांच तेजी से होगी
भाजपा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने छह ग्राम पंचायतों की शिकायत जिलाधिकारी से की है। जिसमें बनियाखेड़ा, पुरा, कैथल, सराय सिकंदर, फरीदपुर खास और पथरा हैं। इन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने राज्यमंत्री से शिकायत कर बताया था कि ग्राम प्रधान और सचिव विकास कार्य नहीं कराते।
साथ ही शासकीय धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इससे गांव का विकास थम गया है। राज्यमंत्री ने ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लिया और लिखित रूप से जिलाधिकारी को शिकायत दर्ज कराई। जिसका संज्ञान जिलाधिकारी ने लिया है। इन गांवों की जांच को तेजी से करने के लिए कहा है। जिससे हकीकत साफ हो सके। अब जिला स्तरीय अधिकारी जांच कार्य को तेजी से पूरा करेंगे। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
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दरअसल जिलेभर की 65 ग्राम पंचायतों पर धांधली और विकास कार्य न कराने के आरोप हैं। ग्रामीणों ने जो शपथ पत्र पर शिकायतें दर्ज कराई हैं। इसका संज्ञान अब जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने लिया है। उन्होंने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की है। जिसमें उन्होंने कहा है कि जो शिकायतें आई हैं। उन सभी ग्राम पंचायतों की जांच की जाए।
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इसके लिए सभी अधिकारियों को 30 सितंबर तक का समय दिया जाता है। यदि किसी अधिकारी ने समय से जांच कार्य पूरा नहीं किया तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिस ग्राम पंचायत पर शिकायत सही पाई जाएगी उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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धांधली का प्रमाण मिलने पर प्रधान और सचिव पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। इस बैठक में अधिकारियों ने कहा कि कुछ ग्राम सचिव अभिलेख नहीं दे रहे हैं। इससे जांच कार्य में दिक्कत आ रही है। जिलाधिकारी ने सभी विकास खंड अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी ग्राम सचिव जांच अधिकारियों को अभिलेख दें। यदि ऐसा नहीं किया तो कार्रवाई होगी।
राज्यमंत्री की शिकायत वाली ग्राम पंचायतों की जांच तेजी से होगी
भाजपा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने छह ग्राम पंचायतों की शिकायत जिलाधिकारी से की है। जिसमें बनियाखेड़ा, पुरा, कैथल, सराय सिकंदर, फरीदपुर खास और पथरा हैं। इन ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने राज्यमंत्री से शिकायत कर बताया था कि ग्राम प्रधान और सचिव विकास कार्य नहीं कराते।
साथ ही शासकीय धन का दुरुपयोग कर रहे हैं। इससे गांव का विकास थम गया है। राज्यमंत्री ने ग्रामीणों की शिकायत का संज्ञान लिया और लिखित रूप से जिलाधिकारी को शिकायत दर्ज कराई। जिसका संज्ञान जिलाधिकारी ने लिया है। इन गांवों की जांच को तेजी से करने के लिए कहा है। जिससे हकीकत साफ हो सके। अब जिला स्तरीय अधिकारी जांच कार्य को तेजी से पूरा करेंगे। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।