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नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों व गर्भवतियों का 'मिशन इंद्रधनुष' से होगा टीकाकरण
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चंदौसी। कोरोना संक्रमण के चलते पिछले एक साल में नियमित टीकाकरण प्रभावित हुआ है। विभाग के सर्वे में 93.6 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं और 91.9 प्रतिशत जन्म से दो साल तक के बच्चों को टीके नहीं लग पाए हैं। नियमित टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिला व बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए सात मार्च से मिशन इंद्रधनुष अभियान चलाया जाएगा। टीमें घर-घर जाकर बच्चों व गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करेंगी और टीके लगाएंगी। इस बार यह अभियान प्रत्येक माह की सात तारीख से चलेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी सप्ताह के आखिर में अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक हुए नियमित टीकाकरण का सर्वे कराया। सर्वे में सामने आया कि गर्भवती महिलाओं व जन्म से दो साल तक के अधिकांश बच्चों को सात जानलेवा बीमारियों से बचाव के सभी टीके नहीं लगे हैं। शासन का सात बीमारियों के नियंत्रण पर विशेष ध्यान है। इसके लिए सात मार्च से 14 मार्च तक मिशन इंद्रधनुष चलाकर टीकाकरण किया जाएगा।
हर साल मिशन इंद्रधनुष केवल एक ही माह चलता था। इस बार शासन ने प्रत्येक माह की सात तारीख से 14 तारीख से अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आशा वर्कर और एएनएम सात तारीख से अभियान चलाएंगी और घर-घर जाकर टीकाकरण से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करेंगी, साथ ही उनका टीकाकरण भी करेगी।
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इन बीमारियों से बचाव को लगते हैं टीके
मिशन इंद्रधनुष के तहत गर्भवती व जन्म से दो साल तक बच्चों को काली खांसी, टिटनेस, गला घोटू, पोलियो, पीलिया, टीबी और दिमागी बुखार से बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं।
इस बार मिशन इंद्रधनुष अभियान सात तारीख से 14 तक चलेगा। शासन ने प्रत्येक माह की सात तारीख को अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जो गर्भवती महिला और बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं, उन्हें चिह्नित कर जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगाया जाएगा।
डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी
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स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी सप्ताह के आखिर में अप्रैल 2021 से जनवरी 2022 तक हुए नियमित टीकाकरण का सर्वे कराया। सर्वे में सामने आया कि गर्भवती महिलाओं व जन्म से दो साल तक के अधिकांश बच्चों को सात जानलेवा बीमारियों से बचाव के सभी टीके नहीं लगे हैं। शासन का सात बीमारियों के नियंत्रण पर विशेष ध्यान है। इसके लिए सात मार्च से 14 मार्च तक मिशन इंद्रधनुष चलाकर टीकाकरण किया जाएगा।
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हर साल मिशन इंद्रधनुष केवल एक ही माह चलता था। इस बार शासन ने प्रत्येक माह की सात तारीख से 14 तारीख से अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। आशा वर्कर और एएनएम सात तारीख से अभियान चलाएंगी और घर-घर जाकर टीकाकरण से वंचित बच्चों और गर्भवती महिलाओं को चिह्नित करेंगी, साथ ही उनका टीकाकरण भी करेगी।
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इन बीमारियों से बचाव को लगते हैं टीके
मिशन इंद्रधनुष के तहत गर्भवती व जन्म से दो साल तक बच्चों को काली खांसी, टिटनेस, गला घोटू, पोलियो, पीलिया, टीबी और दिमागी बुखार से बचाव के लिए टीके लगाए जाते हैं।
इस बार मिशन इंद्रधनुष अभियान सात तारीख से 14 तक चलेगा। शासन ने प्रत्येक माह की सात तारीख को अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जो गर्भवती महिला और बच्चे टीकाकरण से वंचित हैं, उन्हें चिह्नित कर जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगाया जाएगा।
डॉ. मनोज चौधरी, जिला सर्विलांस अधिकारी