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सीएम को गुन्नौर लाने के लिए हो रही लामबंदी
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Mon, 02 Jan 2017 01:28 AM IST
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जिन जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच होना चाहिए वो पार्टी की कलह में सीएम के मददगार बनने के लिए सांसद के साथ लामबंदी कर रहे हैं। कई सांसद धर्मेंद्र यादव तो कुछ मुख्यमंत्री के आवास के चक्कर काटकर अपनी राजनीति चमकाने को लामबंदी करने में लगे। लिहाजा गुन्नौर से मुख्यमंत्री को चुनाव मैदान में लाने की लामबंदी भी जारी है।
शिवपाल यादव की सूची में रामखिलाड़ी यादव को प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन रविवार को शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से उनकी सूची का प्रभावहीन ही लग रही है। ऐसे में गुन्नौर के तमाम नेता और रामखिलाड़ी यादव के विरोधी गुट के लोग लखनऊ में उनका टिकट रोकने की लामबंदी में लग गए हैं।
सभी सीएम को गुन्नौर सीट से लड़ने के लिए मना रहे हैं। जबकि खुद रामखिलाड़ी यादव भी विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री को न्यौता दे चुके हैं कि वे अपने पिता की तरह ही गुन्नौर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ें। रामखिलाड़ी यादव के नाम की घोषणा के बाद से विरोधी गुट सक्रिय है। अंदरुनी बात यह है कि सपा परिवार के बड़े नेता ने स्वयं गुन्नौर नेताओं को इशारा दिया है कि वह मुख्यमंत्री को चुनाव लड़ने के लिए आमिंत्रत करें। ये संकेत मिल रहे हैं कि सीएम भी खुद गुन्नौर सीट से चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा को मजबूत करने के लिए ये फैसला लिया जा सकता है।
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बनते-बनते बिगड़ गई बात, कहीं जश्न कहीं मायूसी
मुरादाबाद। सपाइयों की नजरें रविवार को सुबह से ही पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन पर थी। शनिवार को पार्टी और सरकार के बीच हुई वार्ता के बाद सपा का दंगल खत्म होने के करीब पहुंच गया था। सपाइयों को भी यही उम्मीद थी कि पार्टी एक हो जाएगी। लेकिन बात बनते-बनते बिगड़ गई। विवाद की दीवार और मजबूत हो गई। जिसे लेकर जिले में कहीं जश्न मना तो कहीं मायूसी छा गई। अखिलेश खेमे के सपाइयों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई तो शिवपाल खेमा गम में डूबा रहा। चाचा-भतीजा की लड़ाई में जिले के सपाइयों में पहले ही खेमाबंदी खुलकर सामने आ चुकी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष से हटाए जाने के बाद से यहां सपा के दो गुट बन गए।
ये गुटबंदी हर मौके पर दिखी। बावजूद इसके रविवार को सपाइयों को उम्मीद थी कि आपसी सहमति बन जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से विवाद और बढ़ गया। इससे कहीं खुशी कहीं कम का माहौल बन गया है। अखिलेश समर्थकों ने नगर विधायक हाजी यूसुफ अंसारी के कार्यालय पर मिठाई बांटकर जश्न मनाई। ऐसा ही नजारा पूर्व जिलाध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी के कार्यालय बाहर के बाहर रहा। इसके शहर कई मोहल्लों जश्न मनाया गया। जबकि जिला कार्यालय पर मायूसी छायी रही। जिला कमेटी के लोग पार्टी की मौजूदा हालात पर मंथन करते रहे।
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शिवपाल यादव की सूची में रामखिलाड़ी यादव को प्रत्याशी बनाया गया था। लेकिन रविवार को शिवपाल यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से उनकी सूची का प्रभावहीन ही लग रही है। ऐसे में गुन्नौर के तमाम नेता और रामखिलाड़ी यादव के विरोधी गुट के लोग लखनऊ में उनका टिकट रोकने की लामबंदी में लग गए हैं।
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सभी सीएम को गुन्नौर सीट से लड़ने के लिए मना रहे हैं। जबकि खुद रामखिलाड़ी यादव भी विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री को न्यौता दे चुके हैं कि वे अपने पिता की तरह ही गुन्नौर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ें। रामखिलाड़ी यादव के नाम की घोषणा के बाद से विरोधी गुट सक्रिय है। अंदरुनी बात यह है कि सपा परिवार के बड़े नेता ने स्वयं गुन्नौर नेताओं को इशारा दिया है कि वह मुख्यमंत्री को चुनाव लड़ने के लिए आमिंत्रत करें। ये संकेत मिल रहे हैं कि सीएम भी खुद गुन्नौर सीट से चुनाव लड़ने का मन बना चुके हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा को मजबूत करने के लिए ये फैसला लिया जा सकता है।
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बनते-बनते बिगड़ गई बात, कहीं जश्न कहीं मायूसी
मुरादाबाद। सपाइयों की नजरें रविवार को सुबह से ही पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन पर थी। शनिवार को पार्टी और सरकार के बीच हुई वार्ता के बाद सपा का दंगल खत्म होने के करीब पहुंच गया था। सपाइयों को भी यही उम्मीद थी कि पार्टी एक हो जाएगी। लेकिन बात बनते-बनते बिगड़ गई। विवाद की दीवार और मजबूत हो गई। जिसे लेकर जिले में कहीं जश्न मना तो कहीं मायूसी छा गई। अखिलेश खेमे के सपाइयों ने मिठाई बांटकर खुशी मनाई तो शिवपाल खेमा गम में डूबा रहा। चाचा-भतीजा की लड़ाई में जिले के सपाइयों में पहले ही खेमाबंदी खुलकर सामने आ चुकी है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष से हटाए जाने के बाद से यहां सपा के दो गुट बन गए।
ये गुटबंदी हर मौके पर दिखी। बावजूद इसके रविवार को सपाइयों को उम्मीद थी कि आपसी सहमति बन जाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से विवाद और बढ़ गया। इससे कहीं खुशी कहीं कम का माहौल बन गया है। अखिलेश समर्थकों ने नगर विधायक हाजी यूसुफ अंसारी के कार्यालय पर मिठाई बांटकर जश्न मनाई। ऐसा ही नजारा पूर्व जिलाध्यक्ष हाजी इकराम कुरैशी के कार्यालय बाहर के बाहर रहा। इसके शहर कई मोहल्लों जश्न मनाया गया। जबकि जिला कार्यालय पर मायूसी छायी रही। जिला कमेटी के लोग पार्टी की मौजूदा हालात पर मंथन करते रहे।