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Sambhal News: बैंक पर उपभोक्ता आयोग ने लगाया 10 हजार का जुर्माना
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चंदौसी। उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता के केसीसी खाते से 5900 रुपये की धनराशि काटने के मामले में भारतीय स्टेट बैंक शाखा बहजोई पर मूल धनरशि जमा करने के अलावा 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही समयावधि में धनराशि जमा न करने पर नौ प्रतिशत वार्षिक दर से भुगतान करने के आदेश किए हैं।
बहजोई निवासी हृदेश अग्रवाल का भारतीय स्टेट बैंक शाखा बहजोई में एक केसीसी खाता है। जिसका नियमानुसार संचालन किया जाता है। बैंक ने परिवादी के खाते से ईएम चार्ज के नाम पर 5900 रुपये की कटौती कर ली। जिसकी शिकायत उन्होंने बैंक प्रबंधक से की और बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य में केसीसी खाते से ईएम चार्ज नहीं लिया जा सकता। उसके खाते से गलत रूप से चार्ज की कटौती की गई है। आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक ने उनकी कोई बात नहीं सुनी।
तब उन्होंने उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय से संपर्क किया तो उन्होंने शाखा प्रबंधक के लिए एक नोटिस ह्रदेश अग्रवाल की समस्या को लेकर बैंक को भेजा। परंतु बैंक ने उसका कोई जवाब नहीं दिया तो अधिवक्ता द्वारा एक परिवाद जिला उपभोक्ता आयोग में दाखिल किया गया।
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अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय ने बताया कि आयोग द्वारा नोटिस भेजकर बैंक को अपना पक्ष रखने के लिए कहा। परंतु बैंक की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ तो आयोग ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए बैंक को आदेशित किया कि वह परिवादी के खाते से काटी गई धनराशि 5900 रुपये और उस पर 27 अगस्त 2021 से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित उसके खाते में दो माह के अंदर जमा कर दें। इसके अलावा परिवादी को 5000 रुपये आर्थिक हानि एवं मानसिक कष्ट के मद में तथा 5000 रुपये वाद व्यय के मद में भी अदा करेंगे। नियत अवधि में धनराशि अदा न किए जाने की दशा में ब्याज नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से देय होगा।
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बहजोई निवासी हृदेश अग्रवाल का भारतीय स्टेट बैंक शाखा बहजोई में एक केसीसी खाता है। जिसका नियमानुसार संचालन किया जाता है। बैंक ने परिवादी के खाते से ईएम चार्ज के नाम पर 5900 रुपये की कटौती कर ली। जिसकी शिकायत उन्होंने बैंक प्रबंधक से की और बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य में केसीसी खाते से ईएम चार्ज नहीं लिया जा सकता। उसके खाते से गलत रूप से चार्ज की कटौती की गई है। आरोप लगाया कि शाखा प्रबंधक ने उनकी कोई बात नहीं सुनी।
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तब उन्होंने उपभोक्ता मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय से संपर्क किया तो उन्होंने शाखा प्रबंधक के लिए एक नोटिस ह्रदेश अग्रवाल की समस्या को लेकर बैंक को भेजा। परंतु बैंक ने उसका कोई जवाब नहीं दिया तो अधिवक्ता द्वारा एक परिवाद जिला उपभोक्ता आयोग में दाखिल किया गया।
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अधिवक्ता लव मोहन वार्ष्णेय ने बताया कि आयोग द्वारा नोटिस भेजकर बैंक को अपना पक्ष रखने के लिए कहा। परंतु बैंक की ओर से कोई उपस्थित नहीं हुआ तो आयोग ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए बैंक को आदेशित किया कि वह परिवादी के खाते से काटी गई धनराशि 5900 रुपये और उस पर 27 अगस्त 2021 से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित उसके खाते में दो माह के अंदर जमा कर दें। इसके अलावा परिवादी को 5000 रुपये आर्थिक हानि एवं मानसिक कष्ट के मद में तथा 5000 रुपये वाद व्यय के मद में भी अदा करेंगे। नियत अवधि में धनराशि अदा न किए जाने की दशा में ब्याज नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से देय होगा।