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सपा में पूर्व जिला उपाध्यक्ष को नोटिस पर रार
अमर उजाला ब्यूरो/संभल
Updated Thu, 14 Apr 2016 01:12 AM IST
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सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामसरन
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राजनीतिक विरोधियों के मंच पर बैठने को लेकर सपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामसरन यादव अपनी ही पार्टी में विवादों से घिर गए। सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने उन्हें नोटिस जारी कर दिया। उपाध्यक्ष ने भी नोटिस का जवाब देकर नई बहस छेड़ दी है।
ब पार्टी के उन नेताओं के नाम भी लिए जा रहे हैं जो समय-समय पर अपने रानजीतिक विरोधियों के यहां किसी न किसी आयोजन में भागीदारी कर चुके हैं। विधान सभा चुनाव से पहले सपा में छिड़ी यह बहस जाहिर करती है कि पार्टी में कहीं न कहीं आपसी मतभेद गहरे हो चुके हैं।
अगर नेतृत्व ने इसे हल्के से लिया तो रार फैल सकती है। सपा में पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामसरन यादव 25 मार्च को सौंधन-सिहावली में आयोजित ध्वजा मेले में शामिल होने गए थे। मेले में एक तरफ सपा की विधायक पिंकी यादव का मंच था तो दूसरी ओर जिला पंचायत सदस्य उदयवीर यादव उर्फ पप्पू का मंच था। चुनाव करीब है।
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इसलिए इनका सियासी अर्थ-मतलब भी था। रामसरन यादव पिंकी यादव के मंच पर नहीं गए बल्कि उन्होंने उदयवीर यादव के मंच को प्रमुखता दी। उदयवीर सिंह कभी राष्ट्रीय परिवर्तन दल के प्रमुख डीपी यादव के करीबी रहे हैं। उनके मंच पर रामसरन का बैठना विधायक को अखर गया।
उन्होंने पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव को धनारी क्षेत्र में उस वक्त जानकारी दी जब पार्टी के कई दिग्गज मंच पर थे। विधायक की ओर से मौखिक शिकायत मिलने पर सपा के जिलाध्यक्ष रामसरन यादव को नोटिस जारी कर दिया।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि रामसरन यादव राष्ट्रीय परिवर्तन दल के मंच पर बैठे थे जबकि रामसरन का कहना है कि होली मिलन समारोह का मंच था। किसी दल का झंडा और बैनर नहीं था। इसमें पार्टी विरोधी क्या है।
उन्होंने अपने जवाब में इसका उल्लेख करते हुए यह सवाल भी खड़ा किया कि पिंकी यादव जब कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम के साथ 20 मार्च को मंच साझा कर रही थीं तब वह मंच किस पार्टी का था।
इसके साथ ही सपा के पूर्व पदाधिकारी और पिंकी यादव के करीबी मऊ भूड़ निवासी फिरोज खां ने नई बहस छेड़ी है। उनका कहना है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम की ओर से कल्कि महोत्सव आयोजित किया गया था। इस महोत्सव में कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव, आजम खां, शाहिद मंजूर, नवाब इकबाल महमूद समेत सपा की कई हस्तियां गईं थीं तब राससरन यादव ने क्यों नहीं कोई सवाल उठाया? उन्होंने कहा कि यह सवाल तब उठाया जा रहा है जब वे खुद फंस रहे हैं।
विधायक, असमोली पिंकी यादव ने कहा मैं यह बताना चाहती हूं कि मऊ भूड़ में 20 मार्च को होली मिलन समारोह के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई थी, उसमें मैं मुख्य अतिथि थी। आयोजन सपा की विधानसभा इकाई के पूर्व अध्यक्ष फिरोज खां ने किया था। उस आयोजन को लेकर सवाल उठाने वाले लोग बेवजह का विवाद खड़ा कर रहे हैं।
पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामसरन यादव बाोले जिस मंच को राजनीतिक बताया गया है वह होली मिलन का मंच था। यदि कोई होली और ईद मिलने से भी रोकेगा तो कैसे चलेगा। मैं तो यही कहूंगा कि किसी दबाव में मेरे खिलाफ राजनीतिक द्वेष से आरोप लगाए गए हैं। मैं पार्टी के प्रति पहले की तरह निष्ठावान हूं और आगे भी रहूंगा।
सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने कहा रामसरन यादव का जवाब मिल गया है। इस पर विचार विमर्श हो रहा है। जल्द ही पार्टी निर्णय लेगी। जहां तक आचार्य प्रमोद कृष्णम का सवाल है, उसमें मुझे यही कहना है कि प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के नहीं हैं बल्कि कल्कि पीठाधीश्वर हैं। सपा दिग्गज कल्कि महोत्सव में गए थे। न कि किसी सियासी कार्यक्रम में। इसलिए उन्हें लेकर कोई सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है।
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ब पार्टी के उन नेताओं के नाम भी लिए जा रहे हैं जो समय-समय पर अपने रानजीतिक विरोधियों के यहां किसी न किसी आयोजन में भागीदारी कर चुके हैं। विधान सभा चुनाव से पहले सपा में छिड़ी यह बहस जाहिर करती है कि पार्टी में कहीं न कहीं आपसी मतभेद गहरे हो चुके हैं।
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अगर नेतृत्व ने इसे हल्के से लिया तो रार फैल सकती है। सपा में पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामसरन यादव 25 मार्च को सौंधन-सिहावली में आयोजित ध्वजा मेले में शामिल होने गए थे। मेले में एक तरफ सपा की विधायक पिंकी यादव का मंच था तो दूसरी ओर जिला पंचायत सदस्य उदयवीर यादव उर्फ पप्पू का मंच था। चुनाव करीब है।
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इसलिए इनका सियासी अर्थ-मतलब भी था। रामसरन यादव पिंकी यादव के मंच पर नहीं गए बल्कि उन्होंने उदयवीर यादव के मंच को प्रमुखता दी। उदयवीर सिंह कभी राष्ट्रीय परिवर्तन दल के प्रमुख डीपी यादव के करीबी रहे हैं। उनके मंच पर रामसरन का बैठना विधायक को अखर गया।
उन्होंने पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव को धनारी क्षेत्र में उस वक्त जानकारी दी जब पार्टी के कई दिग्गज मंच पर थे। विधायक की ओर से मौखिक शिकायत मिलने पर सपा के जिलाध्यक्ष रामसरन यादव को नोटिस जारी कर दिया।
नोटिस में आरोप लगाया गया है कि रामसरन यादव राष्ट्रीय परिवर्तन दल के मंच पर बैठे थे जबकि रामसरन का कहना है कि होली मिलन समारोह का मंच था। किसी दल का झंडा और बैनर नहीं था। इसमें पार्टी विरोधी क्या है।
उन्होंने अपने जवाब में इसका उल्लेख करते हुए यह सवाल भी खड़ा किया कि पिंकी यादव जब कांग्रेस के लोकसभा उम्मीदवार रहे आचार्य प्रमोद कृष्णम के साथ 20 मार्च को मंच साझा कर रही थीं तब वह मंच किस पार्टी का था।
इसके साथ ही सपा के पूर्व पदाधिकारी और पिंकी यादव के करीबी मऊ भूड़ निवासी फिरोज खां ने नई बहस छेड़ी है। उनका कहना है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम की ओर से कल्कि महोत्सव आयोजित किया गया था। इस महोत्सव में कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव, आजम खां, शाहिद मंजूर, नवाब इकबाल महमूद समेत सपा की कई हस्तियां गईं थीं तब राससरन यादव ने क्यों नहीं कोई सवाल उठाया? उन्होंने कहा कि यह सवाल तब उठाया जा रहा है जब वे खुद फंस रहे हैं।
विधायक, असमोली पिंकी यादव ने कहा मैं यह बताना चाहती हूं कि मऊ भूड़ में 20 मार्च को होली मिलन समारोह के साथ शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई थी, उसमें मैं मुख्य अतिथि थी। आयोजन सपा की विधानसभा इकाई के पूर्व अध्यक्ष फिरोज खां ने किया था। उस आयोजन को लेकर सवाल उठाने वाले लोग बेवजह का विवाद खड़ा कर रहे हैं।
पूर्व जिला उपाध्यक्ष रामसरन यादव बाोले जिस मंच को राजनीतिक बताया गया है वह होली मिलन का मंच था। यदि कोई होली और ईद मिलने से भी रोकेगा तो कैसे चलेगा। मैं तो यही कहूंगा कि किसी दबाव में मेरे खिलाफ राजनीतिक द्वेष से आरोप लगाए गए हैं। मैं पार्टी के प्रति पहले की तरह निष्ठावान हूं और आगे भी रहूंगा।
सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने कहा रामसरन यादव का जवाब मिल गया है। इस पर विचार विमर्श हो रहा है। जल्द ही पार्टी निर्णय लेगी। जहां तक आचार्य प्रमोद कृष्णम का सवाल है, उसमें मुझे यही कहना है कि प्रमोद कृष्णम कांग्रेस के नहीं हैं बल्कि कल्कि पीठाधीश्वर हैं। सपा दिग्गज कल्कि महोत्सव में गए थे। न कि किसी सियासी कार्यक्रम में। इसलिए उन्हें लेकर कोई सवाल उठाने का कोई औचित्य नहीं है।