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हरि ने हर युग में की मानवता की रक्षा : साकार विश्वहरि
ब्यूरो/अमर उजाला चंदौसी
Updated Mon, 26 Oct 2015 12:14 AM IST
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मानव सेवा समिति चंदौसी के तत्वावधान में मौलागढ़ तिराहे पर चल रहे मानव मिलन सद्भावना समागम में चौथे दिन उमड़े आस्था के जनसैलाब के बीच अध्यात्मिक प्रवचन करते हुए साकार विश्वहरि ने कहा कि जातिवाद धर्मवाद सभी सांसारिक झगड़े है। साकार विश्वहरि जातिधर्म से परे हैं।
साकार विश्व हरि ने हर युग में मानवता की रक्षा की है। साकार विश्व हरि ने कहा कि मौजूदा युग में लोग स्वार्थी हो गए हैं। केवल परमात्मा ही स्वार्थ से परे है। जिस तरह इस सत्संग में किसी से किसी भी तरह का कोई चढ़ावा नहीं चढ़वाया जाता है, क्योंकि जो लेता है, वह किसी को कुछ दे नहीं सकता।
सिर्फ परमात्मा ही है जो बिना कुछ लिए आने वाले आत्माओं का मालामाल कर सकता है। उदाहरण दिया कि कौरवों की ओर गंगापुत्र भीष्म जैसे महायोद्धा थे, जिन्हें कोई हरा नहीं सकता था। महाबली कर्ण, द्रोणाचार्य जैसे धनुष विद्या का ज्ञाता थे, लेकिन असत्य का साथ दे रहे थे।
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जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें पाप लगा। जिसका प्रतिफल युद्ध में झेलना पड़ा। सत्य को अपनाओ, सत्य के रास्ते पर चलो तो जीवन सार्थक हो जाएगा। मानव जीवन दुर्लभ है, परमात्मा की खास कृपा से मिला है। इसमें रमेशचंद्र, यादराम, राजेंद्र सिंह, श्याम सिंह, अशोक कुमार, पूरन लाल, हरीश, गुड्डू, मनोज व जगतदेव आदि ने सहयोग दिया।
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साकार विश्व हरि ने हर युग में मानवता की रक्षा की है। साकार विश्व हरि ने कहा कि मौजूदा युग में लोग स्वार्थी हो गए हैं। केवल परमात्मा ही स्वार्थ से परे है। जिस तरह इस सत्संग में किसी से किसी भी तरह का कोई चढ़ावा नहीं चढ़वाया जाता है, क्योंकि जो लेता है, वह किसी को कुछ दे नहीं सकता।
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सिर्फ परमात्मा ही है जो बिना कुछ लिए आने वाले आत्माओं का मालामाल कर सकता है। उदाहरण दिया कि कौरवों की ओर गंगापुत्र भीष्म जैसे महायोद्धा थे, जिन्हें कोई हरा नहीं सकता था। महाबली कर्ण, द्रोणाचार्य जैसे धनुष विद्या का ज्ञाता थे, लेकिन असत्य का साथ दे रहे थे।
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जिसके परिणाम स्वरूप उन्हें पाप लगा। जिसका प्रतिफल युद्ध में झेलना पड़ा। सत्य को अपनाओ, सत्य के रास्ते पर चलो तो जीवन सार्थक हो जाएगा। मानव जीवन दुर्लभ है, परमात्मा की खास कृपा से मिला है। इसमें रमेशचंद्र, यादराम, राजेंद्र सिंह, श्याम सिंह, अशोक कुमार, पूरन लाल, हरीश, गुड्डू, मनोज व जगतदेव आदि ने सहयोग दिया।