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Sambhal News: कांग्रेसियों ने इंदिरा का बलिदान दिवस और पटेल की जयंती मनाई
Sat, 02 Nov 2024 03:21 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sat, 02 Nov 2024 03:21 AM IST
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संभल। कांग्रेसियों ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का बलिदान दिवस और लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती मनाई। नेताओं के चित्र समक्ष पुष्प अर्पित करके उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए।
शहर अध्यक्ष तौकीर अहमद ने कहा कि इंदिरा गांधी दृढ़ संकल्प और दूरगामी कुशल राजनीतिज्ञ थी। उनके मजबूत और दूरदर्शी फैसलों ने न केवल भारत को अखंड बनाने का काम किया बल्कि विदेश में भी अपनी कुशलता का लोहा मनवाया। उन्होंने हिंदुस्तान-पाकिस्तान की जंग में पाकिस्तान को घुटने पर लाने पर मजबूर किया। उनकी फौज को मजबूर कर पाकिस्तान को दो भागों में बांटकर दूरगामी कुशल राजनीति का परिचय दिया। इंदिरा गांधी ने किसी भी परिस्थिति में देश के लिए समझौता नहीं किया। यहां तक देश की अखंडता और एकता के लिए उन्होंने भारत को अपना लहू देकर सींचा। इसलिए जब तक सूरज चांद रहेगा, देश इंदिरा गांधी को याद रखेगा।
वहीं, सरदार वल्लभभाई पटेल की कुशलता के कारण देश की आजादी के बाद जब देश अनेकों रियासतों में बंटा था, तो उन्हें सभी रियासतों को विलय कर मजबूत भारत बनाने का काम हुआ। सरदार पटेल ने कुशलतापूर्वक इसे पूर्ण भी किया। इस दौरान आरिफ तुर्की, आरिफ खान तनवीर, अकील अहमद, मोअज्जम हुसैन, तहसीन सैफी, इरफान अली, फिरासत खान, वीर सिंह सागर, जयपाल सिंह आदि रहे।
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शहर अध्यक्ष तौकीर अहमद ने कहा कि इंदिरा गांधी दृढ़ संकल्प और दूरगामी कुशल राजनीतिज्ञ थी। उनके मजबूत और दूरदर्शी फैसलों ने न केवल भारत को अखंड बनाने का काम किया बल्कि विदेश में भी अपनी कुशलता का लोहा मनवाया। उन्होंने हिंदुस्तान-पाकिस्तान की जंग में पाकिस्तान को घुटने पर लाने पर मजबूर किया। उनकी फौज को मजबूर कर पाकिस्तान को दो भागों में बांटकर दूरगामी कुशल राजनीति का परिचय दिया। इंदिरा गांधी ने किसी भी परिस्थिति में देश के लिए समझौता नहीं किया। यहां तक देश की अखंडता और एकता के लिए उन्होंने भारत को अपना लहू देकर सींचा। इसलिए जब तक सूरज चांद रहेगा, देश इंदिरा गांधी को याद रखेगा।
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वहीं, सरदार वल्लभभाई पटेल की कुशलता के कारण देश की आजादी के बाद जब देश अनेकों रियासतों में बंटा था, तो उन्हें सभी रियासतों को विलय कर मजबूत भारत बनाने का काम हुआ। सरदार पटेल ने कुशलतापूर्वक इसे पूर्ण भी किया। इस दौरान आरिफ तुर्की, आरिफ खान तनवीर, अकील अहमद, मोअज्जम हुसैन, तहसीन सैफी, इरफान अली, फिरासत खान, वीर सिंह सागर, जयपाल सिंह आदि रहे।
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