फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   marij ki halt bigdi] hangama

फर्जी अस्पताल में मरीज की हालत बिगड़ी, हंगामा

Sun, 14 Aug 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल Updated Sun, 14 Aug 2016 12:52 AM IST
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन रोड पर सीएमओ दफ्तर से करीब 50 मीटर की दूरी पर गुरुद्वारा के सामने करीब डेढ़ माह पहले खुले एक निजी अस्पताल में सुबह साढ़े आठ बजे करीब गांव मुल्हैटा निवासी रमेश ने अपने करीब 80 वर्षीय पिता रामदयाल पुत्र बिहारी को भर्ती कराया था।
विज्ञापन


उनके निजी अंग में कोई परेशानी थी। अस्पताल के स्टाफ ने उपचार शुरू कर दिया। लेकिन, दोपहर में करीब ढाई बजे मरीज की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर और स्टाफ से रमेश और अन्य परिजनों की मरीज को रेफर करने को लेकर कहासुनी हो गई। देखते-देखते परिजन हंगामा करने लगे। बता बढ़ती देख डाक्टर और स्टाफ के लोग अस्पताल छोड़ कर भाग गए खड़े हुए। अस्पताल में सिर्फ तीन-चार मरीज ही रह गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मरीज के परिजनों से मामले की पूरी जानकारी ली। इसके बाद परिजन मरीज को उपचार के लिए उच्चीकृत अस्पताल में ले गए। मौके पर खासी भीड़ लग गई।
विज्ञापन


इस बीच दूसरे मरीज भी अस्पताल छोड़ कर चले गए। साढ़े तीन बजे करीब मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उमराव सिंह भी मौके पर पहुंच गए। सीएमओ के पहुंचने से पहले ही अस्पताल का मेनगेट बंद हो गया। छोटे दरवाजे से सीएमओ अस्पताल में गए और पूरा जायजा लेने के बाद अस्पताल को सील करने के आदेश दिए। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


एफआईआर दर्ज
बहजोई(ब्यूरो)। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. उमराव सिंह के आदेश पर क्वेक्स टीम प्रभारी डा. पवन कुमार ने अस्पताल पर सील लगाने के बाद दवाओं व पर्चियों को कब्जे में ले लिया है। उन्होंने बताया कि तहरीर समेत दवाइयां व पर्चियां सील कर थाना पुलिस को दी गई हैं। थानाध्यक्ष प्रवीन सोलंकी ने बताया कि डा. पवन कुमार की तहरीर पर पुलिस ने रमेश निवासी गांव रंपुरा थाना बहजोई के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

अफसरों की लापरवाही मरीजों पर पड़ रही भारी
बहजोई(ब्यूरो)। जिले भर में झोलाछापों पर कार्रवाई के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी ने टीम गठित कर रखी है। लेकिन, टीम की लापरवाही के चलते सीएमओ दफ्तर से मात्र 50 मीटर की दूरी पर करीब डेढ़ माह पहले एक निजी अस्पताल खोला गया। इस पर न अस्पताल पर नाम का बोर्ड लगा था और नही डाक्टरों व स्टाफ के नाम लिखे थे। इसकी संबंधित टीम को भनक तक नहीं लगी। 



और भी चल रहे हैं ऐसे अस्पताल
बहजोई(ब्यूरो)। सीएमओ में ही झोलाझाप के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गठित टीम के प्रभारी भी बैठते हैं। इसके बावजूद नगर में कई और फर्जी अस्पताल संचालित हैं। इनमें मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है। विभाग सिर्फ शिकायत का इंतजार करता रहता है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed