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केंद्र व्यवस्थापकों को हर दिन एक-एक कॉपी का देना होगा हिसाब
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संभल। यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों पर कॉपियों की हेराफेरी नहीं हो सकेगी। बोर्ड ने हेराफेरी रोकने के लिए इस बार और पुख्ता इंतजाम किए हैं। परीक्षार्थी को उत्तर पुस्तिका के हर पेज पर अपना अनुक्रमांक लिखना होगा। परीक्षा केंद्रों को भी प्रतिदिन एक-एक कापी का हिसाब देना होगा।
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 72 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के लिए 44,500 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा 24 मार्च से प्रस्तावित हैं। परीक्षा केंद्रों को कापियों का वितरण शुरू हो गया है। केंद्र को परीक्षार्थियों की आवंटित संख्या के अनुसार अ तथा ब कापी मिलेंगी। शासन से उत्तर पुस्तिकाओं के इस्तेमाल के लिए निर्देश तय हैं। केंद्र व्यवस्थापक अपनी मनमर्जी से उत्तरपुस्तिकाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। डीआईओएस मनोज कुमार आर्य ने बताया कि केंद्रों को बोर्ड परीक्षा में आवंटित एक-एक उत्तर पुस्तिका का हिसाब देना होगा। सभी उत्तर पुस्तिका क्रमांकित हैं और परीक्षा कक्ष में छात्रों को क्रम से वितरित होंगी। परीक्षा से अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थी की उत्तर पुस्तिका विवरण के साथ लौटानी होगी। यदि परीक्षा में अ उत्तर पुस्तिका की जरूरत पड़ती है तो केंद्र व्यवस्थापक को बची अ उत्तर पुस्तिका का इस्तेमाल करने के लिए डीआईओएस की अनुमति लेनी होगी।
उत्तर पुस्तिकाओं के इस्तेमाल का कोटा तय
-शासन को बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं के बदलने की शिकायत मिलती रही है। इसलिए बोर्ड ने विद्यार्थियों को अ उत्तर पुस्तिका क्रमांक से वितरित करने के साथ ब उत्तर पुस्तिकाओं के आवंटन पर शर्त निर्धारित कर दी है। डीआईओएस ने बताया कि हाईस्कूल व इंटर के आवंटन के अलग-अलग मानक हैं। बोर्ड का निर्देश हैं कि केंद्र को हाईस्कूल परीक्षा के लिए आवंटित होने वाली उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या की 40 प्रतिशत तथा इंटर के लिए अ उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या की 30 प्रतिशत होगी।
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हेराफेरी रोकने के लिए उठाया सख्त कदम
-बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं की हेरा फेरी नहीं हो सकेगी। इसके लिए बोर्ड ने सख्त कदम उठाया है। विद्यार्थी को परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पेज पर अपना अनुक्रमांक लिखना है। कक्ष निरीक्षक को परीक्षा समाप्त होने से 15 मिनट पहले यह निर्देश विद्यार्थियों को देना अनिवार्य है। अभी तक विद्यार्थी परीक्षा में जहां लिखना समाप्त करते थे केवल वहीं अपना अनुक्रमांक लिखते थे।
यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। शासन और बोर्ड से जो भी निर्देश मिले हैं, केंद्र व्यवस्थापकों को उनसे अवगत करा दिया गया है। पूरी पारदर्शिता के साथ नकलविहीन परीक्षाएं सकुशल संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कॉपियों का हिसाब रखने को भी कहा है।
मनोज कुमार आर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक, संभल।
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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में 72 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा के लिए 44,500 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा 24 मार्च से प्रस्तावित हैं। परीक्षा केंद्रों को कापियों का वितरण शुरू हो गया है। केंद्र को परीक्षार्थियों की आवंटित संख्या के अनुसार अ तथा ब कापी मिलेंगी। शासन से उत्तर पुस्तिकाओं के इस्तेमाल के लिए निर्देश तय हैं। केंद्र व्यवस्थापक अपनी मनमर्जी से उत्तरपुस्तिकाओं का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। डीआईओएस मनोज कुमार आर्य ने बताया कि केंद्रों को बोर्ड परीक्षा में आवंटित एक-एक उत्तर पुस्तिका का हिसाब देना होगा। सभी उत्तर पुस्तिका क्रमांकित हैं और परीक्षा कक्ष में छात्रों को क्रम से वितरित होंगी। परीक्षा से अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थी की उत्तर पुस्तिका विवरण के साथ लौटानी होगी। यदि परीक्षा में अ उत्तर पुस्तिका की जरूरत पड़ती है तो केंद्र व्यवस्थापक को बची अ उत्तर पुस्तिका का इस्तेमाल करने के लिए डीआईओएस की अनुमति लेनी होगी।
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उत्तर पुस्तिकाओं के इस्तेमाल का कोटा तय
-शासन को बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं के बदलने की शिकायत मिलती रही है। इसलिए बोर्ड ने विद्यार्थियों को अ उत्तर पुस्तिका क्रमांक से वितरित करने के साथ ब उत्तर पुस्तिकाओं के आवंटन पर शर्त निर्धारित कर दी है। डीआईओएस ने बताया कि हाईस्कूल व इंटर के आवंटन के अलग-अलग मानक हैं। बोर्ड का निर्देश हैं कि केंद्र को हाईस्कूल परीक्षा के लिए आवंटित होने वाली उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या की 40 प्रतिशत तथा इंटर के लिए अ उत्तर पुस्तिकाओं की संख्या की 30 प्रतिशत होगी।
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हेराफेरी रोकने के लिए उठाया सख्त कदम
-बोर्ड परीक्षा में उत्तर पुस्तिकाओं की हेरा फेरी नहीं हो सकेगी। इसके लिए बोर्ड ने सख्त कदम उठाया है। विद्यार्थी को परीक्षा के दौरान उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पेज पर अपना अनुक्रमांक लिखना है। कक्ष निरीक्षक को परीक्षा समाप्त होने से 15 मिनट पहले यह निर्देश विद्यार्थियों को देना अनिवार्य है। अभी तक विद्यार्थी परीक्षा में जहां लिखना समाप्त करते थे केवल वहीं अपना अनुक्रमांक लिखते थे।
यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। शासन और बोर्ड से जो भी निर्देश मिले हैं, केंद्र व्यवस्थापकों को उनसे अवगत करा दिया गया है। पूरी पारदर्शिता के साथ नकलविहीन परीक्षाएं सकुशल संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कॉपियों का हिसाब रखने को भी कहा है।
मनोज कुमार आर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक, संभल।