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158 साल की हुई चंदौसी नगर पालिका, देखे कई बड़े बदलाव

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Jul 2021 11:24 PM IST
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Chandausi Municipality turned 158 years old
चंदौसी। मिनी वृंदावन, उत्तर भारत के प्रसिद्ध गणेश चौथ मेले के नाम से मशहूर और मेंथा इंडस्ट्री से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पहचान बनवाने वाली चंदौसी नगर पालिका 158 साल की हो गई है। आठ जुलाई 1863 को चंदौसी नगर पालिका का गठन हुआ था और पहले चेयरमैन राय साहब जगन्नाथ (मजिस्ट्रेट) बने थे। अपने इस सफर में पालिका ने कई बड़े बदलाव देखे। आबादी 23,247 से बढ़कर करीब 1.40 लाख हो गई है। इस सफर में पालिका ने 1923 से अब तक 27 चेयरमैन दिए हैं। बता दें कि 1923 से पहले के रिकार्ड पालिका में उपलब्ध नहीं हैं। वार्डों की सीमा बढ़कर भी 25 तक पहुंच गई है। चेयरमैन के चयन के लिए पहले सुपरसेेशन व्यवस्था थी और पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद से 1989 से चेयरमैन पब्लिक के द्वारा चुने जाने लगे।
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मंडल की सबसे पुरानी नगर पालिका है चंदौसी
सेवानिवृत्त लिपिक मुख्त्यार हुसैन ने बताया कि चंदौसी में फव्वारा चौक के निकट पालिका के लिए भवन का निर्माण 1858 में हो गया था। इसके बाद एक्ट 1850 (26) के अंतर्गत आठ जुलाई 1863 को चंदौसी नगर पालिका का गठन किया गया। पहले चेयरमैन राय साहब जगन्नाथ (मजिस्ट्रेट) मनोनीत हुए थे। उन्होंने पालिका संचालन के पांच सदस्यों का मनोनयन किया। नगर पालिका चंदौसी मुरादाबाद मंडल की सबसे पुरानी नगर पालिका है। इसके छह माह बाद मुरादाबाद को नगर पालिका का दर्जा मिला था। मुरादाबाद वर्तमान में नगर निगम है।
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1923 से अब तक चुने गए हैं 27 चेयरमैन
पालिका रिकार्ड के मुताबिक 1923 से लेकर अब 27 चेयरमैन चुने गए और सात प्रशासक तैनात रहे हैं। 1923 में रामकिशोर साहू चेयरमैन बने थे, वर्तमान में इंदू रानी चेयरमैन हैं। 1863 में रायसाहब जगन्नाथ के बाद जो रिकॉर्ड मिलता है वह 1923 का मिलता है जिसके अनुसार सन 1923 में रामकिशोर साहू चेयरमैन थे। वर्ष 1969 से 1989 तक चेयरमैन का चुनाव नहीं हुआ। प्रशासन की देखरेख में संचालन हुआ। 1969 से पहले सुपरसीट यानी सुपरसेशन व्यवस्था थी। जनता सदस्य चुनती थी और सदस्य पालिका अध्यक्ष का चुनाव करते थे। पंचायती राज व्यवस्था लागू होने के बाद 1989 में पहली बार चुनाव हुए। तब से अब तक पब्लिक के द्वारा ही मतदान करके चेयरमैन चुनने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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1969 में शासन ने डीएम वीएस कटारा को नियुक्त किया प्रशासक
शासकीय विज्ञप्ति के अंतर्गत छह अगस्त 1969 को अतिक्रमण करके जिलाधिकारी वीएस कटारा को प्रशासक नियुक्त किया गया था। पीसी जोशी परगनाधिकारी बिलारी ने प्रभारी अधिकारी के रूप में पद भार ग्रहण किया था।
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