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...साथ रहकर तेरे कुछ हम भी संवर जाते हैं
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:57 PM IST
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सिसौना गंगा मेले के सांस्कृतिक मंच पर कवियों की महफिल सजीं। सर्व प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दिल्ली से आयीं कवियत्री मोनी देहलवी ने मां सरस्वती की वंदना से कवि सम्मेलन शुरू किया।
सर्व प्रथम नैनीताल के मोहन मुन्तजिर ने सुनाया कि जब होने लगेगा प्यार मोहब्बत डस लेगी, आंखें मत करना चार मोहब्बत डस लेगी। इसी क्रम में दिल्ली की मोनी देहलवी ने सुनाया कि याद दे जा आखिरी तन्हा बना कर छोड़ दे, गैर मत होना मुझे अपना बनाकर छोड़ दे।
फिरोजाबाद के हास्य कवि लटूरी लट्ठ ने अपने अंदाज में कहा कि सफलता उनको मिलती है जो मन में ठन लेते हैं। बड़ों की बात सुनते हैं उन्हें वह मान लेते हैं। संभल के डॉ. राजेन्द्र आर्य ने कहा कि फूल खिलते हैं तो पत्ते भी निखर जाते हैं, साथ रहकर तेरे कुछ हम भी संवर जाते हैं।
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श्रीकांत लखीमपुर ने कहा कि कुछ गर्वीली मुस्कानों को झांप किया बिहार ने, छप्पन इंची सीने को भी नाप लिया बिहार ने। हाथरस के हास्य कवि सवरस मुरसानी ले अपनी कविता से जमकर गुदगुदाया। वहीं बहजोई के सौरभकांत शर्मा ने संचालन करते हुए कुछ ऐसा कहा कि झुकने दिया ही नहीं भारती का भाल कभी, राष्ट्र द्रोहियों को तलवार बनी चूड़ियां।
इस दौरान विधायक रामखिलाड़ी सिंह यादव, अपर मुख्य अधिकारी महावीर सिंह, व्रजेश शर्मा, अखलेश अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, गिरीश यादव मौजूद रहे।
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सर्व प्रथम नैनीताल के मोहन मुन्तजिर ने सुनाया कि जब होने लगेगा प्यार मोहब्बत डस लेगी, आंखें मत करना चार मोहब्बत डस लेगी। इसी क्रम में दिल्ली की मोनी देहलवी ने सुनाया कि याद दे जा आखिरी तन्हा बना कर छोड़ दे, गैर मत होना मुझे अपना बनाकर छोड़ दे।
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फिरोजाबाद के हास्य कवि लटूरी लट्ठ ने अपने अंदाज में कहा कि सफलता उनको मिलती है जो मन में ठन लेते हैं। बड़ों की बात सुनते हैं उन्हें वह मान लेते हैं। संभल के डॉ. राजेन्द्र आर्य ने कहा कि फूल खिलते हैं तो पत्ते भी निखर जाते हैं, साथ रहकर तेरे कुछ हम भी संवर जाते हैं।
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श्रीकांत लखीमपुर ने कहा कि कुछ गर्वीली मुस्कानों को झांप किया बिहार ने, छप्पन इंची सीने को भी नाप लिया बिहार ने। हाथरस के हास्य कवि सवरस मुरसानी ले अपनी कविता से जमकर गुदगुदाया। वहीं बहजोई के सौरभकांत शर्मा ने संचालन करते हुए कुछ ऐसा कहा कि झुकने दिया ही नहीं भारती का भाल कभी, राष्ट्र द्रोहियों को तलवार बनी चूड़ियां।
इस दौरान विधायक रामखिलाड़ी सिंह यादव, अपर मुख्य अधिकारी महावीर सिंह, व्रजेश शर्मा, अखलेश अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, गिरीश यादव मौजूद रहे।