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बदियों पर मुकदमा लिखाने वाले की सुरक्षा, ग्रामीण बने पहरेदार
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चंदौसी में फरार बंदियों पर मुकदमा लिखाने वाले के गांव आटा में पहरेदारी करते ग्रामीण।
- फोटो : CHANDAUSI
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चंदौसी। बनियाठेर थाना क्षेत्र के आटा गांव निवासी पीतांबर ने ही रंपुरा की शकील व धर्मपाल व भरतरा गांव के कमल बहादुर के खिलाफ अपहरण का मुकदमा लिखाया था। उसी मुकदमें की सुनवाई में 17 जुलाई को तीनो आरोपी न्यायालय में पेशी पर आए थे। अब तीनों आरोपियों के फरार होने के बाद यह आशंका उत्पन्न हो गई है कि फरार बंदी बदला लेने की नीयत से इस परिवार पर हमला कर सकते है। यही कारण है कि पुलिस ने इस परिवार की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों ने भी लाठी डंडे लेकर रातभर पहरेदारी शुरू कर दी है।
आटा गांव निवासी पीतांबर के पुत्र स्वराज ने बताया कि 2014 में उसकी पिता ने अपने बेटे व भांजे के अपहरण का मुकदमा शकील, धर्मपाल व कमल के खिलाफ लिखाया था। तीनों ने दोनों को अगुवा कर फिरौती मांगनी शुरू कर दी थी लेकिन समय से जानकारी मिल जाने के कारण ग्रामीणों ने एक ट्यूबवेल की कोठरी से दोनों को छुड़ा लिया था। इसी मुकदमे की सुनवाई पर तीनों को 17 जुलाई को पेशी पर लाया गया था।
चंदौसी से वापस जाते समय तीनों ने इस वारदात को अंजाम दे दिया और रायफल लूटकर भाग निकले। तीनो खुले घूम रहे हैं, इससे उसके परिवार को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। बदला लेने के लिए तीनों आरोपी कुछ भी कर सकते है।
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इसलिए परिवार को भय लग रहा है। ग्रामीण भी सहमे हुए हैं और सतर्क है। हालांकि पुलिस ने उसके घर पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया है, जिससे भय काफी हद तक कम हो गया है। बाहर की आवाजाही भी कम कर दी है।
इधर, गांव के युवाओं ने लाठी डंडे लेकर गांव के पहरेदारी भी शुरू कर दी है। पहरा पूरी रात जारी रहता है। क्योंकि यह आशंका है कि तीनों बंदी, जिनके पास शस्त्र भी हैं, वह कभी भी गांव में आ सकते हैं। इसके लिए लोग रातों को जाग भी रहे हैं।
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आटा गांव निवासी पीतांबर के पुत्र स्वराज ने बताया कि 2014 में उसकी पिता ने अपने बेटे व भांजे के अपहरण का मुकदमा शकील, धर्मपाल व कमल के खिलाफ लिखाया था। तीनों ने दोनों को अगुवा कर फिरौती मांगनी शुरू कर दी थी लेकिन समय से जानकारी मिल जाने के कारण ग्रामीणों ने एक ट्यूबवेल की कोठरी से दोनों को छुड़ा लिया था। इसी मुकदमे की सुनवाई पर तीनों को 17 जुलाई को पेशी पर लाया गया था।
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चंदौसी से वापस जाते समय तीनों ने इस वारदात को अंजाम दे दिया और रायफल लूटकर भाग निकले। तीनो खुले घूम रहे हैं, इससे उसके परिवार को भी खतरा उत्पन्न हो गया है। बदला लेने के लिए तीनों आरोपी कुछ भी कर सकते है।
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इसलिए परिवार को भय लग रहा है। ग्रामीण भी सहमे हुए हैं और सतर्क है। हालांकि पुलिस ने उसके घर पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात कर दिया है, जिससे भय काफी हद तक कम हो गया है। बाहर की आवाजाही भी कम कर दी है।
इधर, गांव के युवाओं ने लाठी डंडे लेकर गांव के पहरेदारी भी शुरू कर दी है। पहरा पूरी रात जारी रहता है। क्योंकि यह आशंका है कि तीनों बंदी, जिनके पास शस्त्र भी हैं, वह कभी भी गांव में आ सकते हैं। इसके लिए लोग रातों को जाग भी रहे हैं।